मुंबई : देश में पहले से जारी असहिष्णुता पर बहस को सोमवार को फिल्म अभिनेता आमिर खान के बयान से और हवा मिल गई, जिसपर कांग्रेस और फिल्मी दुनिया के कुछ कलाकारों ने जहां आमिर की पीठ थपथपाई, वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने विपक्ष पर देश को बदनाम करने की साजिश का आरोप लगाया। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू ने अभिनेता आमिर खान की टिप्पणी का यह कहते हुए जोरदार खंडन किया कि तथ्यात्मक रिकॉर्ड उनके बयान के विपरीत है।
आमिर ने कहा था कि देश में बढ़ रही असुरक्षा की भावना के मद्देनजर, उनकी पत्नी ने एक बार यहां तक सुझाव दे दिया कि उन्हें संभवत: देश छोड़ देना चाहिए।
रिजिजू ने कहा, “रिकॉर्ड दर्शाता है कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के सत्ता में आने के बाद देश में सांप्रदायिक दंगों में कमी आई है। इस तरह का बेतुका बयान देना कि राजग सरकार के सत्ता में आने के बाद देश में असहिष्णुता बढ़ गई है, केवल देश की छवि को खराब करना है।”
इंडियन एक्सप्रेस समूह द्वारा आयोजित रामनाथ गोयनका पुरस्कार समारोह के दौरान आमिर खान ने कहा कि देश में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। घर में जब वह अपनी पत्नी से बात करते हैं, तो वह कहती है कि क्या हमें भारत से बाहर चले जाना चाहिए। उनकी पत्नी का यह बयान आश्चर्यजनक व बेचैन करने वाला है। अभिनेता ने पुरस्कार लौटाने वाली हस्तियों का समर्थन किया और कहा कि पुरस्कार लौटाना रचनात्मक लोगों द्वारा अपना असंतोष जाहिर करने का एक तरीका है।
भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा, “आमिर खान एक बयान देते हैं और राहुल गांधी उसका समर्थन करते हैं। राहुल के बयान से साफ हो गया है कि देश को बदनाम करने की साजिश रची जा रही है।”
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी मौके पर चौका मारने का मौका नहीं चूके।
राहुल ने देश में बढ़ती असहिष्णुता पर फिल्म अभिनेता आमिर खान के विचारों का समर्थन किया।
आमिर का समर्थन करते हुए राहुल ने ट्वीट किया, “सरकार और मोदी जी से सवाल करने वालों को देशद्रोही या राजनीति प्रेरित करार देने के बदले सरकार को लोगों के बीच जाकर यह जानने की कोशिश करनी चाहिए कि कौन-सी बात उन्हें परेशान कर रही है।”
राहुल ने इसके बाद एक अन्य ट्वीट में लिखा, “भारत में समस्या सुलझाने का यही तरीका है, न कि डरा कर, धमका कर और गाली देकर।”
भाजपा प्रवक्ता नलिन कोहली ने कहा, “वस्तुत: सबसे बड़ी बात यह है कि यह देश असंतोष की अभिव्यक्ति सहित मुक्त बहस का साक्षी रहा है, जो सहिष्णु समाज का सबूत है। क्या इस तरह का वाकया पड़ोसी मुल्क में हो सकता है?”
वहीं, अभिनेता आमिर खान के विचारों की आलोचना करते हुए भाजपा सांसद किरण खेर के पति अनुपम खेर, फिल्मकार राम गोपाल वर्मा और अशोक पंडित ने कहा कि व्यापक तौर पर प्रसिद्ध कलाकार को भय का नहीं, आशा का प्रचार करना चाहिए।
अनुपम ने ट्वीट में आमिर से पूछा, “क्या आपने उन्हें बताया कि इस देश ने आपको आमिर खान बनाया है, एक दिग्गज कलाकार।”
धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र को ‘हिदू देश’ बताते हुए उन्होंने कहा, “मुख्य रूप से हिदू देश में तीन मुसलमान कलाकारों का सुपरस्टार होना साबित करता है कि आधे से ज्यादा लोग असहिष्णु नहीं हैं।”
दिग्गज फिल्मकार राम गोपाल वर्मा ने भी कहा कि आमिर, सलमान और शाहरुख खान देश के तीन सबसे बड़े कलाकार हैं और मुझे समझ में नहीं आता कि देश में असहिष्णुता कहां है?
सेंसर बोर्ड प्रमुख अशोक पंडित ने चेतावनी देते हुए कहा, “अब आमिर को भी असहिष्णुता महसूस हो रही है। हम सबको एक बार फिर साबित करना होगा कि हम सच में असहिष्णु हैं।”
वहीं, भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान के विद्यार्थियों द्वारा यहां समानांतर रूप से आयोजित एक फिल्म महोत्सव से अलग मिर्जा ने आईएएनएस से कहा, “देखिए, आपके पास दृष्टिकोण हैं। उन्हें सुनें। मैंने आज सुबह आमिर खान के बयान के बारे में सुना। वास्तव में मैं इस बारे में पढ़ा। उनका एक दृष्टिकोण है, उसे सुनिए। हम इस पर बहस कर सकते हैं।”




