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जब भारतीय सेना के कमांडो ने पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक कर आतंकियों को मौत की नींद सुला दिया

पाकिस्तानी सीमा में घुसकर भारतीय सेना द्वारा दुश्मन को तबाह करने वाली सर्जिकल स्ट्राइक 28-29 सितंबर, 2016 को पीओके में की गयी.

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NewDelhi : पाकिस्तानी सीमा में घुसकर भारतीय सेना द्वारा दुश्मन को तबाह करने वाली सर्जिकल स्ट्राइक 28-29 सितंबर, 2016 को पीओके में की गयी. कई किलोमीटर अंदर घुसकर भारतीय सेना के कमांडो ने दुश्मनों को मौत की नींद सुला दिया था. लगभग 70-80 आतंकी ढेर कर दिये गये. बता दें कि भारतीय कमांडो के लिए सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम देना काफी कठिन काम था. फिर भी जांबाज कमांडो ने ऑपरेशन को उसके अंजाम तक पहुंचाया. सेना के पैरा कमांडो के जवान ऑपरेशन के तहत  अपने कंधों पर करीब 40 किलोग्राम का भार लिय हुए थे. इसमें 25 किलो गोलाबारूद तथा 15 किलो अन्य जरूरी सामान थे. हर कमांडो को अलॉट किये गये गोला बारूद से ही तय किये गये दुश्मन के आठ टारगेट को नेस्तनाबूद करना था.

इस ऑपरेशन से जुड़े एक सीनियर अधिकारी के अनुसार ऑपरेशन  बहुत खतरनाक था, पर भारतीय कमांडो ऑपरेशन पूरा करने के बाद भी पांच घंटे तक दुश्मन की ओर से लगातार की गयी फायरिंग का जवाब देते हुए सकुशल वापस लौट गये.

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पाकिस्तानी चौकी के पास आतंकी मिले. भारतीय कमांडो ने इन आतंकियों को मार गिराया

एक टारगेट के नजदीक पाकिस्तानी चौकी के पास कुछ आतंकी मिले. त़्वरित कार्रवाई कर भारतीय कमांडो ने इन आतंकियों को मार गिराया. एक  सीनियर सैन्य अधिकारी ने कहा, पाकिस्तान का हमेशा से दावा रहा कि वह आतंकी नहीं पालता, लेकिन इस सर्जिकल स्ट्राइक में पाकिस्तानी फौज की चौकी पर मिले आतंकियों ने पाक का झूठ उजागर कर दिया. बताया गया कि सर्जिकल स्ट्राइक से पूर्व रेकी की जा चुकी थी. बता दें कि जिस दिन उड़ी हमला हुआ, उसी दिन  सैन्य अफसरों द्वारा सर्जिकल स्ट्राइक का फैसला कर लिया गया था.

समय का इंतजार था. हमले के दौरान जमीन और आसमान से निगरानी रखने का भी पूरा इंतजाम था. आसमान से अनमैंड एरियल व्हीकल उपकरण से निगरानी हो रही थी. और इसके बाद तय समय पर सर्जिकल स्ट्राइक की गयी, जिसे पूरी दुनिया ने देखा.

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