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मजदूरों को मिलेगी 100 दिन के काम की गारंटी: मनरेगा आयुक्त

मनरेगा आयुक्त राजेश्वरी बी ने सभी जिलों को अनुग्रह अनुदान की राशि के भुगतान के दिये निर्देश

Ranchi: मनरेगा आयुक्त ने मजदूरों को 100 दिन काम उपलब्ध कराने की गारंटी के साथ काम करने का निर्देश सभी जिलों के अधिकारियों को दिया है. उन्होंने कहा है कि राज्य सरकार राज्य के मजदूरों को उनके घर में ही रोजगार उपलब्ध कराने को संकल्पित है.  यही कारण है कि बाहर से आने वाले मजदूर भी अब राज्य में ही मनरेगा से जुड़कर काम कर रहे हैं. उन्हें सरकार पर पूरा भरोसा है कि उन्हें हर हाल में 100 दिन का रोजगार मिलेगा.

मनरेगा में जीवन और जीविका दोनों है सुरक्षित

मनरेगा आयुक्त ने कहा कि मनरेगा मजदूरों के लिए न सिर्फ जीविका का साधन है बल्कि उनके जीवन को भी सुरक्षित कर रहा है.

मनरेगा आयुक्त राजेश्वरी बी ने इस बाबत सभी जिलों के उप विकास आयुक्तों को पत्र लिख कर निर्देश दिया है कि अधिकतम 65 वर्ष तक की आयु के जिन मजदूरों के द्वारा किसी वित्तीय वर्ष में कम-से-कम 15 दिनों तक मनरेगा अंतर्गत कार्य किया गया है, उनका उस वित्तीय वर्ष तथा उसके अगले वित्तीय वर्ष में मृत्यु अथवा दुर्घटना में मृत्यु अथवा अप्राकृतिक मृत्यु (हत्या सहित) अथवा अंग-भंग हो जाने पर उनके वैध उत्तराधिकारी/ दुर्घटना से पीड़ित श्रमिक को अनुग्रह अनुदान की राशि का भुगतान किए जाने का प्रावधान है.

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इसके लिए वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए अनुग्रह अनुदान हेतु राज्य कोष से कुल 10 करोड़ रुपए का बजटीय प्रावधान किया गया है. मनरेगा आयुक्त के द्वारा बताया गया कि मनरेगा योजना अंतर्गत कार्य करने वाले श्रमिक राज्य के निर्धनतम परिवार के लोग होते हैं.

ऐसे किसी श्रमिक की प्राकृतिक मृत्यु अथवा अप्राकृतिक कारणों से मृत्यु हो जाने पर परिवार की आर्थिक स्थिति बिलकुल दयनीय हो जाती है तथा इन्हें केंद्र सरकार द्वारा किसी प्रकार का अनुग्रह अनुदान का लाभ नहीं दिया जाता है.

ऐसी स्थिति में निर्णय लिया गया है कि अधिकतम 65 वर्ष तक के आयु के जिन मजदूरों के द्वारा किसी वित्तीय वर्ष में कम-से-कम 15 दिनों तक मनरेगा अंतर्गत कार्य किया गया है, उनका उस वित्तीय वर्ष तथा उसके अगले वित्तीय वर्ष में मृत्यु अथवा दुर्घटना में मृत्यु अथवा अप्राकृतिक मृत्यु (हत्या सहित) अथवा अंग-भंग हो जाने पर निम्न प्रकार से अनुग्रह अनुदान की राशि का भुगतान उनके वैध उत्तराधिकारी/ दुर्घटना से पीड़ित श्रमिक को किया जाएगा –

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1. दुर्घटना में मृत्यु अथवा अप्राकृतिक मृत्यु (हत्या सहित) होने अथवा स्थायी रूप से विकलांग/ अंग-भंग हो जाने पर राशि 75,000/- (पचहत्तर हजार रुपए)

2. दुर्घटना में आंशिक रूप से विकलांग होने पर राशि रुपए 37,500/ (सैंत्तीस हजार पांच सौ रुपए)

3. सामान्य मृत्यु होने पर राशि 30,000/- (तीस हजार रुपए)

4. मनरेगा योजना अंतर्गत निर्मित डोभा में डूबकर मरने वाले मृतकों के आश्रितों को अनुग्रह अनुदान का भुगतान के रूप में 50,000/- (पचास हजार रुपए)

मनरेगा आयुक्त ने सभी जिलों के उप विकास आयुक्तों को एक सप्ताह के अंदर ऐसे सभी मृत श्रमिक/ दुर्घटना से पीड़ित  श्रमिकों को चिन्हित कर सूची विभाग को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है तथा यह भी निर्देश दिया गया है कि ऐसे किसी प्रकार की घटना होने पर तुरंत विस्तृत स्थानीय जांच की जाये तथा मामला सही पाये जाने पर 24 घंटे के अंदर आश्रित/पीड़ित को राशि उपलब्ध कराई जाये.

467 लाख मानव दिवस सृजित

वर्तमान वित्तीय वर्ष 2021- 22 में अब तक कुल 19.45 लाख मजदूरों को मनरेगा के तहत रोजगार उपलब्ध कराया गया है तथा 467 लाख मानव दिवस सृजित किए गए हैं.

हर इच्छुक परिवार व मजदूर को यथासंभव उनके गांव और टोला में ही रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रत्येक गांव टोला में  कम से कम 5 से 6 योजनाओं के क्रियान्वयन  का लक्ष्य सरकार ने तय किया है.

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