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अर्थव्‍यवस्‍था के मोरचे पर मात खायेंगे चीन व हांगकांग, भारत-दक्षिण कोरिया की अर्थव्‍यवस्‍थाएं रहेंगी सुरक्षित

NewDelhi  :  अर्थव्‍यवस्‍था के मोरचे पर चीन और हांगकांग के लिए अच्‍छी खबर नहीं है.  ब्‍लूमबर्ग ने नोमुरा सिंगापुर लिमिटेड की स्टडी के हवाले से रिपोर्ट जारी की है कि दोनों देश अगले तीन साल में वित्‍तीय संकट के दलदल में फंसे हुए नजर आयेंगे. हालांकि एशियाई देशों में सिर्फ  भारत और दक्षिण कोरिया की अर्थव्‍यवस्‍थाएं ही सुरक्षित रहेंगी. रिपोर्ट में कहा गया है कि विकसित देशों की तुलना में उभरती हुई अर्थव्‍यवस्‍थाओं पर वित्‍तीय संकट का गहरा खतरा है. सबसे ज्‍यादा संकट के बादल हांगकांग पर मंडरा रहे हैं.  

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हांगकांग और चीन के घरेलू मांग में जबरदस्‍त गिरावट आयेगी

नोमुरा के रॉब सुब्‍बारमन और माइकल लू की रिसर्च पर जारी रिपोर्ट में कहा गया है,  अगले तीन साल में हांगकांग और चीन की अर्थव्‍यवस्‍थाएं गहरे संकट में होगी या उनकी घरेलू मांग में जबरदस्‍त गिरावट आयेगी. सबसे बड़ा खतरा हांगकांग पर है, जो 1997-87 के एशियाई वित्‍तीय संकट के समय से भी ज्‍यादा बड़ा है. स्टडी के अनुसार क्रेडिट और वित्‍तीय दबाव के सामने उभरते हुए देश ज्‍यादा कमजोर हैं. नोमुरा ने यह स्टडी अंतरराष्‍ट्रीय मानकों के आधार पर देशों की अर्थव्‍यवस्‍थाओं को परखने के बाद किया है. इसके बाद इन्‍हें एशियाई अर्थव्‍यवस्‍था, उभरते हुए देश और विकसित देशों के श्रेणी में बांटा गया है. थाईलैंड और फिलिपींस भी वित्‍तीय संकट की चौखट पर हैं. रिपोर्ट के अनुसार एशिया के 14 देशों में केवल भारत और दक्षिण कोरिया ही ऐसे हैं जिन पर वित्‍तीय संकट का केाई बुरा असर नहीं है.

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