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रांची के लापुंग में जंगली हाथी का कहर, तीन लोगों को कुचल कर मार डाला

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Ranchi: झारखंड में जंगली हाथियों का उत्पात थमने का नाम नहीं ले रहा है. झारखंड में जहां जंगली हाथी फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं तो वहीं लोगों को कुचल कर मार भी रहे हैं. इसी दौरान एक और बड़ी घटना सामने आयी है, जहां राजधानी रांची के लापुंग थाना क्षेत्र में जंगली हाथी ने 3 लोगों को कुचल कर मार डाला और 2 लोग घायल हो गये. घटना के बाद लापुंग में हाथी के जबर्दस्त उत्पात से पूरे इलाके में दहशत का माहौल कायम हो गया है. हाथी ने कई घरों को भी तहस-नहस कर दिया है.

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हाथी ने 3 लोगों को कुचल कर मार डाला

लापुंग में अपने झुंड से अलग होने बाद जंगली हाथी पहले खटंगा सरना टोली गांव पहुंचा. यहां सुषमा टोप्पो और सुमन अविरल खलखो को हाथी ने बुरी तरह से पटक-पटक कर और पैरों से कुचल कर मार डाला. गांव के लोग हल्ला करने लगे तो हाथी वहां से भाग गया. इसके बाद हाथी सेमर टोली गांव पहुंचा और बस्ती में घुस कर 70 वर्षीय एक महिला सुकरो उराइन को कुचल कर बुरी तरह से मार डाला. वहां से हाथी नदी टोली तिलाई गांव पहुंचा. यहां खेतों की रखवाली कर रहे किसान ठकरी उरांव व एक अन्य को घायल कर दिया.

राज्य गठन के बाद से 1200 लोगों की हाथी के हमले में हुई मौत

जंगली हाथियों के हमले में आये दिन ग्रामीणों की जान चली जाती है. वन विभाग के लिए यह एक बड़ी चुनौती बन गयी है. हाथी लोगों की जान सहित फसल और घरों को भी क्षति पहुंचा रहे हैं. वन विभाग की रेसक्यू टीम भी इसे रोकने में अबतक सफल नहीं रही है. राज्य गठन के बाद से अब तक हाथियों के हमले से 1200 लोग अपनी जान गंवा बैठे हैं.

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योजनाएं तो बन रही हैं पर कारगर नहीं

हाथियों पर काबू पाने के लिए वन विभाग योजनाएं तो बना रहा है, लेकिन वह कारगर साबित नहीं हो पा रही हैं. हाथियों के भ्रमण के लिए कॉरिडोर (एक प्राकृतिक स्थल से दूसरे प्राकृतिक स्थल तक) तैयार किया जाना था. इसके लिये जीआइएस मैपिंग भी हुई. लेकिन यह कॉरिडोर अब तक नहीं बन पाया है. राज्य के अंदर पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, गिरिडीह और दुमका में कॉरिडोर बनना था. वहीं अंतरराज्यीय कॉरिडोर उड़ीसा-चाईबासा, उड़ीसा- सारंडा, पूर्णिया-दलमा और सरायकेला- बंगाल में बनाया जाना था.

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