न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

साहेबगंज महाविद्यालय में यूथ पार्लियामेंट का होगा आयोजन

आयोजन में एनएसएस और नेहरू युवा केन्द्र की होगी महत्वपूर्ण भागीदारी, तैयारी शुरू

1,939

Sahebgunj: भारत सरकार के युवा एवं खेल मंत्रालय के निर्देशानुसार राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वावधान में साहेबगंज महाविद्यालय में युवा संसद का आयोजन नए साल के जनवरी माह में किया जाएगा. सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय दुमका के कुलपति प्रो डॉ मनोरंजन प्रसाद सिन्हा ने कार्यक्रम के आयोजन का निर्देश विश्वविद्यालय के खेल पदाधिकारी डॉ रंजीत कुमार सिंह को दिये हैं. एसकेएमयू के खेल पदाधिकारी व साहेबगंज महाविद्यालय के एनएसएस ऑफिसर डॉ रंजीत कुमार सिंह ने बताया कि 18 से 25 साल के छात्र युवा संसद में भाग ले सकते हैं. इस आयोजन में नेहरू युवा केन्द्र और जिला खेल पदाधिकारी की भी सक्रिय भागीदारी रहेगी.

कार्यक्रम में महाविद्यालय में अध्यनरत छात्रों के अलावे कोई भी युवा जो वाद-विवाद में रुचि रखता हो, वो भाग ले सकता है. यह आयोजन प्रखंड से लेकर पंचायत स्तर तक किया जाएगा, ताकि ग्रामीण क्षेत्र और परिवेश के लोगों को लोकतांत्रिक व्यवस्था की जानकारी मिल सके.

हर जिले से 5 प्रतिभागी का होगा चयन

डॉ रंजीत ने बताया कि युवा संसद में सभी जिले से 5-5 प्रतिभागी चयनित होंगे. जिला स्तर पर चयनित प्रतिभागियों का चयन फिर राज्य स्तर पर होगा. इसके बाद अंतिम रूप से उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर चयनित कर सम्मानित किया जाएगा. साहेबगंज जिला में 28 जनवरी को जिला स्तर पर चयन होगा वहीं, 7 फरवरी को राज्य स्तर पर प्रतिभागियों का चयन किया जाएगा.

साहेबगंज जिला के साथ पाकुड़ जिला को भी इस आयोजन के लिए संयुक्त रूप से सम्मलित किया गया है. इन दोनों जिलों के सभी अंगीभूत और सम्बद्ध महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं को शामिल किया जाएगा. वहीं संताल परगना के सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय दुमका को तीन जोन में बांटा गया है. इसमें दुमका विवि में गोड्डा को, देवघर कॉलेज में जामताड़ा को तथा साहेबगंज महाविद्यालय के साथ पाकुड़ जिला को जोड़ा गया है. इसके साथ ही झारखंड के 12 जिलों को यूथ पार्लियामेंट के आयोजन के लिए चिन्हित किया गया है.

साहिबगंज महाविद्यालय में यूथ पार्लियामेंट की तैयारी 12 जनवरी से युवा दिवस के अवसर पर की जाएगी. उन्होंने बताया कि युवा सांसद के चयन के लिए 5-7 सदस्यीय ज्यूरी मेम्बर भी होंगे. जिनमें स्थानीय सांसद, विधायक के अलावे शिक्षाविद् और वाद-विवाद प्रतियोगिता के विशेषज्ञ को शामिल किया जाएगा.

यूथ पार्लियामेंट के आयोजन का मुख्य विषय भ्रष्टाचार, स्वच्छता, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, आयुष्मान भारत, पर्यावरण सुरक्षा सहित अन्य ज्वलंत मुद्दों को रखा गया है. उन्होंने युवा संसद में युवाओं की अधिकाधिक भागीदारी की अपील की.

Related Posts

युवती से रेप के बाद धर्म बदलवाकर किया निकाह, अनजान लोगों से बनवाता रहा संबंध, अब ‘तीन तलाक’ बोल छोड़ा

अश्लील वीडियो बना युवती को छह सालों तक ब्लैकमेल करता रहा अबुल कैश, बेड़ो थाने में केस दर्ज

SMILE

ज्ञात हो कि इस बावत निर्णय 21 दिसम्बर को रांची के खेलकूद एवं युवा कार्य निदेशालय के सभागार में निदेशक अनिल कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में लिया गया था. बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि एनएसएस व अन्य के मद में भुगतान पीएमएफएस के जरिये किया जाएगा.

क्या है युवा संसद ?

युवा पीढी में लोकतंत्र की बुनियाद विकसित करने के लिए मंत्रालय द्वारा विद्यालयों और महाविद्यालयों/विश्व विद्यालयों की विभिन्नय श्रेणियों में युवा संसद प्रतिस्परर्द्धा का आयोजन किया जाता है. युवा संसद योजना को सर्व प्रथम 1966-67 में दिल्लीश के विद्यालयों में आरंभ किया गया था. दिल्लीा और इसके आसपास स्थित केन्द्रीबय विद्यालयों को 1967 में विद्यालयों के लिए जारी योजना में शामिल किया गया था.

इसके परिणामस्वारूप राष्ट्री य स्त्र पर केन्द्रीय विद्यालयों के लिए युवा संसद की एक पृथक योजना 1988 में आरंभ की गई थी. इसी प्रकार 1997-98 में राष्ट्री य स्तयर पर दो नई युवा संसद योजनाएं आरंभ की गई, जिनमें से एक जवाहर नवोदय विद्यालयों और दूसरी महाविद्यालयों/विश्वेविद्यालयों के लिए थी. समाज व युवाओं से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर बहस व अपने अनुभवों के आदान-प्रदान करने के उद्देश्य से यूथ पार्लियामेंट का आयोजन किया जाता है.

इसे भी पढ़ेंःन्यूज विंग ब्रेकिंग: निगरानी की जद में आये सात लाख का बैलून उड़ाने वाले IFS अफसर

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like
%d bloggers like this: