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world vitiligo day : सफेद दाग पूरी तरह ठीक हो सकता है, यह वंशानुगत और छुआछूत से होनेवाली बीमारी नहीं : डॉ राजीव

Jamshedpur : 26 जून को वर्ल्ड विटिलिगो डे यानी विश्व सफेद दाग दिवस की पूर्व संध्या पर बिष्टुपुर स्थित आरपी डर्माकेयर में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस अवसर पर त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ राजीव ठाकुर ने सफेद दाग की बीमारी और उसको लेकर फैली भ्रांतियों की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि त्वचा हमारे शरीर का ऐसा भाग है, जो सुरक्षा के साथ-साथ सौंदर्य भी प्रदान करता है. इसका रोगग्रस्त होना या आसामान्य होना विकृति का सूचक है. डॉ राजीव ने बताया  कि एक सर्वे के अनुसार विश्व की एक प्रतिशत जनसंख्या सफेद दाग से पीड़ित है. सफेद दाग के बारे में भी कई भ्रातियां प्रचलित हैं, जबकि सच तो यह है कि यह रोग न तो वंशानुगत है और न छुआछूत से होता है. वास्तविकता यह है कि यह त्वचा के मेलालिन पिगमेंट के नष्ट होने के कारण होता है. जैसे-जैसे मेलालिन कम होता जाता है, त्वचा का रंग सफेद पड़ता जाता है. इसी को सफेद दाग कहते हैं. यह सफेद कुष्ठ भी नहीं है और यह इलाज से पूरी तरह ठीक हो सकता है.  शुरुआती दौर में दवा से ही इसके ठीक होने की संभावना काफी अधिक होती है.

डॉ ठाकुर ने कहा कि इस बीमारी के होने की कोई खास वजह नहीं होती. यह  ऑटो इम्यून डिसऑडर के कारण होती है. शुरुआती दिनों में ही चर्मरोग विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए. इस रोग के इलाज की तीन पद्धतियां हैं. सफेद दाग के प्रथम चरण में दवा से इलाज होता है. दूसरे चरण में फोटो थेरेपी, जिसमें अल्ट्रा वायलेट के साथ दवा भी दी जाती है एवं जरूरत पड़ने पर भी एक्जाईमर लेजर का भी उपयोग किया जाता है. अंतिम चरण में शल्य पद्धति (सर्जरी) में सफेद चर्म को लेजर द्वारा हटाकर जांघ की स्वस्थ त्वचा लेकर उसका मेलालिन पिगमेंट अलग कर दिया जाता है. वही पिगमेंट नये सिरे से नया पिगमेंट तैयार कर देता है और प्रचलित विधि द्वारा उसे सफेद दाग वाले स्थान पर लगा दिया जाता है. बस इतने से रोग दूर हो जाता है. यह पद्धति बड़े शहरों में ही उपलब्ध है, लेकिन जमशेदपुर के गाढ़ाबासा स्थित बीआर सेवा सदन और बिष्टुपुर स्थित आरपी डर्मा केयर में यह इलाज किया जाता है. मरीजों को ऑनलाईन अथवा सोशल मीडिया के माध्यम से इस बीमारी को लेकर जागरूक किया जा रहा है, क्योंकि इस रोग से रोगी को तनिक भी तकलीफ नहीं होती, लेकिन उसे सामाजिक-पारिवारिक स्तर पर जो उपेक्षा और घृणा मिलती है. वह बहुत दुखदायी होती है.

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