Opinion

#ArogyaSetu एप आपने भी डाउनलोड किया है, तो जान लीजिये यह केवल सुझाव देता है, इमरजेंसी में कोई हेल्प नहीं करेगा

Apurva Bhardwaj

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इस “आरोग्य सेतु” से आप आरोग्य नही होंगे. मंगलवार को मोदी जी ने लाकडाउन बढ़ाने के साथ एक अपील भी की है. जिसमें हर भारतीय को आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करने को कहा गया है. तो चलिए आज विश्लेषण करते हैं कि क्या वास्तव में यह एप्लीकेशन इतना शक्तिशाली है, जितना मोदी सरकार द्वारा बताया जा रहा है.

सेल्फ असेसमेंट टेस्ट

इस एप का सबसे बड़ा फीचर सेल्फ असेसमेंट बताया जा रहा है. लेकिन यह चेटबॉट द्वारा किया जाता है. इसलिए इसमें सूचना पहले फीड रहती है. इसलिए आपकी कोई हेल्प नहीं कर सकता है. अगर आप टेस्ट में हाई रिस्क में आते हैं, तो यह आपको ऑटोमेटिकली टेस्टिंग सेंटर और कोई हॉस्पिटल रेफर नहीं करता है. यह केवल सुझाव देता है और आपको इमरजेंसी में कोई हेल्प नहीं कर पाता है.

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टेस्ट यूजर्स पॉजिटिव होने की स्थिति में रिपोर्ट करने का ऑप्शन नहीं देता है, इसलिए दूसरे यूजर को टेस्ट का रिज़ल्ट आने पर अलर्ट कैसे देगा, आईडली इसमें मैन्युअल चैटिंग होनी चाहिए और कॉन्टेक्ट की मैपिंग होना चाहिए इस फार्मेट में यह टेस्ट केवल औपचारिकता बन कर रह गया है.

सेल्फ ट्रैकिंग

सरकार के पास सारे पॉजिटिव केसों के मोबाइल नंबर हैं. क्या वो इस एप में फीड किये गये हैं. अगर हां तो यह एप्लिकेशन आपको अलर्ट क्यों नहीं भेज रहा है और आपकी लोकेशन और ब्लूटूथ अनुमति लेने के बाद भी कोरोना केस मैप क्यों नहीं दे रहा है. अगर आप अनुमति लेकर बाहर जा रहे हैं, तो सेफ रूट सजेशन क्यों नहीं दे रहा है. इस सबका मतलब है, इस ट्रैकिंग में आर्टिफिशियल इंटलीजेंस और मशीन लर्निंग तकनीक का बिल्कुल भी उपयोग नहीं हुआ है. और ऐसे में सेल्फ ट्रेकिंग केवल नाम की रह जाती है.

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प्राइवेसी

अब तक राज्य सरकारों को केंद्र सरकार से आरोग्य सेतु के डेटा के बंटवारे के बारे में कोई स्पष्ट आदेश नहीं मिला है. फिलहाल, यह एप केवल व्यक्तिगत उपयोग के लिए है. सबसे पहले सरकार को यह बताना चाहिए कि डेटा कैसे संग्रहित किया जा रहा है. इसे किस हद तक एकत्र किया जायेगा और जिस उद्देश्य के लिए इसे किया जा रहा है. उसके बाद इसको सर्वर से हटा दिया जायेगा.

सरकार को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि किन-किन सरकारी विभागों तक डेटा की पहुंच होगी. एप अनाम डाटा एकीकरण कर रहा है. बहुत से डेटासेट व्यक्तिगत सुरक्षा जोखिम बन सकते हैं और व्यक्तिगत पहचान भी सार्वजनिक हो सकती है.

सरकार के हिसाब से लगभग सभी को अपने फोन पर एप इंस्टॉल करना होगा. मुझे नहीं पता कि 90 करोड़ मोबाइलधारकों वाले भारत में कैसे संभव होगा. जहां इंटरनेट सिर्फ मनोरंजन के लिए उपयोग होता है.

निष्कर्ष

आरोग्य सेतु एक बहुत ही साधारण और सामान्य सूचना प्रदान करनेवाला एप्लिकेशन है. यह ऐप कुछ भी हल नहीं करेगा. इस एप को बहुत सुधार की आवश्यकता है. जैसे मैंने मोदी जी को वीडियो संदेश में बताया था अगर हमें कोरोना को तकनीक के द्वारा हराना है. तो हमें कटिंग एज टेक्नोलॉजी से इस एप को जोड़ना होगा. वरना यह सब केवल एक पीआर एक्सरसाइज बन कर रह जायेगा.

नोट- लेखक डाटा विशेषज्ञ हैं और यह लेखक के निजी विचार हैं.

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