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IPL-12 की शुरूआत के साथ ही रांची में सक्रिय हो रहे सट्टेबाज, करोड़ों का होता है खेल

सट्टेबाजों पर है रांची पुलिस की नजर-एसएसपी

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Ranchi: आज से आईपीएल का 12वां सीजन शुरू हो रहा है. मैच के शुरू होते भी ही राजधानी रांची के सटोरी सक्रिय हो गए और रोजाना करोड़ों रुपयों की हेरा-फेरी शुरू हो जाएगी.

क्रिकेट प्रेमियों के अलावा एक वर्ग ऐसा भी है जो मैच के टॉस से लेकर हर बॉल को गंभीरता से देखता है और हर गेंद पर दांव लगेगा. सट्टे के इस खेल में कोई एक झटके में कंगाल होगा, तो कोई एक झटके में मालामाल हो जाएगा.

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मिली जानकारी के अनुसार, राजधानी रांची में आईपीएल के हर मैच में करीब 5 करोड़ की सट्टेबाजी होगी. राजधानी रांची के रातू रोड, अपर बाजार, लालपुर, मैन रोड, हरमू, बहुबाजार और चुटिया जैसे इलाकों में बड़े पैमाने पर सट्टा लगाने का खेल चलता है.

व्यापारियों से लेकर युवा तक शामिल

इस खेल में शहर के व्यापारियों से लेकर युवा तक शामिल हैं. दिल्ली, मुंबई और दुबई में बैठे सट्टा बाजार के मास्टर लोकल एजेंट्स के माध्यम इस बार के आइपीएल में भी अपना कारोबार राजस्थान, यूपी, बिहार और झारखंड सहित अन्य राज्यों में फैलाए हुए हैं. नए ग्राहक सोच-समझकर बना रहे हैं और पुराने ग्राहक पहले से इनके संपर्क में है.

अपराधी छवि के व्यक्ति के द्वारा होती है रुपए की वसूली

मिली जानकारी के अनुसार, रांची में आईपीएल के मैच के दौरान सट्टा लगाने वाले कई एजेंट ऐसे हैं, जिनका अपराधी किस्म के लोगों से कनेक्शन है. ये एजेंट अपराधी किस्म के लोगों के जरिये ही पैसा वसूली करते हैं. और हवाला के जरिए रुपया बड़े एजेंट को पहुंचाने का काम कर रहे हैं.

यह पूरा नेटवर्क लैपटॉप, मोबाइल,वाइस रिकॉर्डर वगैरह पर ही चलता है. मिली जानकारी के अनुसार, इसमें एजेंटों को नेता से लेकर अपराधी किस्म के लोगों का संरक्षण प्राप्त रहता है. हालांकि यह खेल पिछले कई साल से चल रहा है. पुलिस की सुस्त रवैये से इनका खेल आज भी जारी है.

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कोड वर्ड पर होता है सट्टे का खेल

क्रिकेट के सट्टे का बाजार कोड वर्ड का है और इस खेल में कोड है. खास बात यह है कि सट्टा लगाने वाले शख्स को लाइन कहा जाता है, जो एजेंट यानी पंटर के जरिये से बुकी (डिब्बे) तक बात करता है.

एजेंट को एडवांस देकर अकाउंट खुलवाना पड़ता है,जिसकी एक लिमिट होती है. सट्टे के भाव को डिब्बे की आवाज बोला जाता है. सट्टेबाज 20 ओवर को लंबी पारी, दस ओवर को सेशन और छह ओवर तक सट्टा लगाने को छोटी पारी खेलना कहते हैं. मैच की पहली गेंद से लेकर टीम के जीत तक भाव चढ़ते-उतरते हैं.

कैसे लगता है रुपया

आईपीएल मैच के दौरान सट्टे के इस खेल में मैच शुरू होने से पहले दोनों टीम का रेट जारी किया जाता है, जो हर गेंद से लेकर टीम की जीत तक भाव चढ़ते-उतरते हैं.

इसी दौरान मैच में सट्टा लगाने वाले अपनी मनपसंद टीम पर भाव के हिसाब पर रुपया लगाते है. अगर टीम जीत जाती है तो भाव के हिसाब से रुपया मिलता है और अगर टीम हार जाती है, तो एजेंट को रुपया देना होता है.

सट्टा खेलाने वालों पर रखी जा रही निगरानी

इस मामले में रांची एसएसपी अनीश गुप्ता से बात करने पर उन्होंने बताया कि सट्टा खेलाने वालों पर निगरानी रखी जा रही है. जहां सूचना मिलेगी कार्रवाई जरुर की जाएगी. इसके लिए सभी थाने की पुलिस को अलर्ट किया गया है.

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