न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

शीतकालीन सत्रः पहले दिन 1117.12 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश

45

Ranchi: झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन की कार्यवाही करीब 1 घंटे चली. पहले दिन सभी औपचारिकताएं पूरी की गयीं और शोक प्रकाश के बाद 26 दिसंबर तक के लिए कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया. इस दौरान सदन की कार्यवाही के लिए कार्यसमितियों का गठन भी किया गया. साथ ही द्वितीय अनुपूरक बजट भी पेश किया गया. अनुपूरक बजट 1117.27 करोड़ रुपये का है. शीतकालीन सत्र के पहले दिन कोलेबिरा विधानसभा से नवनिर्वाचित नमन विक्सल कोंगाड़ी भी पहुंचे, पर वो सदन की कार्यवाही में भाग नहीं ले सके. पहले दिन की कार्यवाही के बाद कोंगाड़ी ने विधानसभा अध्यक्ष के कक्ष में शपथ ली. उन्हें विधानसभा अध्यक्ष ने शपथ दिलायी.

सबसे अधिक बजट गृह-कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग का

द्वितीय अनुपूरक बजट में कुल 1117.27 करोड़ का बजट पेश किया गया. सबसे अधिक 19,449.21 लाख गृह- कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग को, वहीं स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण को 19,415.66 लाख रुपये दिये गये हैं. इसके अलावा ग्रामीण विकास विभाग, विधि विभाग, ऊर्जा विभाग, पेयजल स्वच्छता को भी बड़ी राशि  दी गयी है.

कर्मचारियों को वेतन देने के पैसे नहीं, वित्तीय कुप्रबंधन हैः षाड़ंगी

अनुपूरक बजट के सवाल पर जवाब देते हुए झामुमो के विधायक कुणाल षाड़ंगी ने कहा कि कर्मचारियों को वेतन देने के पैसे नहीं हैं. वित्तीय प्रबंधन की बात करते हैं, इतना वित्तीय कुप्रबंधन हो चुका है कि सरकार ने कंटीजेंसी  फंड को अपनी ब्रांडिंग के लिए प्रयोग किया है. आकस्मिकता निधि के पैसे को मोमेंटम झारखंड में इस्तेमाल कर सरकार ने अपनी ब्राडिंग की. किसानों के लिए विशेष बजट की बात करते हैं, ये आनेवाले चुनाव के लिए पैसे बनाने की व्यवस्था की जा रही है. इसीलिए ये बजट लाया गया है.

छाया रहेगा पारा शिक्षकों का मुद्दा

पिछली बार की तरह इस बार भी सदन शायद ही चल पाएगा. विपक्ष पारा शिक्षकों के मुद्दों को लेकर आर-पार के मूड में है. सदन की कार्यवाही के बाद कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में पारा शिक्षकों के मुद्दों को लेकर स्पेशल बहस कराने की बात कही गयी है. कार्यमंत्रणा समिति की बैठक लगभग एक घंटे तक चली. कार्यमंत्रणा समिति में हुई चर्चा की जानकारी देते हुए राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि पारा शिक्षक पिछले 35 दिनों से हड़ताल पर हैं और लगभग 39 हजार स्कूलों में पठन-पाठन का कार्य ठप है. ये एक गंभीर मुद्दा है, इस पर विचार किया जाना चाहिए, इस पर चर्चा होनी चाहिए, सरकार क्या चाहती है. पारा शिक्षकों को कैसे सम्मानजनक मानदेय मिले इसको लेकर 26 तारीख को प्रश्नकाल के बाद एक घंटे का स्पेशल वाद-विवाद होगा. उस वाद-विवाद के बाद सरकार इस बारे में कुछ निर्णय लेगी.

इसे भी पढ़ें – अपर मुख्य सचिव केके खंडेलवाल को नहीं मिला वीआरएस, सेवा में बने रहेंगे

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Comments are closed.

%d bloggers like this: