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कश्मीर के लोगों की आवाज दबाने से ज्यादा एंटी-नेशनल क्या हो सकता है : प्रियंका गांधी 

NewDelhi : कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने रविवार को कहा कि इससे ज्यादा राजनीतिक और एंटी-नेशनल क्या  हो सकता है कि आप राष्ट्रवाद के नाम पर कश्मीर के लोगों की आवाज दबा रहे हैं. उन्होंने इसे राष्ट्र-विरोधी कदम बताते हुए आरोप लगाया कि मोदी सरकार जम्मू-कश्मीर पर खुद राजनीति कर रही है, लेकिन इसका आरोप विपक्ष पर लगा रही है.

प्रियंका गांधी जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाये  जाने को लेकर यह बात कही. जान लें कि शनिवार को राहुल गांधी सहित विपक्ष  के सभी 12 नेताओं को श्रीनगर एयरपोर्ट से ही वापस भेज  दिया गया था. राहुल गांधी आर्टिकल 370 हटने के बाद कश्मीर में हालात का जायजा लेने और स्थानीय लोगों से मिलने जाना चाहते थे.

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जम्मू-कश्मीर में हालात समान्य हैं तो उन्हें क्यों रोका जा रहा है

प्रियंका गांधी ने इस पर  ट्वीट भी किया.  लिखा कि आखिर कब तक ऐसा चलते रहेगा? कश्मीर में राष्ट्रवाद के नाम पर लाखों लोगों की आवाज शांत की जा रही है. प्रियंका गांधी ने एक ट्विटर यूजर के ट्वीट री-ट्वीट करते हुए ऐसा लिखा. यूजर ने अपने ट्विटर से एक ऐसा वीडियो किया था जिसमें एक महिला फ्लाइट में राहुल गांधी से रो-रोकर कश्मीर में मौजूदा हालात के बारे में बता रही है.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधीका एक वीडियो इन दिनों वायरल हो रहा है जिसमें वह श्रीनगर एयरपोर्ट पर अधिकारियों से पूछ रहे हैं कि आखिर वह जम्मू-कश्मीर के लोगों से क्यों नहीं मिल सकते.

इस वीडियो में राहुल गांधी ने अधिकारियों से पूछा कि अगर जम्मू-कश्मीर में हालात समान्य हैं तो उन्हें क्यों रोका जा रहा है. वह अधिकारियों से यह भी कह रहे हैं कि हम यहां राज्यपाल के बुलावे पर आये हैं. हमारा मकसद सिर्फ अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद यहां के लोग से मिलकर च रहे हैं यह जानने भर का है. अगर आप चाहें तो हमें उन इलाकों में ही जाने की अनुमति दे दी जाये. जहां हालात समान्य हैं.

श्रीनगर एयरपोर्ट से वापस भेजा गया

राहुल गांधी को श्रीनगर एयरपोर्ट पर रोके जाने को लेकर कांग्रेस पार्टी ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा कि सरकार बार-बार कह रही है कि जम्मू-कश्मीर में स्थिति अब समान्य है. अगर वहां सब कुछ समान्य है तो हमें आखिर बाहर जाने से क्यों रोका जा रहा है. क्या राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने राहुल गांधी को राज्य में आकर हालात का जायजा लेने का न्योता नहीं दिया था.

जान लें कि   राहुल गांधी समेत विपक्ष के कई नेताओं को श्रीनगर एयरपोर्ट से वापस भेजा गया था. जिसके बाद दिल्ली वापस लौटने पर राहुल गांधी ने कहा था कि राज्य प्रशासन के इस कदम ने साबित कर दिया कि जम्मू-कश्मीर में कानून-व्यवस्था की स्थिति सामान्य नहीं है.

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