National

आरएसएस का कार्यक्रम 17 सितंबर से, अखिलेश, मायावती, ममता को बुलावा, जायेंगे क्या?

विज्ञापन

 NewDelhi :  दिल्ली के विज्ञान भवन में 17 सितंबर से आरएसएस भविष्य का भारत विषय पर तीन दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन करने जा रहा है. इस कार्यक्रम की खासियत है कि इसमें शामिल होने के लिए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विज्य सिंह, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, बसपा सुप्रीमो मायावती और टीएसी प्रमुख ममता बनर्जी को निमंत्रण भेजा गया है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बारे में कहा गया है कि संघ में इस बात पर विचार किया जा रहा है कि राहुल को कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निजी तौर पर आमंत्रित किया जाये. हालांकि अभी तक आमंत्रण नहीं दिया गया है. संघ के भविष्य का भारत कार्यक्रम में शामिल होने और अपने विचार को रखने के लिए दुनिया भर के 70 देशों के विभिन्न प्रतिनिधियों को निमंत्रण भेजा गया है. संघ ने  राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, मीडिया से जुड़े लोगों, धार्मिक संगठनों और अन्य कई देशों के प्रतिनिधियों को निमंत्रित किया है.  हालांकि संघ ने पाकिस्तान के किसी भी प्रतिनिधि को कार्यक्रम में नहीं बुलाया है.   खबरों के अनुसार तीन दिनों तक चलने वाले  कार्यक्रम में संघ प्रमुख मोहन भागवत देश-विदेश से आये प्रतिनिधियों के बीच भविष्य के भारत को लेकर संघ के विचार रखेंगे.

इसे भी पढ़ेंः मोदी विरोध अपनी जगह, ममता बनर्जी केंद्र की योजनाएंं लागू करने में अव्वल

मुस्लिम धर्मगुरुओं को भी आमंत्रित किया गया है

जानकारी के अनुसार आमंत्रण सूची में कई और नाम हैं, जो हमेशा से आरएसएस की आलोचना करते रहते हैं और सार्वजनिक मंच पर कई गंभीर आरोप भी लगा चुके हैं. संघ ने एआईडीएमके, डीएमके, बीजेडी और टीडीपी समेत देश की 40 राजनीतिक दलों के प्रमुखों को बुलावा भेजा है. बता दें कि आरएसएस ने भविष्य का भारत कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कई मुस्लिम धर्मगुरुओं को भी आमंत्रित किया है. हालांकि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने कहा है कि जब तक आरएसएस की सोच में बदलाव नहीं होगा तब तक उसके किसी भी कार्यक्रम में शामिल होने का कोई भी औचित्य नहीं है.

इसे भी पढ़ेंः राजीव गांधी हत्याकांड :  राज्यपाल ने कहा – दोषियों की रिहाई की सिफारिश केंद्र से नहीं की है

राहुल संघ की विचारधारा की आलोचना करते रहे हैं

राहुल गांधी हर मंच और मोर्चे पर संघ की विचारधारा की आलोचना करते रह हैं.  वह हमेशा  कहते रहे हैं कि संघ भारत को पीछे ले जाने का कार्य कर रहा है. उसकी  विचारधारा नफरत फैलाने वाली है, समाज को बांटने वाली है.  संघ में महिला और पुरुष को समान अधिकार नहीं है.  राहुल गांधी आरोप लगाते हैं कि संघ में महिलाओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा है.

advt
Advertisement

Related Articles

Back to top button
%d bloggers like this: