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300 करोड़ रुपये की शेल कंपनियों में निवेश करनेवाले धनबाद आयकर प्रक्षेत्र के 800 लोग कौन हैं?

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Dhanbad: भारतीय जनता पार्टी के करीब दो दर्जन नेता 300 करोड़ रुपये मुखौटा कंपनियों में निवेश करनेवाले 800 लोगों में शामिल हैं. इनकी जांच चल रही है. रांची के प्रधान आयकर आयुक्त तापस कुमार घोष और उनके टीम में शामिल अधिकारियों ने शेल कंपनियों में निवेश करनेवाली जिन कंपनियों को क्लीन चीट दी. उनके खिलाफ भी नये सिरे से जांच चल रही है.

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बता दें कि सीबीआई की गिरफ्त में आये घोष और उनके टीम में शामिल अधिकारियों ने कोलकाता से अपना खाता संचालित करनेवाली जिन शेल कंपनियों को क्लीन चीट दी, उन सभी के संबंध धनबाद आयकर प्रक्षेत्र से हैं. इनमें एक कांग्रेस नेता की सौ से अधिक शेल कंपनियां हैं, जिनका संबंध बिहार के बालू घाटों से हुई अकूत कमाई से रहा है. इस कांग्रेस नेता की भाजपा के एक बेहद चलती वाले नेता के साथ पार्टनरशीप जग जाहिर है. इस कांग्रेस नेता की करीब एक सौ शेल कंपनियों में भारी निवेश हुआ है.

चर्चा है कि नोटबंदी के समय इस कांग्रेस नेता की कंपनी में उनके भाजपा से संबंध रखनेवाले पार्टनर ने करोड़ों रुपये ब्लैकमनी व्हाइट करने के लिए निवेश किए. आयकर जांच शुरू होने के बाद मामले को ठंडे बस्ते में डालने के लिए भी प्रभावशाली भाजपा नेता ने हर स्तर से पैरवी करायी. प्रधान आयकर आयुक्त रहे तापस घोष को भी मैनेज किया. फिलहाल मामला ठंडे बस्ते में पड़ा है, तो कहा जा रहा है कि यह भाजपा नेता की ऊंची पहुंच का ही परिणाम है.

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बीसीसीएल के ठेकेदार,अफसरों का पैसा भी शेल कंपनियों में लगा है?

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सूत्रों का कहना है कि, बीसीसीएल पर एकक्षत्र राज करनेवाले ठेकेदार और उन्हें प्रश्रय देनेवाले अफसरों का पैसा भी शेल कंपनियों में लगा है. वैसी कंपनियों से रकम कार्यशील कंपनियों में भी ट्रांसफर की गयी है. इनकम टैक्स और ईडी ने बीसीसीएल और कोयलांचल में रंगदारी वसूली कर करोड़ों रुपये रियल इस्टेट के बिजनस के साथ जमीन आदि बेनामी संपत्ति अर्जित करनेवालों के खिलाफ जांच तेज कर दी है. इसके परिणामस्वरूप अगले कुछ महीने में कोयलांचल के रंगदारों और सफेदपोशों की करोड़ों रुपये मूल्य की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई की जा सकती है. इसका संकेत मुख्यमंत्री रघुवर दास ने अपने हाल के कई धनबाद दौरे के दौरान दिया है.

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बता दें कि धनबाद प्रक्षेत्र की शेल कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई में तेजी लाने के लिए शुक्रवार को मुख्य आयकर आयुक्त बी महालिंगम ने धनबाद में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की. उन्होंने बताया कि जिन शेल कंपनियों को चिह्नित कर नोटिस दिया गया था, उनमें से कई कंपनियों के जवाब मिल गये हैं. ज्यादातर जवाब संदेहास्पद हैं, जिनके जवाब गलत होंगे उनपर कार्रवाई की जाएगी. मोदी मंत्रिमंडल में खास महत्व रखनेवाले पीयूष गोयल के धनबाद दौरे के बाद बीसीसीएल के सीएमडी एके सिंह को हटाने और अब आयकर विभाग के एक्शन को लोग एक ही कड़ी में जोड़ रहे हैं.

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