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चिंताः गरीबी ने प्रारंभिक शिक्षा हासिल करने में 4 प्रतिशत से भी अधिक बच्चों के पांव में डाली बेड़ी, जानें माध्यमिक में क्या है हाल

Ranchi: प्रारंभिक शिक्षा भी हासिल करने की राह बच्चों के लिये आसान नहीं है. विभिन्न कारणों से बच्चे प्रारंभिक शिक्षा से वंचित हो जा रहे हैं. उन्हें स्कूल छोड़ने की नौबत आ जाती है. इस मामले में स्थिति ऐसी है कि राज्य में प्राइमरी शिक्षा हासिल करने में विफल रहने और स्कूल छोड़ने का आंकड़ा देश के शीर्ष सात राज्यों में है. शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक स्कूल छोड़ने वाले बच्चों के मामले में जानकारियों के लिए एकीकृत जिला शिक्षा सूचना प्रणाली (यूडाईज+) एक्टिव है. इसके मुताबिक 2020-21 के अनुसार झारखंड में 4.1 फीसदी बच्चों ने स्कूली पढ़ाई छोड़ दी. देश में इससे अधिक औसत मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश (7.1 से 7.9 तक), नगालैंड (5.3) और त्रिपुरा (4.7) जैसे राज्यों की ही है. इस तरह से पूर्वोत्तर राज्यों को छोड़ दें तो प्राइमरी शिक्षा के लिये स्कूल छोड़ने वाले बच्चों का आंकड़ा बाकी राज्यों की तुलना में कहीं उंचा है.

यह है देश में राष्ट्रीय औसत

पिछले दिनों लोकसभा के मॉनसून सत्र के दौरान सांसद गोरांतला माधव ने शिक्षा मंत्रालय से जानकारी मांगी थी कि पिछले वर्ष के दौरान बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले बच्चों की दर का प्रतिशत कितना है. बीच में पढ़ाई छोड़ने वालों की दर में वृद्धि का कारण क्या है.मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने जानकारी दी कि पिछले वर्ष (2020-21) की अवधि में प्राइमरी स्कूल की पढ़ाई छोड़ने वाले बच्चों का राष्ट्रीय औसत 1.3 था. इसमें आंध्र प्रदेश, बिहार, चंडीगढ़, लक्षद्वीप, सिक्किम, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी, पंजाब और ओड़िशा (सबों में 0.0) जैसे राज्यों में एक भी केस नहीं दिखा. तमिलनाडु (0.6), गोवा और महाराष्ट्र (1.2-1.2) कर्नाटक (1.4) भी बेहतर स्थिति में हैं.

माध्यमिक शिक्षा में क्या है स्थिति

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माध्यमिक शिक्षा के मामले में भी झारखंड की तस्वीर संतोषजनक नहीं. गरीबी और दूसरे कारणों से भी यहां 13 फीसदी स्टूडेंट्स ने पढ़ाई छोड़ दी. 2020-21 की अवधि में देश में राष्ट्रीय औसत 14 फीसदी का रहा. इस मामले में सबसे खराब स्थिति वाले राज्यों में असम (30.3), मेघालय (27.6), त्रिपुरा (26.7), मध्य प्रदेश (23.8),नगालैंड (23.6), सिक्किम (21.6) जैसे राज्य रहे. इनके अलावे झारखंड से भी खराब परफॉर्मेंश वाले राज्यों में बिहार (17.6), दादरा और नगर हवेली (17.7), कर्नाटक (16.6), ओड़िशा (16.0), तेलंगाना (13.9) और पश्चिम बंगाल (13.3) का रहा.

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