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विनोद मेहरा से शादी कर जब रेखा उनके घर पहुंची तो सास ने निकाल ली थी चप्पल

रेखा के जन्मदिन पर विशेष

Naveen Sharma

Ranchi : कई लोगों का नाम उनपर सटीक बैठता है लेकिन बहुत बार ऐसा भी होता है कि लोगों का स्वभाव और व्यक्तित्व उनके नाम के उलट होता है. उदाहरण के लिए हम बॉलीवुड अभिनेत्री रेखा को लेते हैं. गणित के परिभाषा में भले ही इसका अर्थ सरल रेखा होता हो एकदम सीधी होती है लेकिन एक्ट्रेस रेखा की पूरी पर्सनालिटी इसके उल्ट है. खासकर अफेयर्स के मामले में तो उनका जीवन जलेबी की तरह या कहें मकड़ी के जाल की मानिंद उलझा हुआ नजर आता है. रेखा के जीवन में आधा दर्जन से भी अधिक गंभीर अफेयर्स रहे हैं.

सावन भादो की मोटी और अनगढ़ रेखा

रेखा की नवीन निश्चल के साथ आई सावन भादो फिल्म हालांकि सुपर हिट रही थी पर उस फिल्म में रेखा मोटी और बिना तराशे गए हीरे के मानिंद थी. इसके बाद उन्होंने जिस तरह से अपने शरीर का कायाकल्प किया वो अविश्वसनीय लगता है. एकबारिग लोगों को यकीन नहीं आता था कि ये वही रेखा हैं. तीखे नैन नक्श और छरहरे बदन वाली खूबसूरत रेखा को देख लोग दांतों तले अंगुली दबाने को मजबूर हो जाते थे.

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खूबसूरत रेखा

कुछ वर्षों के बाद ही रेखा ने खुद को इतना सुंदर बनाया कि उनको खूबसूरत नाम की फिल्म में भी लीड रोल मिला था. यह बहुत अच्छी पारिवारिक फिल्म थी. इसमें रेखा ने काफी अच्छा अभिनय किया है.

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अमिताभ के साथ बनी जोड़ी

रेखा की वैसे तो कई अभिनेताओं के साथ जोड़ी बनी जैसे शुरू में विनोद मेहरा के संग. इस जोड़ी की घर फिल्म अच्छी थी. लेकिन सबसे सही तालमेल अमिताभ बच्चन के साथ बना. मिस्टर नटवर लाल इस जोड़ी की सफल फिल्म थी. इसके बाद कई फिल्मों में ये जोड़ी कमाल दिखाती रही. इनमें मुकद्दर का सिकंदर में सलामे इश्क मेरी जान के मुजरे में रेखा ने अपनी नृत्य प्रतिभा व अदा का लोहा मनवा लिया. सिलसिला इस जोड़ी की सबसे बेहतरीन फिल्म थी. यह रेखा अमिताभ और जया के जीवन के ट्रायंगल को पर्दे पर दिखाती उम्दा फिल्म थी.

इन आँखों की मस्ती के मस्ताने …

उमराव जान umrav jaan फिल्म में रेखा पर फिल्माया गया यह गीत उनपर एकदम फिट बैठता है. वे हिंदी सिनेमा की उन चंद हिरोइन में शुमार हैं जो बेहद खूबसूरत तो हैं ही वे बेहतरीन अभिनेत्री भी हैं. उमराव जान रेखा की सबसे बेहतरीन फिल्म है. इसमें रेखा तवायफ के रोल में कमाल का अभिनय करतीं हैं. वे कामर्शियल फिल्मों की अपनी सभी समकालीन हीरोइन को काफी पीछे छोड़ कर नंबर वन अभिनेत्री बन जाती हैं.

रेखा इतने सहज ढंग से उमराव जान के किरदार को अपने में आत्मसात करती हैं कि रेखा और उमराव जान का फर्क मिट जाता है. इस फिल्म के लाजवाब गजलों पर रेखा कमाल का नृत्य करतीं हैं. उनकी अदा पर लाखों मर मिटने को.तैयार हो जाते हैं.उमराव जान के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी मिल चुका है.

इजाजत में इंटेंस एक्टिंग

गुलजार की इजाजत फिल्म में रेखा एक नए अंदाज में नजर आतीं हैं. सीधी सादी पर सुदृढ़ व्यक्तित्व वाली. अपने पति नसीरुद्दीन शाह के प्रेमिका से रिश्ते की टीस को वो बिना बोले अपनी आंखों और हावभाव से बड़ी शिद्दत से बयां करती हैं. और जब ये रिश्ता बोझ बन जाता है तो चुपके से वो अपने पति को छोड़कर चली जाती है. इस फिल्म का मेरा कुछ सामान तुम्हारे पास पड़ा है गीत बेहद प्यारा है.

