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तहकीकातः लड़की की मौत के मामले में क्यों आया सिंदरी विधायक के बेटे का नाम?

बलियापुर खेतटांड की रहनेवाली 15 साल की एक लड़की की मौत के मामले में उनके परिजनों द्वारा सिंदरी के विधायक फूलचंद मंडल के बेटे आशीष कुमार मंडल के शामिल होने की बात कही जा रही है.

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Ranjan/ roshan

 Dhanbad :  बलियापुर खेतटांड की रहनेवाली 15 साल की एक लड़की की मौत के मामले में उनके परिजनों ने सिंदरी के विधायक फूलचंद मंडल के बेटे आशीष कुमार मंडल के शामिल होने की बात कही है. परिजनों ने चेतावनी दी है कि अगर दो दिन में इस मामले में इंसाफ नहीं मिला तो रणधीर वर्मा चौक पर शरीर पर पेट्रोल डालकर आत्महत्या कर लेंगे. मरनेवाले एक नहीं, घर के कई सदस्य होंगे. आरोप लगाया कि विधायक के प्रभाव के कारण मामले में इंसाफ नहीं हो रहा है. मृत लड़की के परिजन उनके घर के सामने रहनेवाली उसी की उम्र की लड़की और उसकी मां पर खुशबू की सुनियोजित साजिश के तहत हत्या करने का आरोप लगा रहे हैं.

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15 दिन पहले हुई थी खुशबू की मौत

अपने माता-पिता की इकलौती बेटी खुशबू कुमारी की मौत 15 दिन पहले पीएमसीएच में इलाज के दौरान हो गयी थी. बलियापुर थाना की पुलिस ने उसे अस्पताल पहुंचाया था. थानेदार रामेश्वर उपाध्याय ने बताया कि वह खुद सूचना पाकर बलियापुर बाजार में स्थित राधास्वामी मंदिर के पास गये थे. वहां दोनों लड़कियों की स्थिति खराब थी. दोनों ने जहर खाया था. सोनाली काफी उल्टी कर रही थी. संभवतः इसी कारण उसकी जान बच गयी. पुलिस ने खुशबू के साथ सोनाली को भी अस्पताल मे भर्ती कराया था.

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थानेदार ने कहा, यह सुसाइड है

इस मामले में विधायक फूलचंद मंडल के बेटे पर आरोप निराधार है. बलियापुर के थानेदार का कथन है, यह क्लीयर कट सुसाइड का मामला है. उसके चाचा ने उसे रास्ते में देखकर डांटा, इसीलिए लड़की ने जहर खा लिया. हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह क्लियर नहीं है. बिसरा सुरक्षित रखा गया है. इसे जांच के लिए भेजा जायेगा. रिपोर्ट के बाद ही वजहों का खुलासा होगा. पता चलेगा कि खुद से जहर खाया या किसी ने जहर खिला दिया? सोनाली ने जहर खाकर बीमार होने का नाटक तो नहीं किया? सोनाली कहती है कि सिंदरी छाताबाद के दो लड़के बलियापुर से धनबाद बिग बाजार जाने के रास्ते में मिले थे. सोनाली ने दोनों के नाम भी बताये. उन लड़कों का किनसे संबंध था? सोनाली, खुशबू दोनों या किसी एक से? क्या उन लड़कों या उसका फूलचंद मंडल के पुत्र आशीष से संबंध था. इन सवालों का जवाब अभी तक नहीं मिला है.

सोनाली कहती है कि वह फूलचंद मंडल के पुत्र आशीष की शुक्रगुजार हैं. वह उसके पीसी के दामाद हैं. इस तरह उनका साली बहनोई का रिश्ता है. आशीष ने एक फैक्ट्री में गार्ड का काम करनेवाले उनके पिता की बीमारी में काफी मदद की थी. इस कारण ही उसने अस्पताल में आशीष का नाम लिया था. और कोई मामला नहीं है.

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सोनाली ने पहले भी जहर खाया था

सोनाली मंडल कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में पढ़ती थी. अभी भी स्कूल की मैट्रन मोनिका भट्टाचार्य उसके वापस लौटने का इंतजार कर रही है. इसी साल अप्रैल में बीमार पड़ने पर उसके पिता उसे स्कूल से ले गये थे. फिर सोनाली वापस नहीं लौटी. स्कूल में उसका आचरण सही था. हालांकि खुशबू के परिजन कहते हैं कि सोनाली को आचरण सही नहीं होने के कारण स्कूल से निकाला गया था. वैसे सोनाली ने कबूल किया कि उसने मोबाइल लेने की जिद में जहर खा लिया था.

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सल्फास दुकान में आसानी से मिलता है

बलियापुर में कई बीज भंडार हैं वहां सल्फास आसानी से मिलता है. इस संवाददाता ने एक बीज भंडार में सल्फास मांगा तो उसने कई सवाल किये. दूसरे ने आसानी से दे दिया. पांच रुपये में एक टैबलेट. सल्फास पेट में रह जाये तो मौत निश्चित. यह जहर आसानी से किसी को भी दुकानदार कैसे दे देते हैं? यह एक सवाल है.

कुछ सवालाेंं के जवाब चाहिए

  1. खुशबू सोनाली को बिग बाजार ले गयी थी कि सोनाली?
  2. क्या खुशबू के मौसी के गांव के लड़के उनसे धनबाद जाने के रास्ते में मिले थे? सोनाली ने उन लड़कों का नाम बताया. क्या वह उनको जानती थी?
  3. रास्ते में कोई मारुति कार लगी थी. जिस पर कुछ लड़के थे. इसे खुशबू के चाचा ने देखा था?
  4. क्या पुलिस को इस मामले को तार्किक परिणति तक नहीं पहुंचाना चाहिए? पुलिस का यह कथन कि दो लड़कियों ने एक साथ जहर खाया. उसमें से एक लड़की बच गयी है. उसका बयान ही सबसे महत्वपूर्ण है, इसे ही अंतिम सत्य मान लिया जाये?
  5. क्या मामले को रफा दफा करने के लिए विधायक दबाव दे रहे है? क्या यही वजह है कि पुलिस मामले को सूसाइट केस मान कर खत्म कर देने की बात करती है और फिर पोस्टमार्टम रिपोर्ट मे मृत्यु का कारण स्पष्ट नहीं करने के कारण जांच जारी रहने की बात कहने को विवश होती है?
  6. पुलिस ने सोनाली के पास से मिले तीन मोबाइल के काल डिटेल्स क्यों नहीं निकाले हैं?
  7. मृतक खुशबू के पिता उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं. पुलिस को आवेदन भी दिया है. इस पर पुलिस क्यों नहीं पहल कर रही?
  8. जहर किसने लाया, खाया या खिलाया, किसने दिया, पूरा घटनाक्रम क्या था?

विधायक ने कहा, जांच हो

सिंदरी विधायक फूलचंद मंडल ने संपर्क करने पर कहा कि अगर मामले में मेरे बेटे का नाम आ रहा है तो इसकी जांच हो. थाने में जहर खाकर बच गयी लड़की का स्टेटमेंट है. इसके बाद भी कोई मिर्च..मसाला लगा रहा है तो क्या करें? आपलोग कर क्या रहे हैं? हालांकि विधायक खुशबू की मौत की खबर सुन कर चार दिन बाद उनके घर गये थे. घर के लोगों ने उन्हें मामले को लेकर दोषी ठहराया था. घरवालों के मुताबिक उन्होंने कुछ भी बोलने से परहेज किया.

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