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बिजली संकट : सीएम हेमंत सोरेन को क्यों कहना पड़ा- असुविधा के लिए क्षमा मांगता हूं

Ranchi :  पावर कट की लगातार हो रही परेशानी को देख राज्य के मुखिया हेमंत सोरेन ने राज्यवासियों से क्षमा मांगी है. अपने संदेश में उन्होंने कहा कि वर्तमान में पूरे राज्य में 154 करोड़ की लागत से सभी ग्रिडों के मेंटेनेंस एवं अपग्रेडेशन का कार्य चल रहा है. इसके कारण राज्यवासियों को थोड़ी असुविधा उठानी पड़ रही है.

काम के पूरा होने के बाद उन्हें बिजली की हर समस्या से काफी हद तक सहूलिय मिल जाएगी. अपने संदेश को मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर शेयर किया है. मुख्यमंत्री ने पश्चिमी सिंहभूम जिले के केंजरा ग्राम तिलयाकुटी के एक विद्यालय में बच्चों की बाधित हो रही पढ़ाई को भी संज्ञान में लिया है.

उन्होंने चाईबासा डीसी को इस समस्या का जल्द समाधान करने का निर्देश दिया है.

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आप सबकी सुविधा और सुरक्षा मेरी प्राथमिकता :  हेमंत

अपने लिखे संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा है कि हटिया ग्रिड के मेंटेनेंस के लिए 5 दिन 10-10 घंटे की शटडाउन की आवश्यकता थी. जिसमें 3 दिन का कार्य हो चुका है. लेकिन अभी मेंटेनेंस का कुछ काम बाकी है.

इसलिए और 2 दिन 10 -10 घंटे – अगले 2 सप्ताह में दिन के वक़्त बिजली जाएगी. एक बार ये सारे कार्य पूरे हो जाने के बाद बिजली की समस्या से हमें काफ़ी हद तक मुक्ति मिल जाएगी. राज्यवासियों को आश्वस्त करते हुए सीएम ने कहा कि आप सबकी सुविधा और सुरक्षा मेरी प्राथमिकता है.

उन्हें पूरी आशा है कि आप सभी साथी इस कार्य में हमारे साथ है. संदेश में हेमंत सोरेन ने बिजली की समस्या को देख राज्यवासियों से क्षमा मांगी है.

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मुख्य सचिव ने भी दिया था निर्देश

गौरतलब है कि पावर कट की समस्या को देखते हुए मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद रविवार को मुख्य सचिव डॉ. डीके तिवारी ने विद्युत विभाग के आला अधिकारियों को झारखंड मंत्रालय में तलब किया.

उनके साथ बैठक कर उन्होंने सख्त निर्देश दिया कि हर हाल में रांची में सोमवार से निर्बाध बिजली देना सुनिश्चित करें. उन्होंने कहा कि आम लोगों को बिजली से परेशानी नहीं हो, इसे प्राथमिकता में रखें.

शिक्षा और स्वास्थ्य प्राथमिकता, इससे कोई समझौता नहीं

 

सीएम को बताया गया कि केंजरा ग्राम तिलयाकुटी में स्थित सरकारी विद्यालय में एक साल से बच्चे पढ़ाई के लिए नहीं गये हैं. इसका कारण विद्यालय में शिक्षक का नहीं होना है. यहां एक मात्र पारा शिक्षक थे, जो फरवरी 2019 से पढ़ाने नहीं आ रहे हैं.

विद्यालय की स्थिति पर मुख्यमंत्री की ओर से सोशल मीडिया पर दिया गया निर्देश.

इससे बच्चे शिक्षा से वंचित रहे हैं. जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री ने चाईबासा डीसी को निर्देश दिया कि मामला वाकई पीड़ादायक है. जितनी जल्दी हो, विद्यालय में शिक्षक एवं मध्याह्न भोजन की व्यवस्था करें. इसे मॉडल विद्यालयके रूप में विकसित करें.

उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य उनकी सरकार की प्राथमिकता है. इससे कोई समझौता नहीं किया जाएगा.

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