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सीबीआइ रेड का वाइड एंगलः जिस कंपनी से राव की बेटी को मिलते थे पैसे, उस पर कोलकाता पुलिस ने डाली थी रेड

राव की पत्नी के नाम भी हुए हैं कई वित्तीय लेन-देन

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New Delhi/Kolkata: सीबीआइ के जिस अंतरिम निदेशक एम नागेश्वर राव के निर्देश पर सीबीआइ के 40 अफसर कोलकाता के पुलिस कमिश्नर के दरवाजे तक पहुंचे थे, उनके तार उस कंपनी से जुड़ रहे हैं जिनके खिलाफ कोलकाता पुलिस ने कुछ दिनों पहले रेड डाली थी. कोलकाता स्थित इस कंपनी से राव की पत्नी और उनकी बेटी के नाम कई वित्तीय लेन-देन हुए हैं. कोलकाता पुलिस द्वारा की गयी रेड के बाद जब्त कागजात की जांच की जा रही है.

कुछ महीने पहले कोलकाता पुलिस ने एएमपीएल कंपनी पर डाली थी रेड

वेब पोर्टल द बंगाल स्टोरी के अनुसार कोलकाता पुलिस के एक वर्ग का मानना है कि इस नजी कंपनी पर हुई कारर्वाई के बाद ही सीबीआइ की टीम पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के घर पूछताछ के लिए पहुंची थी. उनका मानना है कि इन दोनों मामलों में कहीं न कहीं कोई संबंध है. वहीं कुछ यह मानते हैं कि दोनों मामलों का कोई संबंध नहीं है. कोलकाता पुलिस की एक टीम ने कुछ महीनों पहले बउबाजार पुलिस स्टेशन से संबंधित एक मामले में एंजेला मर्केंटाइल्स प्राइवेट लिमिटेड (एएमपीएल) के दफ्तर पर छापा मारा था. एएमपीएल एक गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी है. इसका रजिस्टर्ड ऑफिस 5 क्लाइव रोड (डॉ राजेंद्र प्रसाद सारणी) है. अक्टूबर 2018 तक इसका कार्यालय सीए ब्लॉक साल्ट लेक सिटी सेक्टर-1 था. यह कंपनी फरवरी 1994 में शुरू हुई थी.

रजिस्ट्रार ऑफ कंपनी ने किया था खुलासा

यह कंपनी तक चर्चा में आयी थी जब रजिस्ट्रार ऑफ कंपनी ने यह बताया था कि एम नागेश्वर राव की पत्नी संध्या और एएसपीएल के बीच लगातार वित्तीय लेन-देन हुआ था. राव की पत्नी संध्या ने मार्च 2011 में एएमपीएल से 25 लाख रुपये का कर्ज लिया था. मार्च 2012 से 2014 के बीच तीन और बड़े वित्तीय लेन-देन हुए जसकी राशि 1.14 करोड़ रुपये थी. उस वक्त राव ने इन लेनदेन को नकार दिया था.

कोलकाता पुलिस के हाथ लगे हैं सबूत

हालांकि कोलकाता पुलिस के सूत्रों का कहना है कि हाल ही डाले गये छापे में उनके पास इस बात के सबूत हाथ आये हैं. कागजात से पता चलता है कि राव की बेटी ने कंपनी से सैलरी के रूप में रुपये लिये हैं. यह पाया गया है कि वर्ष 2013-14 से लेकर वर्ष 2015-16 तक कंपनी ने राव की बेटी को 14 लाख रुपये सैलरी के मद में दिये हैं. साल 2014 में उसे एक दिन में 4.5 लाख रुपये का भुगतान किया गया था. उसे यह राशि पूरे साल की सैलरी के रूप में दी गयी थी.

40 हजार रुपये हर महीने सैलरी के रूप में दिये गये

कोलकाता पुलिस के सूत्रों का कहना है कि राव की बेटी ने 2013 में लॉ की पढ़ाई पूरी की है और वह ओड़िशा के भुवनेश्वर की निवासी है. उसे 40 हजार रुपये हर महीने तीन साल तक सैलरी के रूप में दिये गये. करीब 14.1 लाख रुपये सैलरी के मद में भुगतान किया गया. जबकि कंपनी में रेड के दौरान जब्त कागजात में उसकी नियुक्ति से संबंधित कोई कागजात नहीं मिला. उसे दो अन्य कंपनियों से 7.5 लाख रुपये रिटेनरशिप के भी मिले. उनमें हैदराबाद स्थित एक कंपनी ऐसी थी जिसके खिलाफ सीबीआइ जांच चल रही थी.

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