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अयोध्या में राम मंदिर के लिए मुस्लिम महिलाएं क्यों कर रहीं हैं चंदा इकट्ठा? जान कर हैरान हो जायेंगे आप

Uday Chandra

New Delhi : अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए मुस्लिम महिलाएं बढ़-चढ़ कर सामने आ रहीं हैं. विजयवाड़ा की जाहरा बेगम और वाराणसी की इकरा अनवर इसकी ताजा मिसाल हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र की इकरा अनवर खान ने राम मंदिर निर्माण के लिए 11 हजार रुपये का चेक दान में दिया है. इकरा ने इससे पहले भूमि पूजन के दौरान भी कुछ ऐसा किया था कि उसे धार्मिक समरसता का एक बड़ा संदेश माना गया.

जाहरा

इकरा ने अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती को उनके आवास पर चेक सौंपने के बाद कहा कि भगवान राम उनके पूर्वज हैं. अयोध्या में मंदिर बनने के लिए छोटा सा सहयोग दिया है. मैंने सियासत करनेवालों को जवाब दिया है कि धर्म अलग-अलग नहीं होते हैं. धर्म एक है और वह है इंसान का धर्म.

इससे पहले इकरा ने अयोध्या में राम मंदिर के लिए 5 अगस्त को होनेवाले भूमि पूजन से पहले अपने हाथों पर श्रीराम का टैटू बनवा कर धार्मिक समरसता का संदेश दिया था. इकरा जल्द ही अब राम मंदिर के लिए चंदा इकट्ठा करने के लिए एक अभियान शुरू करने जा रहीं हैं.

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इकरा की तरह विजयवाड़ा की मुस्लिम महिला जाहरा बेगम भी चंदा जुटा रही हैं. जाहरा तहेरा ट्रस्ट चलाती हैं और वह अपने ट्रस्ट के जरिए मुस्लिम समुदाय के लोगों को चंदा देने के लिए प्रेरित कर रही हैं. जाहरा की दलील है कि उन्होंने वर्षों तक गांवों, दूर-दराज के

इलाकों में काम किया है और उन्होंने पाया कि करीब सभी गांवों में मस्जिदों, ईदगाह और कब्रिस्तान के निर्माण के लिए हिंदुओं ने दान स्वरूप मुस्लिम समुदाय को जमीनें दी हैं. उन्होंने कहा, ‘गैर-मुस्लिम समुदाय ने अपनी मरजी से खेती योग्य अपनी जमीन मुस्लिमों को दान की हैं.’ जमीन देने के अलावा हिंदुओं ने मस्जिद, ईदगाह और कब्रिस्तान के निर्माण में सहयोग भी किया है.

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जाहरा ने मुस्लिम समुदाय से चंदा देने सहित सभी संभावित तरीकों से मदद करने की अपील की है. जाहरा चाहती हैं कि मुस्लिम समुदाय के लोग स्वैच्छिक रूप से निधि समर्पण अभियान में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लें और मंदिर निर्माण में चंदा देकर सहयोग करें. उनका कहना है कि मंदिर निर्माण के लिए मुसलमान 10 रुपये से लेकर अपनी इच्छा के अनुसार फंड में योगदान कर सकता है.

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