संघर्षों से भरी जीवन यात्रा

रेखा का जन्म चेन्नई में 10 अक्टूबर 1954 को हुआ. इनके पिता तमिल अभिनेता जैमिनी गणेशन  और माता तेलगू अभिनेत्री पुष्पवल्ली थीं. रेखा का पूरा नाम “भानु रेखा गणेशन” था. रेखा की मां को उनके पिता ने पत्नी का दर्जा भी नहीं दिया था. इन्होंने चेन्नई में पढाई की. इनको हिंदी, तमिल और इंग्लिश तीनों भाषाओं का ज्ञान था.

रेखा के जन्म के समय उनके माता पिता शादीशुदा नहीं थे. रेखा की एक सगी बहन, एक सौतेला भाई और पांच सौतेली बहने हैं. रेखा को अभिनय में ज्यादा रुचि नहीं थी, लेकिन रेखा के परिवार की आर्थिक स्थिती अच्छी न होने कारण उनको अपना स्कूल छोड़ना पड़ा. इसके बाद उन्होंने अभिनय की दुनिया में कदम रखा और उन्होंने इसकी शुरुआत तेलगू फ़िल्मों से की.

ये समय उनके जीवन का बहुत ही कठिन समय रहा. रेखा को उस समय हिंदी भाषा नहीं आती थी, जिसके कारण उनको शुरुआत में बहुत संघर्ष करना पड़ा. वे बाल कलाकार के तौर पर तेलगु फिल्म रंगुला रतलाम में पहली बार दिखाई दीं. जिसमें उनका नाम बेबी भानुरेखा बताया गया. 1969 में हीरोइन के रूप में उन्होंने अपना डेब्यू सफल कन्नड़ फिल्म ऑपरेशन जैकपाट नल्ली सीआईडी 999 से किया था जिसमें उनके हीरो राजकुमार थे.

 विश्वजीत के साथ किसिंग सीन का विवाद

रेखा अपनी पहली हिन्दी फिल्म अंजाना सफर की शूटिंग एक रोमांटिक गाने की शूटिंग के लिए पहुंची थीं. जैसे ही डायरेक्टर ने एक्शन कहा वैसे ही फिल्म के लीड एक्टर विश्वजीत ने उन्हें होठों पर किस करना शुरू किया और यह किस लगभग 5 मिनट तक चलता रहा. उस वक्त रेखा महज 15 साल की थीं. विश्वजीत ने अपने इस किसिंग सीन पर सफाई देते हुए कहा था कि इसमें उनकी कोई गलती नहीं है. यासेर उस्मान की बुक ‘रेखा : द अनटोल्ड स्टोरी’ में इस बात का जिक्र किया गया है.

रेखा का हिंदी फिल्मों का करियर ‘सावन भादो’ फिल्म से शुरू हुआ . यह उनकी पहली हिट फिल्म भी थी. लेकिन प्राण जाए पर वचन ना जाए जैसी बी ग्रेड फिल्म का भी रेखा हिस्सा रहीं.  इस फिल्म में सुनील दत्त लीड रोल में थे. रेखा के तालाब में नहाने और बिना कपड़ों के बाहर आने के सीन ने खूब सुर्खियां बटोरी थी. फिल्म में एक्सपोज करती रेखा के पोस्टर्स को देख उस समय काफी हंगामा मचा था.

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रहस्यों से भरा रहा है रेखा का जीवन

रेखा का जीवन रहस्यों से भरा हुआ है जैसे वह किसके नाम का सिंदूर लगाती हैं, अमिताभ बच्चन संग उनका रिश्ता कैसे खत्म हुआ? इसके अलावा सबसे ज्यादा सवाल उठते हैं उनकी सेक्रेटरी फरजाना को लेकर.

रेखा के साथ अक्सर एक महिला दिखाई देती है . ये महिला पुरुषों की तरह कपड़े पहनती हो लेकिन रेखा के लिए इन महिला से ज्यादा खास इस दुनिया में कोई नहीं है. ये महिला रेखा के साथ साये की तरह चिपकी रहती है. इसका नाम फरजाना है जो चार दशक से रेखा के साथ हैं. रेखा जब फिल्मों में नाम कमा रही थीं तब उनका सारा कामकाज फरजाना देखती थीं.

रेखा के पति की आत्महत्या के बाद जब उनपर आरोप लगाए गए तो फरजाना अभिनेत्री के साथ दृढ़ता से खड़ी रहीं. फरजाना रेखा की आंख, नाक, कान और सलाहकार, मददगार की भूमिका निभाती है. मोहनदीप की बुक ‘Eurekha’ के मुताबिक रेखा के सेक्शुअल संबंध उनकी सेक्रेटरी फरजाना से हैं. दोनों पति पत्नी की तरह साथ रहते हैं. लेकिन रेखा फरजाना को अपनी बहन मानती हैं. खैर बाहरी दुनिया दोनों के संबंधों पर आजतक केवल अटकलें ही लगाती रही है सच्चाई किसी को नहीं पता.

