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एक माह के भीतर नियुक्ति नियमावली की विसंगतियां दूर कर विज्ञापन प्रकाशन की थी बात, 29 वें दिन रिक्त पदों का मांग रहे ब्यौरा

  • सीएम का युवाओं को दिलाये गये भरोसे का हाल
  • 23 जून को सीएम ने किया था ट्विट
  • एक माह में विज्ञापन प्रकाशन का दिलाया था भरोसा

Rahul Guru

Ranchi : नियुक्ति वर्ष की घोषणा के छठे महीने की 23 तारीख यानी 23 जून को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एक ट्विट किया था. इस ट्विट में उन्होंने एक माह के भीतर नियुक्ति से संबंधित नियमावलियों में जो विसंगतियां हैं उन्हें दूर करते हुए विज्ञापन प्रकाशित करने का निर्देश दिया था. यह निर्देश उन्होंने मुख्य सचिव, कार्मिक विभाग की प्रधान सचिव, झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष को दी थी.

 

आज 23 जुलाई है और राज्य के बेरोजगार युवाओं को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के दिलाये गये भरोसे का एक माह पूरा हो चुका है. इन एक महीनों में राज्य सरकार की ओर से रोजगार के लिए उठाये गये कदम की बात करें तो एक माह की मियाद को पूरा होने के ठीक एक दिन पहले यानी 29 वें कार्मिक विभाग ने सभी विभागों से संवर्ग क, ख, ग और घ श्रेणियों की रिक्तियों का ब्यौरा मांगा है. जानकारी के मुताबिक अभी वन विभाग की ओर से जानकारी दी गयी है.

कहां एक महीने में नियमावली में सुधार कर विज्ञापन जारी करने की बात कही थी और एक महीने में खाली पदों का ब्यौरा ही मांगा जा रहा है. सरकार के इस रवैये से राज्य के बेरोजगार युवा एक बार फिर खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं.

 

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युवाओं ने चलाया ट्वीटर पर अभियान

युवाओं ने ट्वीटर पर अभियान चला कर सरकार को यह याद दिलाया कि 2021 नियुक्तियों का साल है. जिसकी घोषणा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कर रखी है. युवाओं की ओर से 21 जून से तीन जुलाई तक अभियान चलाया. यह अभियान #jharkhandi_yuva_mange_rojgar  टैग के साथ चला. 22 जुलाई से युवाओं ने एक बार फिर #jssc_नियमावली में सुधार_करो टैग के साथ अभियान शुरू किया है. जहां वे यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या सरकार वास्तव में नौकरी देना चाहती है या विवादित नियमावली बना कर नियुक्ति को केस में धकेल कर सब कुछ लटका कर रखना चाहती है.

 

नियुक्ति वर्ष में नियुक्ति का हाल

  1. सातवीं से 10 वीं जेपीएससी संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा के आवेदन को महीनों हुए परीक्षा तिथि तय नहीं.
  2. जेएसएससी- सीजीएल पिछले 6 वर्षों से अधर में लटकी है. सरकार उस पर बिलकुल निष्क्रिय बनी हुई है.
  3. पंचायत सचिव जिनकी चयन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. पर सरकार मेरिट लिस्ट जारी नहीं कर रही.
  4. जेएसएससी द्वारा लगभग 2 वर्ष पूर्व स्पेशल ब्रांच और एक्साइज कांस्टेबल की परीक्षा ली गयी लेकिन आज तक न उनका परीक्षाफल प्रकाशन हो पाया है और न ही कोई प्रक्रिया ही आगे बढ़ी है.
  5. जेटेट पास अभ्यर्थी को भी सीधी नियुक्ति का वादा किया गया था लेकिन उनकी नियुक्ति को भी रोक दिया गया है.
  6. जूनियर इंजिनियर की परीक्षा हुए लगभग 7 वर्ष बीत चुके है लेकिन उनकी सुध लेने वाला भी कोई नहीं है.
  7. विभिन्न टेक्निकल कोर्स किये विद्यार्थियों की भी स्थिति कम बदतर नहीं है. उनकी नियुक्ति के लिए भी पहली बार वर्ष 2015 में जेएसएससी सीजीएल के साथ परीक्षा ली गयी थी जो रद्द कर दी गयी. आज तक उसका पुनः विज्ञापन नहीं आ पाया है.
  8. एएनएम-जीएनएम नियुक्ति भी पेच में फंसी

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