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मोदी की सत्ता में वापसी से भ्रष्टाचार और वंशवाद की राजनीति करने वालों की दुकानें बंद हो जायेंगी

पीएम मोदी ने आज बिहार के भागलपुर की चुनावी रैली में कहा कि महामिलावटी गिरोह को डर है कि मोदी की सत्ता में वापसी से उनकी भ्रष्टाचार और वंशवाद की राजनीति की दुकानें बंद हो जायेंगी.

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NewDelhi : पीएम मोदी ने आज बिहार के भागलपुर की चुनावी रैली में कहा कि महामिलावटी गिरोह को डर है कि मोदी की सत्ता में वापसी से उनकी भ्रष्टाचार और वंशवाद की राजनीति की दुकानें बंद हो जायेंगी.  कहा कि 70 साल तक आपने लाल बत्ती के रौब को बढ़ते देखा लेकिन गरीब के घर बत्ती जले, इसकी चिंता नहीं की गयी. आपके इस चौकीदार ने लाल बत्ती हटाई और गरीबों के घर सफेद बत्ती जलाई है.  उन्होंने लालू प्रसाद यादव के परिवार पर निशाना साधते हुए कहा, बड़े-बड़े फार्म हाउस वाले, महल जैसे बंगले बनाने वाले नामी-बेनामी संपत्ति खड़ा करने वाले भी आपने बहुत देखे हैं.

उनसे अलग, आपके इस चौकीदार ने आपके चूल्हे-चौके का ध्यान रखा है. ताओं को अपने आंगन तक चकाचक सड़क पहुंचाते तो आपने बहुत देखा, बिहार के गांव-गांव तक सड़कें पहुंचाने का बीड़ा इस चौकीदार और उसके साथियों ने उठाया है. किसानों के नाम पर अपने लिए राजनीतिक रास्ते तो बहुतों ने बनाये लेकिन इतने दशकों बाद भी स्थिति में सुधार नहीं आया. आपके चौकीदार ने बीते पांच वर्षो में इस दिशा में बड़े कदम उठाये हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि फसलों के लिए लागत का डेढ़ गुणा समर्थन मूल्य तय करने की मांग बरसों से हो रही थी.  ये पूरा करने का काम एनडीए की सरकार ने ही किया है.

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आपने मुझे चौकीदारी की जिम्मेदारी दी है

देश के सामान्य मानवी को सुरक्षा कवच देने वाली सारी योजनाएं इसलिए शुरु कर पाया हूं, क्योंकि आपने मुझे चौकीदारी की जिम्मेदारी दी है.  निरंतर मुझे अपना आशीर्वाद, अपना समर्थन दिया है.  सुरक्षा चाहे आपके हितों की हो, आपके सम्मान की हो या फिर देश की सीमा की, ये सबसे जरूरी है. वहीं अपने भाषण में एक बार पाकिस्तान का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि याद करिए, 2014 से पहले पाकिस्तान का रवैया क्या था? आतंकवादी भी पाकिस्तान भेजता था और फिर हमलों के बाद धमकियां भी वही देता था.  कांग्रेस की अगुवाई वाली सरकार सिर्फ कागजी कार्रवाई में उलझकर रह जाती थी.  उन्होंने वहां आयी भीड़ से पूछा, क्या भारत को ऐसे ही रहना चाहिए था? क्या डर-डर कर जीना ही हमारी नीति होनी चाहिए थी?

क्या देश के वीर सपूतों के हाथ बांधना सही था? हमने घर में घुसकर मारा. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एनडीए सरकार की नीति स्पष्ट है. आतंकवाद से और नक्सलवाद से निपटने के लिए हमारे जवानों को खुली छूट दी जायेगी. वहीं स्पेशल ऑर्म्ड फोर्सेस एक्ट का जिक्र करते हुए कहा पीएम मोदी ने कहा कि दूसरी तरफ ये महामिलावटी हैं, जो कह रहे हैं कि हमारे जवानों के पास जो विशेष अधिकार है, उसको भी हटा देंगे.

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 मोदी के इस कार्यक्रम में  50 हजार भारतीय मूल के अमेरिकी लोग शामिल होंगे. मोदी के इस इवेंट में आने से ट्रंप को फायदा होना तय माना जा रहा है.

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जम्मू कश्मीर में भी आतंक के अड्डों पर ताला लगा देंगे

इन्हें देश को जवाब देना चाहिए कि वो वीर जवानों के साथ हैं या फिर आतंक फैलाने वालों के साथ हैं. उन्होंने कहा, हम कह रहे हैं कि जम्मू कश्मीर में भी आतंक के अड्डों पर ताला लगा देंगे, पाकिस्तान से पैसा लेने वालों को जेल में डालेंगे. वहीं कांग्रेस और उसके साथी कह रहे हैं कि पाकिस्तान की भाषा बोलने वालों से आतंकवाद खत्म करने पर बात की जायेगी.

विपक्ष के नेताओं को बयान देते हुए कहा कि महामिलावटी नेता डर फैला रहे हैं  कि अगर इस बार फिर से मोदी आ गया तो देश में चुनाव ही खत्म हो जायेगा.  महामिलावटी नेता ये डर भी फैला रहे हैं कि अगर मोदी फिर सत्ता में आ गया तो संवैधानिक संस्थाएं खत्म हो जाएंगी. महामिलावटी डर फैला रहे हैं कि मोदी आरक्षण खत्म कर देगा. मोदी जब फिर आयेगा तो इनकी भ्रष्टाचार की दुकानें पूरी तरह बंद हो जायेंगी. इनके वंशवादी राजनीति के दिन लद जायेंगे.  रक्षा सौदों की इनकी दलाली बंद हो जायेगी.

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