
News Wing Desk
केंद्र की सत्ता सहित देश के कई राज्यों की सत्ता संभाल रही बीजेपी की जुबां पर पिछले चार सालों से कांग्रेस मुक्त भारत का नारा है. इस नारे के साथ ही बीजेपी देश भर में अपना विस्तार भी कर रही है, उसी रफ्तार से उसके खिलाफ विपक्ष भी एकजुट हो रहा है. ऐसे में बीजेपी की बढ़त क्या वाकई उसके ताकतवर होने का संकेत है या आंकड़े कुछ और ही इशारा कर रहे हैं ?
देश की कुल 4139 में से 1516 सीटें ही बीजेपी के पास
यूं तो बीजेपी खुद को दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बता रही है. लेकिन हकीकत पर गौर करें तो देश में भाजपा विधायकों की संख्या एक-तिहाई से थोड़ी ही ज्यादा है. देश की कुल 4139 विधानसभा सीटों में से 1516 सीटें (करीब 37 फीसदी) ही बीजेपी के खाते में हैं. इनमें से 950 सीटें सिर्फ उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और कर्नाटक की हैं. इसमें संदेह नहीं कि विगत चार वर्षों में बीजेपी ने कई नए राज्यों में सरकार बनाने में सफलता पाई है, पर ये सब उसने केवल अपने दमखम पर नहीं किया. यह ध्यान देने की बात है कि 2015 से मई 2018 के बीच कुल 18 राज्यों में विधानसभा चुनाव हुए हैं. इनमें से मात्र 5 राज्यों में ही बीजेपी पूर्ण बहुमत की सरकार बना सकी है. 6 राज्यों में जोड़-तोड़ की एनडीए सरकार और बाकी सात राज्यों में अन्य दलों की सरकार बनी है. इन चुनावों से पूर्व एमपी, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में 2013 से ही बीजेपी की सरकार है जबकि मिजोरम में कांग्रेस के पास सत्ता है.
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किन राज्यों में कितनी सीटें बीजेपी के पास ?
कुल मिला कर देश के 29 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों (दिल्ली और पुडुचेरी) में से 20 राज्यों में बीजेपी की सरकार है, परंतु इनमें से केवल 10 में ही बीजेपी के पास बहुमत है. एक शोध के मुताबिक सिक्किम, मिजोरम और तमिलनाडु की विधानसभाओं में भाजपा एक भी सीट हासिल नहीं कर पायी है. आंध्र प्रदेश की 294 विधान सभा सीटों में से 9, केरल में 140 में से सिर्फ 1, पंजाब की 117 में से 3, पश्चिम बंगाल की 294 में से सिर्फ 3, तेलंगाना में 119 में से सिर्फ 5 सीटें बीजेपी के खाते में आई है. वहीं देश की राजधानी दिल्ली की बात करें तो वहां 70 में से 3 सीटों पर भी बीजेपी को संतोष करना पड़ा है. जबकि ओडिशा की 147 विधानसभा सीटों में 10 सीटें, नागालैंड में 60 में से 12 सीटें बीजेपी के पास हैं. जिन राज्यों में बीजेपी का गठबंधन है, वहां भी बीजेपी की स्थिति उतनी मजबूत नहीं है. गौर से देखें तो मेघालय की 60 सीटों में से 2, बिहार की 243 में से सिर्फ 53, जम्मू-कश्मीर की 87 में से 25 और गोवा में 40 में से 13 सीटें ही बीजेपी के पास है.
2014 में भी 9 में से सिर्फ 2 राज्यों में अपने दम पर बनी थी बीजेपी की सरकार
यह वो दौर था, जब बीजेपी की देश भर में लहर थी. 2014 में बीजेपी ने लोकसभा चुनाव में भारी आंकड़ों के साथ जीत दर्ज की थी. लेकिन उसी साल आंध्र प्रदेश (तेलंगाना समेत), अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, झारखंड, महाराष्ट्र, ओडिशा, सिक्किम और जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव हुए थे. इनमें केवल हरियाणा और झारखंड में ही बीजेपी की पूर्ण बहुमत की सरकार बन पायी. बीजेपी ने महाराष्ट्र में शिवसेना के और जम्मू-कश्मीर में पीडीपी के साथ गठबंधन की सरकार बनाई, जबकि सिक्किम में भी बीजेपी गठबंधन सरकार की सहयोगी है. जबकि अरुणाचल में पहले कांग्रेस की सरकार बनी थी, लेकिन दल-बदल के बाद वह बीजेपी के हाथ सत्ता आ गई.
दिल्ली में मुंह की खानी पड़ी थी
साल 2015 बीजेपी के लिए एक बड़ा झटका लेकर आया. जब दिल्ली विधानसभा की 70 सीटों में से 67 पर आम आदमी पार्टी ने परचम लहरा दिया और मोदी-शाह की जोड़ी वाली इस पार्टी को तीन सीटों पर संतोष करना पड़ा. इसी साल अक्टूबर-नवंबर में बीजेपी को बिहार ने दूसरा झटका दिया जब लालू-नीतीश के गठबंधन ने बहुमत की बाजी मार ली और बीजेपी वहां तीसरे दर्जे की पार्टी बनकर रह गई. हालांकि, जुलाई 2017 आते-आते बीजेपी वहां भी जोड़-तोड़ कर जेडीयू से गठबंधन कर सरकार सत्ता पर काबिज हो गई.
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2017 में बीजेपी को मिली थोड़ी राहत
साल 2017 में बीजेपी को थोड़ा सुकन मिला. इस साल कुल 7 राज्यों- गोवा, गुजरात, मणिपुर, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा चार राज्यों- यूपी, उत्तराखंड, गुजरात और हिमाचल प्रदेश में सरकार बना सकी, जबकि गोवा और मणिपुर में बहुमत ना होने के बावजूद राजनीतिक तिकड़मबाजी से बीजेपी ने गठबंधन की सरकार बना ली. वहीं गुजरात में आए चुनावी नतीजों ने बीजेपी को हैरान कर दिया क्योंकि उसके विधायकों की संख्या 117 से 99 रह गई. सरकार भले ही भाजपा की बन गई हो, लेकिन उसे खिसकती जमीन जरूर दिखाई देने लगी. इसके बाद 2018 में मेघालय, नागालैंड, त्रिपुरा और कर्नाटक में हुए विधानसभा चुनावों में सिर्फ त्रिपुरा में ही बीजेपी बहुमत की सरकार बना पायी, जबकि मेघालय और नागालैंड में वो सरकार में साझीदार है. इस साल के अंत में राजस्थान, एमपी, छत्तीसगढ़ और मिजोरम में विधानसभा चुनाव होना है. बीजेपी अभी से सियासी बिसात बिछाने में जुटी है.
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