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चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज रोकने में लगे हैं युवा, बच्चों को कर रहे हैं जागरूक

Ranchi : कुछ युवाओं ने चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज के बारे में बच्चों को जागरूक करने का बीड़ा उठाया है. ये ऐसे युवा हैं, जो चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज के संबध में बदलाव लाना चाहते हैं. बदलाव के लिए युवाओं की ओर से प्रोजेक्ट स्पर्श चलाया जा रहा है.

जिसे रांची की अवनी प्रसाद ने शुरू किया है. अवनी बताती हैं कि उनके एक महीने के प्रयास से उनका प्रोजेक्ट एक हजार बच्चों तक पहुंचा. इस मुहिम में अवनी के साथ कई और भी युवा जुड़े हैं.

जिनका मानना है कि जहां शिक्षा का काम खत्म होता है. वहीं युवाओं का काम शुरू होता है. स्पर्श के बारे में बताते हुए अवनी ने कहा कि चार क्षेत्रों में काम किया जा रहा है. इसमें सुरक्षित और असुरक्षित स्पर्श के बारे में बच्चों को जानकारी देना, माता-पिता के संबध के लिए जागरूक करना, बच्चों को साइकोलॉजिकल सपोर्ट देना.

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गांवों में किया जाता है कार्यक्रम का आयोजन

अवनी ने बताया कि चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज के बारे में ग्रामीणों और स्कूलों में जा कर बच्चों को बताया जाना जरूरी है.ऐसे में स्कूल और गांव जाकर सुरक्षित और असुरक्षित स्पर्श के बारे में लोगों को बताया जाता है.

साथ ही सके लिए माता-पिता के लिए भी वर्कशॉप का आयोजन किया जाता है. जिससे उनके संबंधों को जागरूक किया जा सकें. अभियान की जानकारी देते हुए इन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य के तहत बच्चों के बीच जागरूकता फैलाना है.

15 मिनट में एक बच्चा सेक्सुअल अब्यूस का होता शिकार है

आंकड़ों के मुताबिक, भारत में हर पंद्रह मिनट में एक बच्चा चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज का शिकार होता है. हर 13 घंटे में एक बच्चे का रेप होता है. हर तीन में से एक लड़की और पांच में से एक लड़का 18 साल का होने के पहले चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज का शिकार हो चुका होता है.

इस अभियान में अवनी के साथ इप्सिता, रूपन, प्रीति, सुगम, सौरभ, आकृति, रित्विक, कबीर और आदित्य हर्ष साथ दे रहे हैं. अवनी ने बताया कि अभियान चलाने में परेशानी हो रही है, क्योंकि अभी यह अभियान क्राउड फंडिंग से चल रही है.

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