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तिहाड़ जेल के हर कैदी के लिए योगा जरूरी, नया जेल मैनुअल एक जनवरी से  

तिहाड़ जेल के हर कैदी के लिए एक जनवरी से योगा जरूरी है. उनके लिए अनुलोम-विलोम और प्राणायाम अनिवार्य हो जायेगा

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NewDelhi : तिहाड़ जेल के हर कैदी के लिए एक जनवरी से योगा जरूरी है. उनके लिए अनुलोम-विलोम और प्राणायाम अनिवार्य हो जायेगा. बता दें कि तिहाड़ जेल में एक जनवरी से नया मैनुअल लागू हो रहा है,  जिसके तहत योगा विचाराधीन और सजायाफ्ता सभी कैदियों के लिए अनिवार्य होगा. अभी तक योगा पीस मेल प्रोग्राम के तहत सिर्फ तिहाड़ के एक-दो जेलों तक ही सीमित था लेकिन अब ये सभी जेलों में अनिवार्य रूप से लागू होगा. तिहाड़ जेल के डीजी अजय कश्यप के अनुसार  तिहाड़ के सभी 16 जेलों में योगा का सिलेबस लागू होगा. जो कैदी रिहा हो चुके हैं, प्रोग्राम उनके लिए भी होगा. खबरों के अनुसार योगा ट्रेनर सहित लगभग 1000 कैदियों को नौकरी दी जायेगी. मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ योगा के प्रांगण में आयुष मंत्रालय के सचिव और तिहाड़ जेल के बीच करार हो चुका है. नये जेल मैनुअल को दिल्ली सरकार द्वारा नोटीफाइड कर दिया गया है. लेकिन इससे पूर्व तिहाड़ जेल के कैदियों की स्किलिंग कर उन्हें अनुलोग-विलोम और प्राणायाम के लायक बनायेगा. जेल सुधारों के लिए प्रख्यात वर्तिका नंदा तिहाड़ जेल पर तिनका-तिनका तिहाड़ नामक किताब लिख चुकी हैं.  उऩ्होने कहा कि योगा न केवल मानसिक-शारीरिक संतुलन लाता है बल्कि कैदियों को सकारात्मक जीवन के लिए प्रेरित भी करता है.

 खूंखार अपराधी बना रहे गौतम बुद्ध, कृष्ण और हनुमान की पेटिंग्स

तिहाड़ जेल के खूंखार अपराधी गौतम बुद्ध, कृष्ण और हनुमान की पेटिंग्स बना कर अपनी प्रतिभा दर्शा रहे हैं.   तिहाड़ जेल के कैदियों की कला और टैलेंट का अंदाजा इस बात से लग सकता है कि प्रदूषण से संबंधित लगभग 350 पेंटिंग्स तिहाड़ के कैदी बनायेंगे जो नयी बनने वाली इमारतों में लगेंगी. तिहाड़ जेल के डीजी अजय कश्यप ने बताया कि जो भी पेंटिंग बिकती है, उन बिकने वाली पेंटिंग्स का आधा हिस्सा कैदी को मिलता है.  कॉलेज ऑफ आर्ट्स और ललित कला अकादमी से संबंधित कलाकार कैदियों के सुधार में एक अहम हिस्सा बन रहे हैं. बताया कि  कई ट्रेंड रिहा कैदी अपने परिवार के साथ इज्जत से रह रहे हैं.

IGNOU के साथ  एमओयू : IGNOU के साथ एमओयू किया गया है] जिसके तहत  जेल में 6 या 9 महीने का कोर्स करने वाले को IGNOU से डिप्लोमा या सर्टिफिकेट मिलेगा. बता दें कि कैदियों की ड्रामा, म्यूजिक, स्पोर्ट्स में काफी रुचि है. तिहाड़ जेल के कैदियों द्वारा बनाये गये फर्नीचर, हैंडीक्राफ्ट, ऑफिस फर्नीचर क्वालिटी और फिनिशिंग के मामले में ब्रैंडेड फर्नीचर को मात देते हैं.

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