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टेरर फंडिंग केस में यासीन मलिक को उम्रकैद, 10 लाख जुर्माना

New Delhi : NIA की अदालत ने टेरर फंडिंग केस में यासीन मलिक को सजा सुना दी है. बुधवार शाम सवा छह बजे पटियाला हाउस कोर्ट में एनआईए के जज प्रविण सिंह ने यासीन मलिक को दो मामलों में आजीवन कारावास की सजा सुनाई साथ ही 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया. बता दें कि NIA ने यासीन मलिक को सजा ए मौत देने की मांग की थी.

बीते गुरुवार को कोर्ट ने टेरर फंडिंग मामले में यासीन मलिक को दोषी ठहराया था. मलिक ने सुनवाई के दौरान कबूल कर लिया था कि वह कश्मीर में आतंकी गतिविधियों में शामिल था.

इससे पहले यासीन मलिक को दिल्ली की पटियाला कोर्ट लाया गया. कोर्ट में सजा पर बहस हुई. इसके बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया.

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मलिक की सजा पर फैसला पहले शाम साढ़े तीन बजे आना था, फिर इसे 4 बजे तक के लिए टाल दिया गया. इसके बाद करीब 6.15 बजे फैसला सुनाया गया.

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कोर्ट ने माना है कि मलिक ने ‘आजादी’ के नाम जम्मू कश्मीर में आतंकवादी और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए धन जुटाने के मकसद से दुनिया भर में एक नेटवर्क स्थापित कर लिया था. NIA ने स्वत: संज्ञान लेते हुए इस मामले में 30 मई 2017 को केस दर्ज किया था. इस मामले में एक दर्जन के अधिक लोगों के खिलाफ 18 जनवरी 2018 को चार्जशीट फाइल की गई थी.

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने कोर्ट में कहा था, लश्कर-ए-तैयबा, हिजबुल मुजाहिदीन, जेकेएलएफ, जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों ने पाकिस्तान की आईएसआई के समर्थन से नागरिकों और सुरक्षाबलों पर हमला करके घाटी में बड़े पैमाने पर हिंसा को अंजाम दिया.

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