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कौन है वो किसान नेता जिसके कारण किसान आंदोलन में पड़ा फूट ? पढ़िये, दस करोड़ की डील की पूरी कहानी

Uday Chandra

New Delhi : 19 जनवरी को केंद्र सरकार से होने वाली बैठक से पहले आंदोलनकारी किसान नेताओं में फूट पड़ गया है. हरियाणा भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष गुरनाम चढूनी पर आंदोलन को राजनीति का अड्डा बनाने, कांग्रेस व आम आदमी पार्टी के नेताओं को बुलाने और दिल्ली में सक्रिय हरियाणा के एक कांग्रेस नेता से आंदोलन के नाम पर करीब 10 करोड़ रुपये लेने के गंभीर आरोप लगे हैं.

 

संयुक्त किसान मोर्चा ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए चढ़ूनी को सस्पेंड कर दिया है. संयुक्त किसान मोर्चा की सबसे मुख्य 7 सदस्यीय कमेटी से भी चढूनी को बाहर रखा गया है. जांच पूरी होने तक संयुक्त किसान मोर्चा की आंतरिक बैठकों और केंद्र सरकार के साथ होने वाली बैठक से चढ़ूनी बाहर रखा गया है. चढूनी 19 जनवरी को केंद्र सरकार से होने वाली बैठक में शामिल नहीं होंगे.

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इस डील के खुलासे के बाद आंदोलनकारी किसान नेताओं में फूट दिखाई दे रही है. बैठक की अध्यक्षता कर रहे किसान नेता शिव कुमार कक्का ने बताया कि बैठक में मोर्चा के सदस्य उन्हें तुरंत मोर्चे से निकालना चाहते थे, लेकिन आरोपों की जांच को 5 सदस्यों की कमेटी बनाई गई जो 20 जनवरी को रिपोर्ट देगी. इस रिपोर्ट के आधार पर फैसला लिया जाएगा. पूर्व में इस आशय की खबर आ चुकी है कि किसान आंदोलन की आड़ में हरियाणा की भाजपा सरकार को गिराने की कोशिश की जा रही है.

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