कई दमदार रोल किये

रेखा ने अपने 40 साल के लंबे करियर में कई दमदार रोल किए और कई मजबूत फीमेल किरदार को पर्दे पर बेहतरीन तरीके से पेश किया है. मुख्यधारा के सिनेमा के अलावा उन्होंने कई आर्ट फिल्मों में भी काम किया जिसे भारत में पैरलल सिनेमा कहा जाता है. उन्हें तीन बार फिल्मफेयर पुरस्कार मिल चुका है, दो बार सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का और एक बार सर्वश्रेष्ठ सह-अभिनेत्री का जिसमें क्रमशः खूबसूरत, खून भरी मांग और खिलाडि़यों का खिलाड़ी जैसी फिल्में शामिल हैं.

गुलजार की फिल्म इजाजत के लिए रेखा को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला था.

उनके करियर का ग्राफ कई बार नीचे भी गिरा लेकिन उन्होंने अपने को कई बार इससे उबारा . अपने स्टेटस को बरकरार रखने के लिए उनकी क्षमता ने सभी का दिल जीता. 2010 में उन्हें भारत सरकार की ओर से पद्मश्री सम्मान से भी नवाजा गया.

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संबंधों का मकड़जाल

रेखा ने दिल्ली के प्रसिद्ध उद्योगपति मुकेश अग्रवाल से शादी की. एक साल बाद जब रेखा लन्दन में थी तब उनके पति ने आत्महत्या कर ली औऱ सुसाइड नोट छोड़ा, जिसमें लिखा था की “किसी को दोषी ना ठहराया जाये”. इस मामले में रेखा को काफी समय तक बहुत कुछ सहना पड़ा, पर बाद मे वे निर्दोष साबित हुई.

1993 में रेखा के बारे में अफवाह उड़ी की अभिनेता विनोद मेहरा के साथ उन्होंने शादी कर ली परन्तु 2004 में सिमी ग्रेवाल को दिए इंटरव्यू में उन्होंने इस शादी से इंकार किया. रेखा के हवाले से इस बारे में यासीर उस्मान की नई किताब ‘रेखा : एन अनटोल्ड स्टोरी’ ने विस्तार से लिखा है. दरअसल, जब कोलकाता में शादी करने के बाद रेखा, विनोद मेहरा के घर आईं तो विनोद की मां कमला मेहरा ने गुस्से में आकर चप्पल निकाल ली. जैसे ही रेखा उनके पैर छूने लगीं, तो उन्होंने उसे धक्का मारकर दूर हटा दिया. रेखा घर के दरवाजे पर खड़ी थीं और उनकी सास गालियां दे रही हैं.

हालांकि, बाद में विनोद मेहरा ने बीच-बचाव किया और मां को समझाया. शोर-शराबे के चलते रेखा दुखी हो गईं. रोते हुए वे लिफ्ट की ओर बढ़ने लगीं. विनोद ने रेखा से कहा कि अपने घर लौट जाएं और अभी वे वहीं रहें.

अमिताभ और रेखा की प्रेम कहानी

रेखा के आधा दर्जन से अधिक चर्चित अफेयर्स में सबसे अधिक सुर्खियां बटोरीं थी अमिताभ बच्चन के साथ संबंधों को लेकर. रेखा को अमिताभ बच्चन के साथ पहली बार फिल्म ‘दो अनजाने’ में काम करने का मौका मिला था. दुलाल गुहा के निर्देशन में बनी यह फिल्म निहार रंजन गुप्ता के लिखे एक बंगाली उपन्यास ‘रात्रिर यात्री’ पर आधारित रही. इसमें रेखा का किरदार एक लालची पत्नी का था. यह पहली फिल्म थी जिसमें रेखा को अपने अभिनय के जौहर दिखाने का मौका मिला. यहीं से इन दोनों की प्रेम कहानी शुरू हो गयी थी.

दोनों ने प्यार की एक अलग मिसाल कायम की है. सिलसिला और सुहाग जैसी कुछ फिल्मों में यह दिखाई भी दिया. लेकिन जया के कड़ा स्टैंड लेने पर आखिरकार अमिताभ को इस संबंध पर ब्रेक लगाना पड़ा. इसके बाद जब रेखा के दिल में अमिताभ बच्चन से दूर होने की पीड़ा हद से पार हो गयी तो रेखा ने साल 1990 में उद्योगपति मुकेश अग्रवाल से शादी कर ली.

स्केच : प्रभात ठाकुर, कला निर्देशक, बॉलीवुड .

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