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झिझक दूर कर परिवार नियोजन की बात करें युवा : डॉ मधुर

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Ranchi : कॉन्ट्रासेप्शन जैसे मामलों में युवाओं में जागरूकता की आवश्यकता है. पहले जमाने के लोग ऐसे मुद्दों पर बात नहीं करना चाहते थे,  लेकिन वर्तमान समय में युवाओं में ऐसे विषय को लेकर जागरूकता आयी है. उक्त बातें रेस्टलेस डेवलपमेंट की ओर से बुधवार को कॉन्ट्रासेप्शन डे पर आयोजित कार्यक्रम में डॉ मधुर ने कहीं. उन्होंने कहा कि युवाओं को कॉन्ट्रासेप्शन और परिवार नियोजन के मुद्दे पर जागरूक होने की आवश्यकता है. ऐसे मामलों में देखा जाता है कि युवाओं का करियर ग्रोथ रुक जाता है. ऐसे में साथी से खुलकर बात करनी चाहिए, ताकि भविष्य में होनेवाले किसी भी तरह के नुकसान को रोका जा सके. उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों का मूल उद्देश्य युवाओं के बीच ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन कर जागरूक करना है, जिससे वे परिवार नियोजन आदि के बारे में खुलकर बात कर सकें.

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आर्थिक स्थिति का रखें ख्याल

डॉ मधुर ने कहा कि युवा किसी तरह का संबंध बनाने से पूर्व आर्थिक स्थिति का ख्याल रखें. कई बार गर्भ धारण हो जाने पर युवाओं को आर्थिक स्थिति खराब होने की परेशानी होती है. यह भी जरूरी है कि युवा सोच-समझकर कोई भी निर्णय लें, ताकि भविष्य में किसी तरह की परेशानी न हो.

हिचक दूर करें युवा

राज्य एफपी संयोजक गुंजन खलखो ने कहा कि परिवार नियोजन और कॉन्ट्रासेप्शन जैसे मामलों में जरूरी है कि युवा हिचक दूर करें. युवाओं को समझना होगा कि ऐसे मामले प्राकृतिक हैं, जिसमें किसी तरह की हिचकिचाहट की जरूरत नहीं है. हर युवा जागरूक होगा, तभी परिवार और समाज भी जागरूक होगा.

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सरकारी योजनाओं को जान सकें युवा

रेस्टलेस डेवलपमेंट की राज्य संयोजक प्रीति सिंह ने बताया कि संस्था की ओर से ऐसे कार्यक्रम की शुरुआत युवाओं को जागरूक करने के लिए की गयी है, ताकि युवा ऐसे मामलों में सरकारी योजनाओं को जान सकें. उन्होंने बताया कि राज्य में रांची जिला में वर्तमान में संस्था कार्य कर रही है. इसके पूर्व बिहार, उत्तर प्रदेश, असम, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान के 146 जिलों में परिवार विकास मिशन शुरू किया गया, जिसमें काफी सफलता संस्था को मिली है.

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बात नहीं करना चाहते युवा

प्रीति सिंह ने बताया कि इन मामलों के बारे में सभी को जानकारी होती है, लेकिन कोई खुलकर बात नहीं करना चाहता. कई बार क्षेत्र भ्रमण के दौरान जानकारी हुई कि युवक-युवतियां इन मामलों में बात नहीं करना चाहते. कई बार ऐसी स्थिति होती है कि उन्हें कुछ बताने पर वे झिझक जाते हैं. ऐसे में युवाओं को समझना होगा कि यह कोई नयी बात नहीं है.

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ये थे उपस्थित

मौके पर डॉ अमोल, डॉ आरके सिंह, राहुल किशोर सिंह, आफरीन नाज, राजश्री शर्मा, विवेक, शिशु रंजन, अमित समेत अन्य लोग उपस्थित थे.

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