Bokaro

फायरिंग के बाद ऐश पौंड कांटा घर के कामगारों ने बंद किया काम, सुरक्षा की मांग

Bermo: बेरमो अनुमंडल के बोकारो थर्मल स्थित डीवीसी के ऐश पौंड में राख ढुलाई का काम ठप पड़ा है.

दरअसल सोमवार की रात हुई फायरिंग के बाद यहां के कांटाघर में काम करने वाले मजदूरों ने काम करने से मना कर दिया है.

मंगलवार को कांटाघर में काम करनेवाले कामगारों तथा डीवीसी के कांटा बाबूओं ने सुरक्षा की मांग की, और बगैर सुरक्षा के काम करने से इनकार कर दिया है.

advt

इसे भी पढ़ेंःएक और बुरी खबर ! रेटिंग एजेंसी मूडीज ने कहाः भारतीय बैंकिंग सेक्टर सबसे असुरक्षित

कामगारों सहित डीवीसी की यूनियन कामगार संघ के पदाधिकारियों ने इस संबंध में एक पत्र स्थानीय प्रोजेक्ट हेड कमलेश कुमार को सौंपा है.

राख ढुलाई का काम ठप

ऐश पौंड में हुई फायरिंग के बाद पौंड से राख का उठाव करने वाले हाइवा के मालिक एवं चालक खासे दहशत में हैं. वाहनों के मालिकों एवं चालकों ने पौंड से राख उठाव का काम पूरी तरह से बंद कर रखा है. वाहन मालिक एवं चालकों ने भी डीवीसी प्रबंधन से सुरक्षा की मांग की है.

उनका कहना है कि जब तक समस्या का निबटारा नहीं हो जाता है, वाहनों का परिचालन नहीं होगा.

adv

सोमवार रात हुई फायरिंग

गौरतलब है कि बाइक सवार नकाबपोशों अपराधियों ने सोमवार रात ऐश पौंड में चार राउंड फायरिंग की थी. जिससे हाइवा के मालिक एवं चालक खासे दहशत में हैं.

इसे भी पढ़ेंःसरकार के दुलारे ये #IAS अधिकारी, जो करीब चार साल से जमे हैं एक ही पद पर

चालकों का कहना है कि नकाबपोशों के द्वारा फायरिंग के बाद पौंड से जाने के दौरान कहा था कि ‘ठेकेदार से कहना आकर भैया जी से मिल ले’.

इधर घटना के बाद थाना के अवर निरीक्षक सुरेश राम, सहायक अवर निरीक्षक मनोज कुमार झा सुरक्षा बलों के साथ ऐश पौंड पहुंचकर मामले की छानबीन की. मजदूरों और चालकों से घटना की जानकारी ली.

हालांकि, पुलिस अब तक इस नतीजे पर नहीं पहुंच पा रही है कि घटना को आपराधियों ने अंजाम दिया है या फिर नक्सलियों ने.

खराब पड़े हैं सभी सीसीटीवी कैमरे

ऐश पौंड में इस प्रकार की घटनाओं से निजात पाने तथा सुरक्षा को लेकर डीवीसी के स्थानीय प्रबंधन के द्वारा पौंड के प्रवेश द्वार, कांटा घर और आसपास आठ सीसीटीवी कैमरे लगाये गये थे.

लेकिन ये सीसीटीवी कैमरे पिछले काफी दिनों से खराब है. कांटा बाबू या वाहनों के मालिक एवं चालकों का कहना था कि सीसीटीवी कैमरे काम कर रहे होते तो पुलिस को अनुसंधान में काफी मदद मिलती.

इसे भी पढ़ेंःदुमका: मंत्री लुईस मरांडी ने सड़क बनवाने का वादा पूरा नहीं किया, ग्रामीणों ने वोट नहीं देने का लिया निर्णय

advt
Advertisement

Related Articles

Back to top button