नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने आम आदमी पार्टी (आप) की नेता शाजिया इल्मी को छोड़ दिया है। बुधवार रात को भाजपा मुख्यालय के बाहर आप और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद गुरूवार को पुलिस ने आप नेता को थाने बुलाया था।
पुलिस ने पूछताछ के बाद शाजिया को शाम को छोड़ दिया। शाजिया के अलावा आप के अन्य नेता आशुतोष को भी दिल्ली पुलिस संसद मार्ग थाने ले गई है। पुलिस पूछताछ के लिए आशुतोष को थाने लेकर गई है। उनको गिरफ्तारी नहीं किया गया है। हालांकि, पुलिस ने उन्हें अभी नहीं छोड़ा है।
पुलिस ने सीआरपीसी की धारा 160 के तहत आशुतोष को नोटिस दिया। आशुतोष ने कहा है कि वह पुलिस के साथ जांच में सहयोग करेंगे। आशुतोष ने पार्टी कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जो कार्यकर्ता हंगामा करेगा उसे पार्टी से बाहर कर दिया जाएगा। आशुतोष भाजपा मुख्यालय के बाहर हिंसक प्रदर्शन के मामले में आरोपी है।
शाजिया इल्मी ने कबूल किया कि उनके कार्यकर्ताओं से गलती हुई थी। यह पहली और आखिरी गलती है। दिल्ली पुलिस ने आशुतोष,शाजिया इल्मी,प्रोफेसर आनंद कुमार सहित कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
सभी के खिलाफ दंगा भड़काने,सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने,चोट पहुंचाने और सरकारी कर्मचारियों को अपनी डयूटी निभाने से रोकने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया जबकि 30 लोगों को हिरासत में लिया था। गिरफ्तार किए गए 14 लोगों को कोर्ट ने जमानत दे दी है।
दिल्ली पुलिस के संयुक्त आयुक्त एमके मीणा ने कहा आम आदमी पार्टी के 14 नेताओं को गिरफ्तार किया गया था। मीणा ने आशुतोष के इस दावे को खारिज किया है कि प्रोफेसर आनंद कुमार गिरफ्तार किए जा चुके हैं। शाजिया इल्मी ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े किए हैं। शाजिया इल्मी ने कहा,एफआईआर से दिल्ली पुलिस के भेदभावपूर्ण बर्ताव का पता चलता है। हम अहिंसा में विश्वास करते हैं। हम गिरफ्तारी देने के लिए तैयार हैं। यह सही नहीं है कि सिर्फ आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं के खिलाफ ही एफआईआर दर्ज की गई।
आशुतोष ने कहा,भाजपा के किसी कार्यकर्ता को गिरफ्तार नहीं किया गया है। इस पर कोई कैसे विश्वास कर सकता है? आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं पर हमला हुआ था। दिल्ली पुलिस ने आशुतोष,शाजिया इल्मी और प्रोफेसर आनंद कुमार के खिलाफ दंगा भड़काने का केस दर्ज किया है।
गुजरात के पाटन में अरविंद केजरीवाल को हिरासत में लिए जाने के बाद आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बुधवार शाम भाजपा मुख्यालय के बाहर हिंसक प्रदर्शन किया था। इसमें 28 लोग घायल हो गए थे। इनमें 13 आप कार्यकर्ता,10 भाजपा समर्थक और कुछ मीडियाकर्मी शामिल है।
आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भाजपा दफ्तर में घुसने की कोशिश की,जिसके बाद दोनों ओर से पथराव हुआ था। आम आदमी पार्टी के नेता प्रशांत भूषण ने पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े किए है। उन्होंने कहा,पुलिस ने सिर्फ आप कार्यकर्ताओं के खिलाफ ही मामले क्यों दर्ज किए गए? भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
आप नेता सोमनाथ भारती ने कहा,भाजपा के कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया? इस बीच गृह मंत्रालय ने सभी राजनीतिक पार्टियों के दफ्तरों की सुरक्षा बढ़ाने का निर्देश दिया है। पुलिस ने गृह मंत्रालय से कहा कि आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उकसाने की कोशिश की।




