
Daltonganj : कृषि विज्ञान केंद्र चियांकी में किसानों के हित के लिए लायी गयी करोड़ों की मशीन जंग खा रही है. ऑपरेटर के अभाव में इन मशीनों का उपयोग नहीं हो पा रहा है. जबसे मशीन इस केन्द्र में आयी है, सिर्फ शोभा की वस्तु बनकर रह गयी है. इसका अभी तक डेमो भी नहीं हुआ है.
दरअसल, अभिभावक संघ के अध्यक्ष सह अधिवक्ता किशोर कुमार पाण्डेय को गेहूं काटने की मशीन की जरूरत थी. आज वे इस सिलसिले में कृषि विज्ञान केंद्र, चियांकी पहुंचे और गेंहू काटने के लिए मशीन ले जाने की बात की तो बताया गया कि हार्वेस्टर का ऑपरेटर नहीं है और डेमो भी नहीं हुआ है, इसलिए किसान इसका लाभ नहीं ले पाएंगे.
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लाखों की मशीन को देखने वाला कोई नहीं
श्री पांडेय ने कहा कि लाखों की हार्वेस्टर मशीन पड़ी है, लेकिन कोई देखने वाला नहीं. किसानों की गेहूं की फसल तैयार होकर खेतों में पड़ी है, काटने वाले मजदूर नहीं हैं. ऐसी स्थिति में किसान का गेंहू खेत में बर्बाद हो रहा है. किसानों की समस्या भी सुनने वाला कोई नहीं है, न ही समाधान करने वाला ही दिखता है.
कृषि विज्ञान केंद्र के प्रमुख डॉ. राजीव कुमार बताते हैं कि रीपर मेरे पास है पर गेहूं काटने में उससे फसल बर्बाद होती है, जो उपयुक्त नहीं है. गेहूं का दाना भी निकल जाता है। हार्वेस्टर पर अभी तक डेमो नहीं होने के पीछे वे कंपनी को दोषी बताते हैं. संघ झारखंड सरकार से मांग करती है कि किसानों को आधुनिक कृषि सुविधा तुरंत बहाल कराया जाय और गेहूं को कटवाया जाये.
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