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#ZoomApp से कर रहें ऑनलाइन वीडियो मीटिंग, तो हो जायें सावधान, उठायें एहतियाती कदम

New Delhi : देश भर में लॉकडाउन के दौरान ऑफिस की मीटिंग और ग्रुप वीडियो चैटिंग के लिए जूम क्लाउड नाम का एप्लीकेशन बहुत लोकप्रिय हो गया है.

बहुत सी कंपनियां मीटिंग करने के लिए इसका इस्तेमाल कर रही हैं. सरकार ने गुरुवार को एडवाइजरी जारी करके यह जानकारी दी है कि ऑनलाइन वीडियो मीटिंग करने के लिए जूम एप सुरक्षित प्लेटफॉर्म नहीं है.

जो लोग ऑनलाइन मीटिंग करते हैं, उनके लिए एहतियाती कदम उठाने की बात भी कही गयी है.

गृह मंत्रालय के तहत साइबर कॉर्डिनेशन सेंटर (CyCord) ने निजी सेक्टर में काम करनेवाले लोगों के लिए इस मीटिंग प्लेटफॉर्म के सुरक्षित इस्तेमाल को लेकर एडवाइजरी जारी की है.

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इस एडवाइजरी में कहा गया है कि सरकारी अधिकारी आधिकारिक काम के लिए इस एप्लीकेशन का इस्तेमाल न करें. इंडियन कंप्यूयटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (Cert-In) ने पहले ही इस बारे में चेतावनी दी थी. कई ऐसे मामले बी सामने आये थे, जब डाटा चोरी की शिकायतें आयी थीं. सरकार ने अपनी एडवाइजरी में इस रिपोर्ट का भी हवाला दिया है. चेतावनी का हवाला देते हुए कहा गया है कि जूम का इस्तेमाल सुरक्षित नहीं है. सरकार की ओर से दिये गये दिशानिर्देश में कहा गया है कि जो लोग अब भी इसका इस्तेमाल करना चाहते हैं, वे इसमें निर्देशित बातों का पालन करें.

पासवर्ड और एक्ससे ग्रांट के जरिये कर सकते हैं सुरक्षित मीटिंग

सरकार की ओर से जारी एडवाइजरी का मुख्य उद्देश्य जूम कान्फ्रेंस रूम में किसी अवांछित व्यक्ति को प्रवेश को रोकना है. जूम मीटिंग करते वक्त पासवर्ड और एक्सेस ग्रांट के जरिये अटैक को रोका जा सकता है.

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इन बातों का रखें विशेष ख्याल

अगर आप जूम एप के जरिये मीटिंग करते हैं, तो आप हर मीटिंग के लिए नयी यूजर आइडी और पासवर्ड का इस्तेमाल करें. इसके साथ ही, वेटिंग रूम को इनेबल करें. इससे हर यूजर मीटिंग में तभी एंट्री कर सकेगा, जब उसका संचालन करने वाला होस्ट मंजूरी देगा. ज्वाइंट बीफोर (join before host) को डिसेबल कर दें. स्क्रीन शेयरिंग बाई होस्ट ऑनली (Screen Sharing by host Only) को मंजूर करें. इसके साथ ही, अलाऊ रिमूव पार्टिसिपेंट्स टू रि-ज्वाइन (Allow removed participants to re-join) को डिसेबल करना होगा. सभी सदस्यों के मीटिंग ज्वॉइन करने के बाद उसे लॉक कर दें. रिकॉर्डिंग फीचर को रोक दें.

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