नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी के नेता योगेन्द्र यादव को शनिवार को विरोध का सामना करना पडा। उनके चेहरे पर किसी ने काली स्याही फेंक दी। घटना के बाद योगेंद्र यादव ने कहा, मैं देख भी नहीं पाया कि कौन व्यक्ति था और उसका क्या इरादा था। दरअसल, योगेंद्र यादव आप के अन्य नेताओं के साथ जंतर-मंतर पर एक समारोह में हिस्सा लेने पहुंचे थे, तभी पीछे से आकर एक महिला ने उनके चेहरे पर कालिख पोत दी। जंतर-मंतर पर शनिवार को अंतराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर समारोह आयोजित किया गया था, जिसमें आप के कई नेता मौजूद थे।
मौके पर मौजूद आप कार्यकर्ताओं के मुताबिक, एक महिला दो लोगों के साथ यहां पहुंची और अचानक मीडिया से बात कर रहे योगेंद्र यादव के चेहरे पर कालिख पोत दी। पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए योगेंद्र यादव ने कहा कि जिसने भी इस घटना को अंजाम दिया है भगवान उसे सदबुद्धि दे।
उन्होंने कहा, मैं देख भी नहीं पाया कि कौन व्यक्ति था और उसका क्या इरादा था। मैं बिना देखे उस पर कोई आरोप लगा दूं, तो इसका मतलब नहीं होगा। मैं समझता हूं कि जब आप राजनीति करने निकलते हैं, बडी-बडी शक्तियों के सामने खडे होते हैं, तो कुछ कीमत देने के लिए तो तैयार होना ही चाहिए।
यादव ने कहा कि उन्हें अपने ऊपर स्याही फेंके जाने पर कोई शर्मिदगी नहीं है। उन्होंने कहा, ये जो भी मेरे चेहरे पर लगा है, कम से कम मुझे इसके लिए शर्मिदगी नहीं है। हमने कोई ऎसा काम नहीं किया है जिसके लिए शर्मिदगी हो। जिस भाई ने यह किया है, भगवान उसे सद्बुदि्ध दे। आप नेता ने कहा, मैं यहां बैठा हुआ मीडिया से बात कर रहा था, अचानक पीछे से कोई आया और उसने मेरे चेहरे पर कुछ लगा दिया। मैं समझ भी नहीं सका कि उसने क्या लगाया है। एक बार फिर आम आदमी के साथ वहीं हुआ है।
आम आदमी पार्टी को इससे पहले भी कई बार विरोध का सामना करना पडा है। कुछ समय पहले आप के संयोजक अरविंद केजरीवाल के ऊपर भी भरी सभा में स्याही फेंकी गई थी। कांग्रेस महासचिव दिगि्वजय सिंह ने इस घटना की निंदा की है।




