
Ranchi : नगर आयुक्त शांतनु अग्रहरि द्वारा दिये गये 48 घंटे की मोहलत बीतने के बाद भी लालपुर पीस रोड स्थित कुमार गर्ल्स हॉस्टल को अभी तक ना ही खाली कराया गया है और ना ही निगम द्वारा उसे सील किया गया है. गुरुवार शाम हॉस्टल के संचालक को भेजे नोटिस में इस बात का जिक्र किया गया था कि वे 48 घंटे के अंदर हॉस्टल को खाली कर दें, उसके बाद निगम पूरे भवन को सील करने की कार्रवाई शुरू करेगा.
क्या है मामला
मालूम हो कि शिकायतकर्ता सूर्य प्रकाश सुनेजा ने निगम प्रशासन से शिकायत करते हुए कहा था कि लालपुर स्थित पीस रोड में कुमार अपार्टमेंट, ब्लॉक-बी में कुमार गर्ल्स हॉस्टल के नीचे के पार्किंग स्थल का अवैध तरीके से वाणिज्यिक उपयोग किया जा रहा है. इस मामले में कनीय अभियंता ने स्थल की जांच कर रिपोर्ट में कहा था कि कुमार अपार्टमेंट, ब्लॉक-बी जी प्लस थ्री निर्मित है और पूरे भाग का वाणिज्यिक उपयोग किया जा रहा है. साथ ही नगर आयुक्त कोर्ट द्वारा उक्त भवन के नक्शे की मांग किए जाने पर संचालक द्वारा स्वीकृत भवन का नक्शा नहीं दिखाया गया था.
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नहीं पूरा हुआ है 48 घंटा, फिर से आदेश निकाला जाएगा : अधिकारी
गुरुवार को हॉस्टल को सील करने पहुंची टीम के लॉ एंड ऑर्डर मजिस्ट्रेट की ड्यूटी निभाने वाले अधिकारी तो यह भी कहने से बाज नहीं आए कि अभी 48 घंटा पूरा नहीं हुआ है. लेकिन जब न्यूज विंग रिपोर्टर ने उन्हें बताया कि 48 घंटे की समय सीमा समाप्त हो चुकी है, तो उस पर संबंधित अधिकारी का कहना था कि हॉस्टल खाली करवाने का आदेश ऊपर से साहब द्वारा फिर से निकाला जाएगा. यह सवाल पूछने पर कि हॉस्टल को सील किया गया है कि नहीं, तो उसपर उस अधिकारी का कहना था कि गुरुवार को टीम द्वारा की गयी कार्रवाई के बाद अभी तक कोई काम नहीं हुआ है.
मजिस्ट्रेट व फोर्स के बिना घटनास्थल पर नहीं जाती है टीम
अल्टीमेटम के 48 घंटे बीतने के बाद भी हॉस्टल खाली नहीं होने के सवाल पर निगम से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि कोई भी कार्रवाई करने के लिए निगम की टीम घटनास्थल पर तभी जाती है, जब टीम को मजिस्ट्रेट व फोर्स मिलता है. ऐसे में किसी निर्णय के तय समय सीमा बीतने के बाद भी टीम चली जाए, ऐसा नहीं होता है. इसके लिए पहले निगम द्वारा सिविल एसडीओ के पास आवेदन जाता है. फिर वहां से ही निगम की टीम को मजिस्ट्रेट व फोर्स दी जाती है.
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ज्यादा तूल न दें वस्तुस्थिति को, हॉस्टल की होती है छवि खराब, 48 घंटे जैसा कोई आदेश नहीं
हॉस्टल खाली करने की बात पूछने पर कुमार भवन कुमार अपार्टमेंट के मालिक भारतेन्दु कुमार ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ नारे की बात करते हुए कहा कि हमारे जैसे हॉस्टल तो इसी नारे के साथ बेटियों को सुविधा दे रही है. नगर आयुक्त द्वारा 48 घंटे के आदेश को पूरी तरह से नकारते हुए प्रबंधक का कहना है कि 48 घंटे का ऐसा कोई आदेश नहीं है. यह पूरी तरह से किसी अखबार के माध्यम से फैलाया गया न्यूज है. आदेश की वस्तुस्थिति को ज्यादा तूल नहीं देने की बात करते हुए उन्होंने कहा कि इससे अच्छे हॉस्टल की छवि खराब होती है. न्यूज विंग के रिपोर्टर से हॉस्टल प्रबंधक द्वारा यह आग्रह भी किया कि इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया जाए. अन्य हॉस्टल व अर्पाटमेंट का जिक्र करते हुए हॉस्टल प्रबंधक यहां तक कहने से भी नहीं चूके कि देखा जाए तो शहर के कौन से पार्किंग व बेसमेंट जगहों का कुछ भी उपयोग नहीं किया जाता है.
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