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यूपी में सपा-बसपा के मिलन से भाजपा के हाथ से जा सकती हैं 50 सीटें !

2019 लोकसभा चुनाव में  सपा और बसपा गठबंधन से यूपी में भारतीय जनता पार्टी  यानी भाजपा को भारी मुश़्किल होगी. जानकार सूत्रों के अनुसार  गठबंधन भाजपा पर बड़ा खतरा बन सकता है.

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 NewDelhi :  2019 लोकसभा चुनाव में  सपा और बसपा गठबंधन से यूपी में भारतीय जनता पार्टी  यानी भाजपा को भारी मुश़्किल होगी. जानकार सूत्रों के अनुसार  गठबंधन भाजपा पर बड़ा खतरा बन सकता है. राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि अगर सपा और बसपा के वोट मिला दिये जायें तो यूपी में सत्तारूढ़ भाजपा को लगभग 50 सीटों का नुकसान झेलना पड़ सकता है.  इस तरह के संकेत 2017 में हुए विधानसभा चुनाव और पूर्व के आंकड़ों से आप जान सकते हैं. यूपी में कुल 80 लोकसभा की सीटें हैं.  अगर सपा व बसपा के वोटों को जोड़ दिया जाये, तो सपा-बसपा का गठबंधन कम से कम 57 सीटों पर जीत जायेगा ऐसे में भाजपा  महज 23 सीटों पर ही सिमट जायेगी. बता दें कि सपा और बसपा ने सबसे पहले  1993 में गठजोड़ कर के चुनाव लड़ा था, तब दोनों ने ही एक-दूसरे को वोटबैंक बनाने में मदद की थी.

सपा-बसपा ने कांग्रेस के समर्थन से सरकार बना ली थी

आंकड़ों पर नजर डालें तो इससे पूर्व 1991 में बसपा ने 386 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिसमें वह केवल 12 सीटें ही जीत पायी थी. बसपा  को तब 35.32 लाख वोट मिले थे. उसके बाद जब 1993 में बसपा ने जब सपा के साथ गठबंधन किया और चुनाव लड़ा तो उसे लगभग 55 लाख वोट मिले थे. वह 164 सीटों पर चुनाव लड़ी थी.  उस समय सपा ने 256 सीटों पर चुनाव लड़ कर 89 लाख वोट हासिल किये थे.  बाद में सपा-बसपा ने कांग्रेस के समर्थन से सरकार बना ली थी और  मुलायम सिंह यादव मुख्यमंत्री बने थे.  हालांकि, 18 महीने बाद बसपा ने समर्थन वापस ले लिया था और आगे चलकर भाजपा के समर्थन से सरकार बनाई थी.  बता दें कि 2019 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए भ्राजपा को मात देने के लिए दो पुराने दुश्मन 26 साल पुरानी खटास भुलाकर गठबंधन की राजनीति कर रहे हैं.

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