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सदर अस्पताल के दूसरे चरण के निर्माण में लेटलतीफी, नहीं हो सकेगा दिसंबर तक कार्य पूरा

कभी नक्शे में बदलाव, कभी निर्माण में तोड़फोड़ से हो रही देर

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Ranchi : 300 बेड वाले सदर अस्पताल के लिए लोगों को अभी और इंतजार करना पड़ेगा. इस अस्पताल को दिसंबर में भी सरकार को हैंडओवर नहीं किया जा सकेगा. अस्पताल का अभी आधे से भी अधिक काम बाकी है. जो काम हुआ है, उसमें भी तोड़फोड़ चल रहा है. इससे निर्माण कार्य पूरा होने में और अधिक समय लग सकता है. अस्पताल का नक्शा फिर से रिवाइज्ड कर दिया गया है. जबकि, इससे पहलेवाले नक्शे के अनुसार अस्पताल में निर्माण किया जा चुका था. अब नये नक्शे के अनुसार लगभग 50 प्रतिशत दीवारों को तोड़ा जा रहा है. इससे जहां काम में देरी होगी, वहीं बजट में भी बढ़ोतरी होगी. निर्माण कार्य कर रही कंपनी विजेता कंस्ट्रक्शन के प्रतिनिधि ने बताया कि पांच इंच की दीवार को तोड़कर 10 इंच की दीवार उठाने का ऑर्डर मिला है. इसके अलावा सीढ़ी की रेलिंग को भी काटकर उस स्थान पर दीवार खड़ी करने को कहा गया है. कंपनी के कर्मचारी ने बताया कि तय एग्रीमेंट के अनुसार अस्पताल को मार्च 2019 तक डिलीवर करना है. लेकिन, उस समय में भी इसे हैंडओवर कर पाना मुश्किल ही लग रहा है.

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सदर अस्पताल के दूसरे चरण के निर्माण में लेटलतीफी, नहीं हो सकेगा दिसंबर तक कार्य पूरा

योजना की लागत 60 करोड़ से 170 करोड़ पहुंची, अभी और बढ़ने की संभावना

300 बेड वाला सदर अस्पताल वर्ष 2011 में 60 करोड़ रुपये की लागत से ही बन जाता, लेकिन सरकार की लापरवाही और विभाग की उदासीनता के कारण 60 करोड़ रुपये की योजना 170 करोड़ रुपये तक पहुंच गयी. फिर भी अब तक यह तैयार नहीं हो सका है. इस राशि में अभी और बढ़ोतरी होने की संभावना जतायी जा रही है. कंस्ट्रक्शन कंपनी के प्रतिनिधि ने बताया कि 10 करोड़ रुपये का बिल पास हो चुका है. 15 करोड़ रुपये का बिल तैयार है, इसे जल्द ही सरकार को सौंपा जायेगा.

सदर अस्पताल के दूसरे चरण के निर्माण में लेटलतीफी, नहीं हो सकेगा दिसंबर तक कार्य पूरा

दिसंबर में हैंडओवर करने का हाई कोर्ट ने दिया था आदेश

हाई कोर्ट ने एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए 300 बेड वाले सदर अस्पताल को दिसंबर 2018 तक हैंडओवर कर देने का आदेश दिया था. तत्कालीन चीफ जस्टिस प्रदीप कुमार मोहंती एवं जस्टिस आनंद सेन की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए 300 बेड वाले इस अस्पताल को दिसंबर 2018 में शुरू करने का आदेश दिया था. लेकिन, हाई कोर्ट के इस आदेश का कितना पालन हो सका है, इसका अंदाजा अस्पताल निर्माण की स्थिति देखकर सहज ही लगाया जा सकता है. कंपनी के सदस्यों की मानें, तो एग्रीमेंट में मार्च 2019 तक अस्पताल सौंपने की बात कही गयी है, लेकिन मार्च में भी हैंडओवर करने में संशय ही लग रहा है.

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सात महीने में तैयार हो जायेगा अस्पताल : सिविल सर्जन

इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ वीवी प्रसाद ने बताया कि सदर अस्पताल के दूसरे चरण के निर्माण कार्य को पूरा होने में अभी और पांच से सात महीना लगेगा. निर्माण कर रही कंपनी के लगातार संपर्क में हैं. उन्हें समय पर अस्पताल निर्माण करके देने को कहा गया है.

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