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#WHO ने चेतायाः कोरोना वायरस से लड़ने के लिए सिर्फ लॉकडाउन पर्याप्त नहीं

London: दुनिया भर में कोरोना वायरस ने हाहाकार मचा रखा है. इसके प्रकोप को रोकने के लिए लोगों को आइसोलेशन में रहने की सलाह दी जा रही है. और इसी के मद्देनजर देश की सरकारें लॉकडाउन जैसे कदम उठा रही हैं.

लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) का कहना है कि कोरोना वायरस से निपटने के लिए सिर्फ लॉकडाउन ही पर्याप्त नहीं है.

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लॉकडाउन हटने के बाद संक्रमण के फैलने का खतरा

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इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, डब्ल्यूएचओ का मानना है कि लॉकडाउन हटने के बाद वायरस तेजी से फैल सकता है. और ऐसे में सार्वजनिक स्वास्थ्य के उपाए किए जाने जरूरी हैं. इस आपदा से निपटने के लिए देशों को सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर और दुरुस्त करने की जरूरत है.

दरअसल, विश्व स्वास्थ्य संगठन की इस चेतावनी को उन देशों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है जहां सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था बेहद खराब स्थिति में है.

डब्ल्यूएचओ के वरिष्ठ आपात व्यवस्था के विशेषज्ञ माइक रेयान का कहना है कि, ‘हमें ऐसे लोगों को ढूंढने पर जोर देने की जरूरत है, जो वायरस से संक्रमित हैं. हमें उन्हें अलग-थलग (आइसोलेट) करने की जरूरत है. उन्हें ढूंढकर अलग करने पर ध्यान देने की जरूरत है.’

उन्होंने कहा, ‘अगर हमारी सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर नहीं होंगी तो लॉकडाउन हटने के बाद खतरा बढ़ेगा और वायरस तेजी से फैलेगा.’

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‘लंबी लड़ाई लड़नी होगी’

उल्लेखनीय है कि दुनिया के कई देशों ने कोरोना वायरस से लड़ने के लिए लॉकडाउन की घोषणा कर रखी है. चीन और अन्य एशियाई देशों की तरह यूरोप और अमेरिका ने भी कोरोना वायरस से निपटने के लिए नए प्रतिबंध लगाये हैं.

डब्ल्यूएचओ के वरिष्ठ आपात व्यवस्था के विशेषज्ञ माइक रेयान ने कहा कि चीन, ‘सिंगापुर और दक्षिण कोरिया का उदाहरण यूरोप के लिए एक मॉडल साबित हुआ है जबकि पहले डब्ल्यूएचओ ने ही एशिया को कोरोना वायरस का केंद्र बताया था.’

रेयान ने कहा, ‘एक बार वायरस के फैलाव को नियंत्रित करने के बाद हमें वायरस के खिलाफ बड़ी लड़ाई लड़नी होगी.’

हालांकि, कोरोना वायरस की कई वैक्सीन का उत्पादन हो रहा है लेकिन अभी तक सिर्फ एक वैक्सीन का ही अमेरिका में ट्रायल शुरू हुआ है. यह पूछने पर कि ब्रिटेन में वैक्सीन उपलब्ध होने में कितना समय लग सकता है?

इस पर रेयान कहते हैं, ‘लोगों को यथार्थवादी होने की जरूरत है. हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि यह बिल्कुल सुरक्षित हो. इसमें कम-से-कम एक साल भी लग सकता है. वैक्सीन बाजार में आएंगी लेकिन हमें घरों से बाहर निकलने की भी जरूरत है और जो कुछ करना है, अभी करना होगा.’

उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए भारत के कई राज्यों में लॉकडाउन का रास्ता अपनाया जा रहा है. इस दौरान सिर्फ जरूरी वस्तुओं और सेवाओं को इससे बाहर रखा गया है.

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