JharkhandRanchi

#ZeroTolerance : भ्रष्टाचार पर सख्त हेमंत, जानें किन मामलों पर अबतक हुई है कार्रवाई

विज्ञापन

Ranchi  :  प्रदेश के सीएम का पद संभालने के साथ ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहे हैं. ऐसा करने के पीछे का उनका केवल एक लक्ष्य राज्य में भ्रष्टाचार को खत्म करना है. जनवरी से मई माह के दौरान उन्होंने हुए भ्रष्टाचार पर कई अहम निर्देश दिये हैं.

इन मामलों में उन्होंने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) को कार्रवाई का निर्देश दिया है. इस दिशा में सीएम हेमंत ने विधि व्यवस्था से जुड़े सभी पुलिस अधिकारियों को मुस्तैद रहने का निर्देश दिया है. वहीं पुलिसकर्मी जो भ्रष्टाचार में शामिल पाये गये हैं उनपर भी कार्रवाई की गयी है.

advt

इसे भी पढ़ें – #Corona: हजारीबाग से 10 और कोडरमा से 2 नये कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले, झारखंड में हुए 505 केस

पुलिस विभाग पर कार्रवाई, सीएम ने कहा था, “कानून से नहीं है कोई ऊपर”

मुख्यमंत्री का पद संभालते ही सीएम ने राज्य के आला पुलिस अधिकारियों के साथ एक बैठक की थी. बैठक 23 जनवरी को की गयी थी. इसमें सीएम ने विधि-व्यवस्था पर अधिकारियों को कई निर्देश दिये. उन्होंने कहा था कि उनकी सरकार जनता के जानमाल की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगी. कानून से ऊपर कोई नहीं है और कानून तोड़नेवालों से सरकार व पुलिस सख्ती से निपटेगी.

7 फरवरी को देवघर जिले में एक कांस्टेबल द्वारा रिश्वत लेने की जानकारी सीएम को ट्विटर से मिली. सीएम ने मामले को तुरंत संज्ञान में लिया. उन्होंने देवघर डीसी और एसपी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दे दिये. जिसके बाद उस कॉन्स्टेबल को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया था.

adv

14 फरवरी को सीएम हेमंत ने अपने एक आदेश में 1990 बैच के विवादास्पद आइपीएस अनुराग गुप्ता को सस्पेड करने की मंजूरी दे दी. वर्ष 2016 में हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान अनुराग गुप्ता पर गड़बड़ी करने का आरोप लगा था. इसी तरह से 26 फरवरी को भी एसीबी की टीम ने डोरंडा थाना में छापेमारी की.

नगर निगमों पर हुई छापेमारी से मचा था हड़कंप

भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के लिए 26 फरवरी को एक बड़ी कार्रवाई की गयी. हेमंत सरकार के निर्देश पर एसीबी की चार टीमों ने एक साथ रांची व धनबाद के चार स्थानों पर छापेमारी की. इसमें धनबाद नगर निगम, रांची नगर निगम, रांची रजिस्ट्री कार्यालय व डोरंडा थाना शामिल था.

छापेमारी में एसीबी की टीम को हर जगह अनियमितता मिली. जांच में नगर निगमों में ऑफलाइन नक्शे की फाइलें लंबित मिलीं. डोरंडा थाने में जांच के लिए आये आवेदनों से संबंधित फाइलें लंबित पायी गयी थीं. बताया गया है कि इससे संबंधित एक रिपोर्ट तैयार की जा रही है. जिसे एसीबी मुख्यालय व संबंधित विभाग को अवगत कराया जायेगा. फाइल पर अभी कोई विशेष कार्रवाई नहीं की है. एसीबी की इस कार्रवाई से कई विभागों में हड़कंप मच गया था.

इसे भी पढ़ें – #Corona : जानेमाने ज्योतिषी बेजान दारूवाला की कोरोना से मौत

पांच मामलों की जांच एसीबी या सीबीआइ के हवाले

  • भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की दिशा में पिछले दो से तीन दिन में सीएम ने कई अहम निर्देश दिये हैं. यह कार्रवाई पूर्ववर्ती सरकार में काम किये वैसे अधिकारियों पर है, जिन पर करोड़ों के गबन का आरोप है. मामले पर आरोपों की जांच एसीबी से कराने का निर्देश सीएम ने दिया है.
  • 26 मई को सीएम ने धनबाद नगर निगम में हुए वित्तीय अनियमितता पर बड़ा निर्णय लिया. उन्होंने तत्कालीन नगर आय़ुक्त मनोज कुमार,  तत्कालीन उप नगर आय़ुक्त प्रदीप कुमार प्रसाद और अनिल कुमार यादव के खिलाफ अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज करने और विभागीय कार्रवाई का निर्देश दिया. यह अनियमितता ई-गवर्नेंस कामों में कंप्यूटर सामग्रियों और अन्य उपकरणों की आपूर्ति से जुड़ी थी.
  • 26 मई को ही सीएम ने निरंजन कुमार (इंडियन पोस्ट एंड टीसी एकाउंट्स एंड फाइनांस सर्विस) के खिलाफ गंभीर आरोपों की जांच एसीबी से कराने का आदेश दिया. जेयूएसएनएल तथा जरेडा का निदेशक रहे निरंजन कुमार के खिलाफ लगभग 170 करोड़ वित्तीय अनियमितता का आरोप है.
  • 28 मई को सीएम ने झारखंड राज्य सहकारी बैंक की रांची और सरायकेला शाखा में वित्तीय अनियमितता और गबन की जांच भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) से कराने का आदेश दिया. दोनों ही शाखाओं में यह वित्तीय अनियमितता करीब 15 करोड़ रुपये का है.

शुक्रवार को भी जीरों टॉलरेंस की नीति पर दिखे हेमंत

जीरों टॉलरेंस की नीति का पालन करते हुए सीएम हेमंत ने 29 मई को तीन मामलों में जांच का निर्देश दिया. इसमें इसमें पहले मामले की जांच एसीबी करेगी. वहीं दूसरे मामले की सीबीआइ.

  • पहला मामला दुमका के तत्कालीन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायधीश ओम प्रकाश सिंह के खिलाफ दर्ज मामलों को लेकर है. मामले की जांच अब एसीबी करेगी.
  • दूसरे मामले में सीएम ने गिरिडीह के प्रधान डाकघर और टाउन उप डाकघर से 11.64 करोड़ फर्जी निकासी मामले की जांच सीबीआई से करने की अनुमति दी है.
  • तीसरे मामले में सीएम ने गुमला के सब रजिस्ट्रार राम कुमार मधेसिया के खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़े शिकायतों की जांच का आदेश दिया है. सब रजिस्ट्रार राम कुमार मधेसिया के खिलाफ जमीन की खरीद-बिक्री या अन्य दस्तावेजों के रजिस्ट्रेशन में रिश्वत मांगने का आरोप है.

इसे भी पढ़ें – #FightAgainstCorona : झारखंड में अगले 15 दिनों में 1650 तक हो जायेगी कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या

advt
Advertisement

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Related Articles

Back to top button
Close