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गिरिडीह:  पुलिस और खदान प्रबंधक के खिलाफ मजदूर यूनियन ने किया प्रदर्शन

Giridih:  गिरिडीह सीसीएल के ओपेन कास्ट खदान के कोयला तस्करों, संरक्षकों और कोयले की चोरी कराने में कथित भूमिका निभाने वाले खदान प्रबंधक के खिलाफ झारखंड जेनरल मजदूर यूनियन ने गुरुवार को खदान का घेराव कर धरना दिया. घेराव का नेत्तृव भाकपा माले नेता राजेश यादव और राजेश सिन्हा कर रहे थे. इस दौरान यूनियन नेता राजेश यदव ने खदान प्रबंधन और मुफ्फसिल पुलिस पर हमला करते हुए कहा कि मजबूरी में पेट पालने वाले गरीब मजदूरों को कोयला चोर बताकर पुलिस जेल भेजती है.

इन मजदूरों के खिलाफ सीसीएल प्रबंधन कोयला चोरी का केस दर्ज कराता है. दूसरी तरफ ओपेन कास्ट खदान को लूटने वाले सफेदफोश नेताओं को प्रबंधन और पुलिस संरक्षण दे रही है. यह कितना सही है. यूनियन नेता यादव ने सीधे तौर पर पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि चार माह पहले जब खुद डीएसपी संतोष मिश्रा ने एक सफेदफोश नेता का नाम पत्रकारों के समक्ष लिया था और उसके खिलाफ पचंबा थाना में केस दर्ज किया.

इसके बावजूद सफेदफोश नेता के खिलाफ पुलिस खामौश बैठी है. इसे साबित होता है कि सीसीएल प्रबंधन और पुलिस जानबूझ कर कोयला तस्करों और संरक्षकों को सुरक्षित कर रही है.

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पुलिस पर लगाये गंभीर आरोप

इधर यूनियन नेता राजेश सिन्हा ने भी तस्करों के साथ संरक्षक और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि संरक्षक ही ओपेन कास्ट के कोयला तस्करों को बचा रहे हैं. सत्ता की शक्ति का इस्तेमाल इलाके के एक सफेदफोश नेता द्वारा खुलेतौर पर किया जा रहा है. कोयला तस्कर व संरक्षक लगातार मीडिया का नाम बदनाम कर पैसे पहुंचाने की बात कह रहे हैं. अवैध कमाई के पैसे का घिनौना खेल तस्कर, संरक्षक के साथ पुलिस और खदान प्रबंधक खेल खेल रहे हैं. लेकिन बदनाम गरीब मजदूरों को किया जा रहा है.

ओपेन कास्ट प्रबंधक को जवाब देना चाहिए कि अब तक इलाके के विकास के लिए क्या काम किया गया? कितने लोगों को अस्थायी तौर पर रोजगार दिया गया. प्रदर्शन के दौरान यूनियन के नेताओं ने जीएम के नाम खदान प्रबंधक को ज्ञापन सौंपा.

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ये लोग प्रदर्शन में थे शामिल

इधर प्रबंधक को सौपें गए ज्ञापन में बेरोजगारों को सीसीएल प्रबंधक से लोकल सेल चालू कर रोजगार की गांरटी देने, मजदूरों के बजाय तस्करों और संरक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, सीसीएल इलाके के गांवो में पानी, बिजली, स्वास्थ और शिक्षा की व्यवस्था करने, सीसीएल में घटते मैनपावर की बहाली की मांग की. प्रदर्शन में मो चांद, शकीला बानो, मो सिराज समेत काफी संख्या में इलाके की ग्रामीण महिलाओं के साथ युवक-युवतियां शामिल थीं.

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