
Ayodhya: जिस तरह अचानक विवादित ढांचा गिराया था, उसी तरह एक रात को अचानक अयोध्या में राम मंदिर बनाने का काम शुरु हो जाएगा. ये कहना है राम जन्मभूमि न्यास के वरिष्ठ सदस्य डॉ. रामविलास दास वेदांती का. शन्होने दावा किया कि 2019 के पहले कभी भी अयोध्या में राम मंदिर बनना शुरू हो सकता है. इस दौरान उन्होंने दो टूक कहा कि कोर्ट का आदेश अगर नहीं भी आया, तब भी मंदिर का निर्माण होगा. डॉ. रामविलास वेदांती ने कहा कि जिस तरीके से अचानक विवादित ढांचा गिरा दिया गया था. उसी तरीके से रातों-रात मंदिर निर्माण भी शुरू हो सकता है.
मस्जिद नहीं मंदिर का खंडहर गिराया गया था
डॉ. रामविलास दास वेदांती ने कहा कि मस्जिद तोड़ने के आरोप गलत हैं. जहां मस्जिद गिराए जाने की बात हो रही है, वहां पर कभी मस्जिद थी ही नहीं. वहां सिर्फ एक मंदिर का खंडहर था. उसी मंदिर से खंडहर को नया मंदिर बनाने के लिए तोड़ा गया था. उन्होने कहा कि भव्य राम मोदिर बनाने का काम अंदर ही अंदर चल रहा है. एक दिन आधी रात के बाद अचानक आप देखेंगे कि राम मंदिर का ढांचा वहां खड़ा है.
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कोर्ट का आदेश नहीं आया तो भी मंदिर बनेगा
वेदांती ने कहा कि मामला सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग है. लेकिन 1528 में जब बाबर ने रामलला का भव्य मंदिर तुड़वाया था तब वह कोर्ट का आदेश लेकर नहीं आया था. 1949 में अभिरामदास महाराज की तपस्या से रामलला प्रकट हुए थे, तो भी वह कोर्ट का आदेश लेकर नहीं आए थे. 6 दिसंबर 1992 में भी कोई कोर्ट का आदेश नहीं आया था. कोर्ट का आदेश अगर नहीं भी आया तब भी मंदिर का निर्माण होगा. सुप्रीम कोर्ट जल्द राम मंदिर बनने का आदेश दे तो ठीक वरना राम मंदिर तो बनना ही है.
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