28 जुलाई – मृत्युंजय श्रीवास्तव – कांग्रेस से 6 विधायकों के इस्तीफे के बाद अहमद पटेल की राज्यसभा सदस्यता को लेकर खतरा बढ़ गया है. पटेल ने राज्यसभा के लिए कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में नामांकन भरा है.बीजेपी ने कांग्रेस सुप्रीमो सोनिया गाँधी के राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल को शिकस्त देने का प्लान प्लॉट किया है.
गुरुवार को बीजेपी में शामिल हुए कांग्रेस नेता बलवंत सिंह राजपूत को बीजेपी ने राज्यसभा चुनाव में तीसरे प्रत्याशी के रूप में उतारने के ऐलान के साथ ही राज्य की राजनीति दिलचस्प मोड़ पर पहुँच गयी है. अमित शाह और स्मृति ईरानी के साथ बीजेपी के तीसरे उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल किया है . शंकर सिंह वाघेला के बाद कांग्रेस को बड़ा झटका उस समय लगा, जब बलवंत सिंह, तेजश्री पटेल और पीआई पटेल ने भी पार्टी छोड़कर बीजेपी ज्वाइन कर लिया. बीजेपी के उम्मीदवार के तौर पर बलवंत सिंह के नामांकन भरने से अहमद पटेल के लिए मुश्किल पैदा हो गयी है. आने वाले दिनों में कांग्रेस के और एमएलए बीजेपी में शामिल नहीं हो इस डर से 40 विधायकों को बंगलुरु भेज दिया गया हैं. राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के विधायकों के बीजेपी में शामिल होने से अहमद पटेल का जीतना मुश्किल हो सकता है. वहीं, कांग्रेस का कहना है कि बीजेपी खरीद-फरोख्त की राजनीति कर रही है. गौरतलब है कि आठ अगस्त को गुजरात में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए मतदान होना है.कांग्रेस के विधायकों के बीजेपी में शामिल होने से राज्यसभा चुनाव में पार्टी की मुसीबत बढ़ सकती है. इससे पहले राष्ट्रपति चुनाव में 11 कांग्रेस विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की थी. हालांकि इसमें क्रॉस वोटिंग तो नहीं होगी, लेकिन राज्यसभा चुनाव से पहले कई कांग्रेस विधायक इस्तीफा देकर बीजेपी जरूर ज्वाइन कर सकते हैं. गुजरात से राज्यसभा के लिए तीन सीटों पर चुनाव होने हैं, जिसके लिए अमित शाह, स्मृति ईरानी और बलवंत सिंह राजपूत अपना नामांकन भर दिया है , जबकि कांग्रेस उम्मीदवार अहमद पटेल पहले ही अपना पर्चा भर चुके हैं. अब किसी एक का हारना तो तय ही है, लेकिन कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने बाकी विधायकों को अपने साथ बनाए रखने की है.
शंकर सिंह वाघेला खेमे के 16 विधायक अहमद पटेल के लिए बनेंगे काल
शंकर सिंह वाघेला बीजेपी के कभी टॉप नेता हुआ करते थे, लेकिन पार्टी में हुई खटपट के बाद कांग्रेस में शामिल हो गए, एक बार फिर शंकर सिंह से बीजेपी की नज़दीकियां बढ़ रही है. शंकर सिंह वाघेला समर्थक विधायकों की संख्या 16 बताई जा रही है. ऐसे में अगर ये सभी 16 विधायक इस्तीफा देते हैं तो अहमद पटेल के लिए चुनाव जीतना मुश्किल हो जाएगा.




