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सीबीआई का नया निदेशक कौन? आज शाम तय हो जायेगा, पीएम आवास पर सेलेक्ट कमेटी की बैठक

आज गुरुवार शाम तक तय हो जायेगा कि सीबीआई की कमान कौन संभालेगा. बता दें कि नये सीबीआई चीफ का नाम तय करने के लिए गुरुवार शाम प्रधानमंत्री आवास पर सेलेक्ट कमेटी की बैठक होने जा रही है

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NewDelhi :  सीबीआई का नया निदेशक कौन होगा? सुबोध कुमार जायसवाल, रजनीकांत मिश्र, वाईसी मोदी  राजेश रंजन, रीना मित्रा, ओपी सिंह या फिर कोई ओर. आज गुरुवार शाम तक तय हो जायेगा कि सीबीआई की कमान कौन संभालेगा. बता दें कि नये सीबीआई चीफ का नाम तय करने के लिए गुरुवार शाम प्रधानमंत्री आवास पर सेलेक्ट कमेटी की बैठक होने जा रही है. बता दें कि बैठक में सीबीआई चीफ के लिए जिन नामों पर विचार होगा, उनमें 1982 से 1985 बैच के सीनियर आईपीएस शामिल हैं. सूत्रों के अनुसार सीबीआई के निदेशक पद के लिए जो नाम रेस में आगे चल रहे हैं, उनमें सुबोध कुमार जायसवाल, रजनीकांत मिश्र, वाईसी मोदी और राजेश रंजन प्रमुख हैं. बता दें कि इनमें से मुंबई के पुलिस आयुक्त जायसवाल रॉ में रहे हैं, जबकि वाईसी मोदी, राजेश रंजन और रजनीकांत मिश्र सीबीआई में रहे हैं. यहां काम करने का अच्छा खासा अनुभव है.  राजनीतिक हलकों में चर्चा गुजरात के डीजीपी शिवानंद झा और यूपी के डीजीपी ओपी सिंह के नामों की भी हैं, लेकिन उनके नाम पर कमेटी में सहमति बनने के आसार कम ही नजर आते हैं. खबरों के अनुसार सेलेक्ट कमेटी की बैठक शाम साढ़े छह बजे होगी. प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में  SC के सीजेआई रंजन गोगोई और नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे शामिल होंगे.

 जायसवाल एक नंबर व मोदी दो नंबर पर

सुबोध कुमार जायसवाल  काफी तेज तर्रार अफसर माने जाते हैं.  उन्होंने अपने करियर में कई बड़े मामलों की जांच की है. बता दें कि मुंबई पुलिस में वे करोड़ों रुपये के जाली स्टंप पेपर घोटाले की जांच करने वाले विशेष दल के प्रमुख थे. साल 2006 में हुए मालेगांव विस्फोट मामले की जांच जायसवाल ने ही की थी;  पिछले साल राज्य सरकार ने पत्र लिखकर जायसवाल से पूछा था कि क्या वह रॉ से महाराष्ट्र पुलिस में वापस आना चाहते हैं.  उनके हां कहने के बाद ही उन्हें मुंबई पुलिस आयुक्त बनाया गया था.  दूसरे नंबर पर एनआईए के डीजी वाईसी मोदी हैं.  सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में गुजरात दंगों की जांच के लिए बनी तीन सदस्यीय जांच टीम में वाईसी मोदी शामिल थे.  तीसरे स्थान पर सीआईएसएफ के डीजी राजेश रंजन हैं. उन्होंने सीबीआई में लंबे समय तक काम किया है.  एक नाम बीएसएफ के डीजी रजनीकांत मिश्र का भी सामने आया है.

मिश्र को सीबीआई में काम करने का लंबा अनुभव है;  यूपी के पुलिस प्रमुख ओपी सिंह भी पीछे नहीं हैं, लेकिन सीबीआई में काम नहीं करना उऩ्हें रेस से बाहर कर सकता है.  हालांकि जायसवाल भी केवल रॉ में तैनात रहे हैं. सीआईएसएफ के डीजी राजेश रंजन ने कैंब्रिज यूनिवर्सिटी से पीएचडी की है और इंटरपोल के पहले असिटेंट डायरेक्टर होने का गौरव भी हासिल किया है.

गृह मंत्रालय ने दिसंबर में भेज दी थी अफसरों की सूची

गृह मंत्रालय द्वारा दिसंबर में ही एक दर्जन से अधिक आईपीएस अफसरों की सूची कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) को भेज दी गयी थी. सूत्रों के अनुसार सीबीआई निदेशक पद के लिए इस सूची में एनआईए के डीजी वाईसी मोदी, सीआईएसएफ के डीजी राजेश रंजन, बीएसएफ के डीजी रजनीकांत मिश्र और मुंबई के पुलिस आयुक्त सुबोध जायसवाल का नाम प्रमुखता से शामिल किया गया है. साथ ही गृह मंत्रालय में स्पेशल सेक्रेटरी (इंटरनल सेक्योरिटी) के पद पर कार्यरत 1993 बैच की आईपीएस रीना मित्रा, यूपी के डीजी ओपी सिंह, सीआरपीएफ के डीजी राजीव भटनागर और रॉ के स्पेशल सेक्रेटरी विवेक जौहरी का नाम भी डीओपीटी के पास भेजे गये हैं.

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