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कौन कर रहा है कोलेजियम के फैसले लीक, सीजेआई रंजन गोगोई खफा!

सीजेआई बेहद नाराज हैं. उन्होंने कोलेजियम के जजों से यह पता लगाने की कोशिश की कि सूचनाएं कौन लीक कर रहा है.

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NewDelhi : 10 जनवरी को कोलेजियम की बैठक से जुड़ी खुफिया जानकारी लीक होने के स्रोत के बारे में सीजेआई ने कई जुडिशियल अफसरों से पूछताछ की है. सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम के फैसलों से सबंधित मीडिया में प्रकाशित नकारात्मक खबरों पर सीजेआई रंजन गोगोई बेहद खफा हैं. यह खबर अंग्रेजी अखबार टेलिग्राफ ने दी है. उसके अनुसार कोलेजियम की बैठक से जुड़ी खुफिया जानकारी लीक होने पर सीजेआई ने जुडिशियल अफसरों से जानकारी मांगी है. बता दें कि कोलेजियम ने जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस दिनेश महेश्वरी को सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त करने की सिफारिश की थी.

दोनों जजों को शुक्रवार सुबह साढ़े 10 बजे शपथ लेनी है.   टेलिग्राफ की माने तो सीजेआई बेहद नाराज हैं. उन्होंने कोलेजियम के जजों से यह पता लगाने की कोशिश की कि सूचनाएं कौन लीक कर रहा है.  कहा जा रहा है कि सीजेआई को लग रहा है कि मीडिया में लीक सूचनाएं सिलेक्टिव हैं यानी कुछ खास जानकारियां ही लीक की जा रही हैं.

जस्टिस मेनन और नंदराजोग के नामों पर चर्चा हुई थी, पर आखिरी फैसला नहीं हुआ था

सीजेआई के अनुसार इन सूचनाओं को लीक करने का मकसद 10 जनवरी को एकमत से लिये गये फैसले पर सवाल उठाना है. इस तरह के सिलेक्टिव लीक की वजह से संस्था को काफी नुकसान पहुंच रहा है.  रिपोर्ट के अनुसार ऐसी अटकलें हैं कि पिछले साल दिसंबर में हुई कोलेजियम की बैठक में दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस राजेंद्र मेनन और राजस्थान हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस प्रदीप नंदराजोग को सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त करना तय हुआ था;  हालांकि, एक महीने बाद उनके नाम के बजाय जस्टिस खन्ना और महेश्वरी को चुना गया.

सूत्रों का कहना है कि दिसंबर में आयोजित बैठक में जस्टिस मेनन और नंदराजोग के नामों पर चर्चा हुई थी, लेकिन कोई आखिरी फैसला नहीं हुआ था, क्योंकि इस मसले पर और ज्यादा चर्चा किये जाने की जरूरत महसूस की गश्यी थी. कहा गया कि  विंटर वेकेशन की वजह से इस मामले पर फैसला टल गया था. लेकिन जब SC दोबारा खुला तो कोलेजियम के एक सदस्य जस्टिस मदन बी लोकुर रिटायर हो गये थे.

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