HEALTHJharkhandNEWSRanchi

#RIMS निदेशक ने कहा था- पद छोड़ने के लिए अभी स्थिति अनुकूल नहीं; फिर भी स्वास्थ्य मंत्री ने कर दी अनुशंसा

विज्ञापन

Ranchi:  कोरोना की महामारी राज्य में लगातार तेजी से पांव पसार रही है. इस दौरान राज्य में कोरोना का इलाज बहुत हद तक रिम्स के ही जिम्मे है.

ऐसे में राज्य सरकार, रिम्स प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग के मिलकर काम करना चाहिए. जबकि इसके ठीक उलट रिम्स के शीर्ष पद को लेकर राजनीति अपने चरम पर है.

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कोरोना की इस महामारी के वक्त में भी रिम्स डायरेक्टर के रिम्स छोड़ने की अनुशंसा सीएम से कर दी है.

advt

बता दें कि रिम्स निदेशक डॉ डीके सिंह का चयन एम्स भटिंडा के लिए हो गया है, पर उनका कहना है कि झारखंड जैसे राज्य में जहां कोरोना महामारी से निपटने के लिए सबसे बड़ा अस्पताल रिम्स है, इसके निदेशक पद से इस्तीफा देना स्थिति के अनुकूल नहीं होगा.

उनकी पेशकश थी कि स्थिति ठीक होने के बाद ही वे एम्स, भटिंडा से जुड़ेंगे.

स्थिति की गंभीरता को नजरअंदाज करते हुए स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने निदेशक के रिम्स छोड़ने की अनुशंसा सीएम से कर दी है. अब अंतिम फैसला राज्य के मुख्यमंत्री को ही करना है.

इसे भी पढ़ें- #Corona : जामताड़ा में एक और कोरोना पॉजिटिव, राज्य में संक्रमितों की संख्या 106 हुई

adv

जानिये क्या चाहते थे रिम्स निदेशक


रिम्स निदेशक ने एम्स प्रशासन को पत्र लिखकर अपने चयन के लिए धन्यवाद दिया था. इसके अलावा उन्होंने कहा था कि वर्तमान में मैं राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) के निदेशक के रूप में काम कर रहा हूं जो झारखंड राज्य के लिए एकमात्र महत्वपूर्ण COVID-19 अस्पताल है.

झारखंड सरकार के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी के समक्ष अपना इस्तीफा देने के लिए यह स्थिति अनुकूल नहीं होगी.

उन्होंने साथ ही कहा था कि कृपया मुझे अपनी स्थिति के मद्देनजर हेड ऑफ़ इंस्टीट्यूशन के रूप में शामिल होने की अनुमति दें.

इसे भी पढ़ें- मांग में कमी के बावजूद घंटों कट रही बिजली, 23 अप्रैल से टीटीपीएस यूनिट टू है बंद

सिर्फ रिम्स में कोरोना के 50 से अधिक पॉजिटिव मरीज

बता दें कि झारखंड में कोरोना पीड़ित मरीजों की संख्या अब तक 105 हो चुकी है जिसमें 77 मरीज सिर्फ रांची के हैं. पूरे राज्य में 13 एक्टिव करोना पेशेंट है, जिसमें 50 से अधिक सिर्फ रिम्स के कोविड-19 वार्ड में एडमिट हैं.

इसके अलावा रिम्स के गायनी वार्ड और जनरल मेडिसिन के डॉ उमेश प्रसाद के वार्ड में करोना का इंफेक्शन फैलने का खतरा है. ऐसे में रिम्स निदेशक के बदलने और प्रबंधन में हेरफेर का यह समय उपयुक्त नहीं है.

इसे भी पढ़ें- 7 लाख लंबित राशन कार्ड आवेदनकर्ताओं में से 65% को नहीं मिला राशन, 35% परिवार को ही मिला लाभ

advt
Advertisement

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Related Articles

Back to top button