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जीरो रिव्‍यू: शाहरुख-अनुष्‍का की एक्टिंग है खास, स्‍टोरी ने किया निराश

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NW Desk: बॉलीवुड एक्टर शाहरुख खान की फिल्म ‘जीरो’ शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज हो गयी है. फिल्म में किंग खान संग कैटरीना कैफ और अनुष्का शर्मा लीड रोल में हैं. आनंद एल राय की ‘जीरो’ वैसे तो एक सामान्य लव ट्राइंगल ड्रामा है, लेकिन दो फिजिकली चैलेंज्ड किरदारों ने इसे खास बना दिया है. साथ ही कॉमेडी सीन और पंचेज जीरो को पैसा वसूल बना देते हैं. हालांकि, जबरन खींचा गया अंत थोड़ा निराश कर सकता है.

ये मेरठ के 38 साल के बौने बउआ सिंह (शाहरुख खान) की कहानी है, जो शादी के लिए लड़की तलाश रहा है. इसी दौरान उसे मेट्रीमोनियल सर्विस की मदद से एक फिजिकली चैलेंज्ड लड़की आफिया मिलती है, जो नासा की अंतरिक्ष विज्ञानी है और व्हील चेयर पर चलती है. बउआ और आफिया को प्यार हो जाता है और शादी तय हो जाती है. लेकिन बउआ शादी के दिन भाग जाता है, उस डांस कॉम्प्टीशन की खातिर, जिसके जीतने पर उसे सुपरस्टार बबीता कुमारी (कटरीना कैफ) से मिलने का मौका मिलेगा. इसके बाद कहानी में कई टर्न और ट्वीस्ट आते हैं. मेरठ का बउआ सिंह कैसे मंगल ग्रह पर पहुंचा, ये जानने के लिए फिल्म देखनी होगी.

फ़िल्म का म्यूजिक लाजवाब है. जब तक सुबह शाम है… गाना बेहद खूबसूरती के साथ फिल्माया गया है. अनुष्का की अदाकारी कसी हुई और पूरी फिल्म में अपने किरदार के अनुरूप समान नजर आती है. लेकिन बउआ सेकंड हाफ में कमजोर पड़ जाता है. कैटरीना के हिस्से जो किरदार आया उसमें उनकी अदाकारी काम चलाऊ लगती है. जीशान अयूब और तिग्मांशु ने उम्दा अभिनय किया है. फिल्म में नासा की तर्ज पर दिखाई गई अंतरिक्ष एजेंसी और उसके अंदर की दुनिया दर्शक के लिए अनोखा अनुभव साबित होता है. पहले कभी किसी हिंदी फिल्म में स्पेस प्रोग्राम को इतने करीब से और इतने बड़े स्तर पर नहीं दिखाया गया. वीएफएक्स पर भी काफी काम किया गया है.

ये शाहरुख स्टारर सबसे महंगी फिल्म है. यदि शाहरुख अनुष्का की अदाकारी को नये रूप में देखना चाहते हैं तो ये फिल्म आपके लिए है. फिल्म में श्रीदेवी, काजोल, आलिया, जूही चावला, दीपिका, सलमान खान, अभय देओल का दिखना सरप्राइजिंग हैं.

फिल्म सेकंड हाफ में स्लो और बोरिंग होने लगती है. मंगल मिशन जैसे संजीदा स्पेस प्रोग्राम के बीच लव ड्रामा की गुंजाइश खोज लेना आनंद एल राय के बस की ही बात है. फिल्म के अंत का आधा घण्टा बेहद खींचा हुआ और इलॉजिकल लगता है. यदि स्पेस प्रोग्राम के बैक ड्रॉप को छोड़ दिया जाये तो अंत बहुत सरप्राइजिंग और रोचक नहीं है.

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