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ASI शाह फैसल के रांची के सभी SSP के करीबी होने का क्या है राज?

Ranchi: सिपाही से एएसआइ रैंक में प्रोन्नति पाने वाले एएसआइ शाह फैसल का रांची के सभी एसएसपी के करीबी होने का राज क्या है? शाह फैसल पिछले करीब दस वर्षों से एक ही जिले में जमे हुए हैं.

इस दौरान रांची में पांच एसएसपी आये और उनका कार्यकाल पूरा हो गया, लेकिन शाह फैसल का रांची से कभी तबादला नहीं हुआ. इस दौरान जितने भी एसएसपी आये शाह कभी उनके बॉडीगार्ड के रूप में तो कभी क्यूआरटी टीम में तैनात रहे.

जानकारी के अनुसार साल भर पहले शाह फैसल को एएसआइ रैंक में प्रोन्नति मिली थी. जिसके बाद से वह एसएसपी के टेक्निकल सेल में पदस्थापित हैं. इस दौरान लोकसभा चुनाव संपन्न हुए और विधानसभा चुनाव होने को है, लेकिन इनको नहीं हटाया गया.

जबकि चुनाव आयोग का निर्देश है कि एक ही जिले में तीन वर्ष या तीन वर्ष से अधिक समय से पदस्थापित रहने वाले पुलिस और पुलिस पदाधिकारी को हटाया जाए.

Sanjeevani

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कई SSP आये और गये, लेकिन शाह फैसल एक ही जिले में जमे हैं

मिली जानकारी के अनुसार शाह फैसल झारखंड पुलिस के 2005 बैच के सिपाही हैं. साल 2009 में शाह फैसल की पोस्टिंग रांची जिले में हुई. उस समय रांची के एसएसपी दिवंगत प्रवीण सिंह थे. उनके बाद साकेत कुमार सिंह, भीमसेन टूटी, प्रभात कुमार, कुलदीप द्विवेदी और अनीश गुप्ता रांची के एसएसपी बने.

अनीश गुप्ता (कार्यरत) को छोड़कर कर पांच एसएसपी का रांची से तबादला हुआ लेकिन शाह फैसल रांची एसएसपी ऑफिस में ही जमे हुए हैं,आखिरकार यह सवाल उठता है कि रांची के सभी एसएसपी से शाह फैसल के करीबी होने का क्या राज है. आखिर क्यों शाह फैसल का तबादला नहीं हो रहा है और वह एक ही जगह पर जमे हैं.

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निर्वाचन आयोग के आदेश का भी नहीं हुआ पालन

झारखंड विधानसभा चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग ने राज्य के अलग-अलग जिलों में तीन साल से जमे पुलिसकर्मियों और पुलिस अधिकारियों को हटाने का निर्देश दिया था जो चुनाव कार्य में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हैं.

आदेश के बाद राज्य के अलग-अलग जिले में जमे तीन वर्ष या उससे अधिक समय से पुलिसकर्मियों और पुलिस अधिकारियों का तबादला भी किया गया, लेकिन रांची जिला में लंबे समय से पदस्थापित शाह फैसल का तबादला नहीं किया गया. शाह का तबादला न करके निर्वाचन आयोग के आदेश का भी पालन नहीं किया गया.

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सम्मानित हो चुके हैं शाह फैसल

रांची और खूंटी जिले के बोर्डर इलाके के दुलमी गांव के पास 18 अगस्त 2015 को नक्सलियों के खिलाफ पुलिस और सीआरपीएफ की ओर से ज्वाइंट ऑपरेशन चलाया गया था.

इस ऑपरेशन में एक जवान शहीद हो गये थे. जबकि रांची के तत्कालीन एसएसपी प्रभात कुमार को गोली लगी थी. इसके अलावा प्रभात कुमार के अंगरक्षक के रूप में कार्यरत शाह फैसल को भी जांघ में गोली लगी थी. तत्कालीन एसएसपी प्रभात कुमार, उनके अंगरक्षक शाह फैजल और शहीद जवान को इसके लिए सम्मानित किया गया था.

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