Opinion

एलेक्स मॉर्गन के बहाने अमेरिका से भी कुछ सीखा जा सकता है

Shrinivas

अमेरिका से भी बहुत कुछ सीखा जा सकता है. अमेरिकी महिला फुटबॉल टीम की कैप्टन एलेक्स मॉर्गन हैं.  वो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कटु आलोचक हैं. इस हद तक कि हाल में कह दिया कि यदि अमेरिकी टीम इस बार वर्ल्डकप जीत लेती है, जिसकी संभावना व्यक्त की जा रही है, और टीम को अगर राष्ट्रपति भवन में बुलाया जाता है, तो मैं उसमें शामिल होने नहीं जाऊंगी.

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जाहिर है, ट्रंप और उनके समर्थकों (भारतीय अंदाज में ‘भक्तों’) को मॉर्गन का यह अंदाज बुरा ही लगा होगा. लेकिन ऐसी सूचना नहीं है कि इस कारण मॉर्गन को देशद्रोही कहा जा रहा है. या वो ट्रोल की जा रही हैं. या गला फाड़-फाड़कर टीवी शो में उनकी आलोचना हो रही है.

इस मामले में मॉर्गन अकेली नहीं हैं. इसके पहले 2017 में एनबीए चैंपियनशिप (बास्केट बॉल) जीतने के बाद गोल्डन वैरियर्स टीम के स्टार खिलाड़ी स्टीफन करी (Stephen Curry) ने भी टीम के स्वागत में व्हाइट हाउस में होनेवाले परंपरागत आयोजन में जाने से इनकार कर दिया था. इससे चिढ़ कर राष्ट्रपति ट्रंप ने भी ट्विटर के जरिये Curry को दिये निमंत्रण को रद्द करने की घोषणा कर दी थी. फिर भी Stephen Curry की लोकप्रियता में कोई कमी नहीं आयी है. और उन्हीं किसी तरह के भक्तों का शिकार नहीं होना पड़ा.

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भारत का कोई खिलाड़ी इस तरह प्रधानमंत्री की आलोचना करने का ‘दुस्साहस’ कर सकता है क्या, खास कर मौजूदा माहौल में, यह  कल्पना से भी परे है. मगर कोई ऐसा कर दे, तो उस पर क्या बीतेगी, यह कल्पना सहज ही की जा सकती है.

कोई देश महज बड़ी आबादी के कारण ‘बड़ा’ और आदर्श लोकतांत्रिक देश नहीं हो जाता. अमेरिका में लाख बुराइयां हैं, मगर वहां कुछ चीजें ऐसी भी हैं, जिनका अनुसरण किया जा सकता है, किया जाना चाहिए.

गौरतलब है कि अमेरिकी फुटबाल स्टार एलेक्स मॉर्गन अगले महीने फ्रांस में अपनी टीम को विश्व कप खिताब जीतने के लिए तैयार कर रही हैं. और यदि अमेरिकियों को फिर से जीत मिलती है, तो उन्होंने कहा कि वह व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति ट्रम्प से मिलने के लिए संभावित निमंत्रण को अस्वीकार करने के लिए तैयार हैं.

मॉर्गन, पहले से ही ट्रम्प और उनके प्रशासन की नीतियों के विरोध के कारण मुखर होकर बोलती रही हैं. टाइम पत्रिका में प्रकाशित एक लंबे साक्षात्कार में उन्होंने कहा है कि वर्तमान राष्ट्रपति जिन नीतियों को लेकर खड़े हैं, उनसे वे एकमत नहीं हैं.

बता दें कि मार्गन बहुत सारे मुद्दों पर व्हाइट हाउस की नीतियों के साथ खड़ी नहीं हैं. वह अमेरिका की  मेक्सिको सीमा पर प्रवासी परिवारों को अलग करने के बारे में प्रशासन की नीतियों से भी सहमत नहीं हैं.

उन्होंने कहा कि अगर राष्ट्रपति टीम को आमंत्रित करते हैं तो वे व्हाइट हाउस नहीं जाएंगे। यह स्पष्ट नहीं था कि अगर टीम को आमंत्रित करने के लिए टम्प की कोई योजना थी, अगर वे जीत जाते हैं.

मोर्गन ने कहा है कि इन बातों को सिर्फ इसलिए कम महत्व नहीं दिया जाना चाहियो के इसे एक खिलाड़ी यानी गैर सियासी व्यक्ति ने कहा है. खिलाड़ियों के बारे में ये राय कई बार सामने आ चुकी है. मैं इससे सहमत नहीं हूं कि कोई खिलाड़ी सरकार की नीतियों पर बोलने के मामले में बाहर का आदमी है.

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