West Bengal

#WestBengal: पूर्व बर्धमान में पहला कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने से मचा हड़कंप, इलाके को किया गया सील

Burdwan: पश्चिम बंगाल के पूर्व बर्धमान जिले में रविवार को एक 40 वर्षीय युवक कोरोना पोजिटिव पाया गया है.  पूर्व बर्धमान जिले का यह पहला मामला सामने आया है. जिसको लेकर पूरे जिले में हड़कंप मचा हुआ है.

पूर्व बर्धमान के जिला शासक ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा है कि जिले में बाहर से आए कुल 20 लोगों को कोरेंटाइन पर रखा गया था और उनका ब्लड सेमपल जांच के लिए भेजा गया था.

जिसका रिपोर्ट आने के बाद पता चला है कि क्वारेंटाइन पर रह रहे उन 20 लोगों में से एक 40 वर्षीय युवक कोरोना पोजिटिव है.

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हालांकि इस खबर को सामने आते ही पूर्व बर्धमान के कई इलाकों को सील कर दिया गया है और उस युवक के परिजनों को भी क्वारेंटाइन में रखने की योजना बनाई जा रही है.

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साथ ही जिला प्रशासन युवक की तामम ट्रेवलिंग हिस्ट्री भी खंगाल रही है. वहीं यह भी पता लगाया जा रहा है की वो युवक यहाँ आने के बाद किन-किन लोगों के संपर्क में आया. तमाम जानकारियां इकट्ठा की जा रही है.

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भुखमरी के कारण बस कर्मचारियों ने किया सड़क जाम

बर्दवान जिले के कांकसा ब्लॉक के विद बिहार ग्राम पंचायत में रविवार को इलाके के बस कर्मचारियों ने भुखमरी की नौबत देखते हुए सरकार तथा स्थानीय प्रशासन के खिलाफ सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन जताया.

तृणमूल परिचालित विदबिहार ग्राम पंचायत इलाके के स्थानीय नेताओं की उदासीनता के खिलाफ स्थानीय बस कर्मचारियों ने आवाज बुलंद करते हुए साफ तौर पर आरोप लगाया है कि उन्हें दाने-दाने को मोहताज होना पड़ रहा है.

लॉक डाउन के कारण कामकाज बंद हो गया है. बस मालिक उन्हें वेतन नहीं दे रहे हैं. ऐसे में बस मालिकों के हाथ उठा देने से इन बस कर्मचारियों के सामने भूखों मरने की नौबत आन पड़ी है.

प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद मौके वारदात पर कांकसा थाना पुलिस पहुंचकर परिस्थिति को नियंत्रित की तथा विरोध जता रहे बस कर्मचारियों श्रमिकों को इस दिशा में उपयुक्त कार्रवाई करने का आश्वासन दिया. इसके बाद बस कर्मचारियों के सड़क अवरोध को हटाया.

बताया जाता है कि कांकसा शिवपुर जयदेव घाट से दर्जनों यात्री बस आसनसोल, दुर्गापुर, बांकुड़ा, बर्दवान व पानागढ़ आदि विभिन्न इलाकों के लिए आवागमन करती है.

ऐसे में उक्त बस कर्मचारियों का कहना है कि लॉक डाउन के बाद से उन लोगों को खाने तक को लाले पड़ने लगे हैं. किसी तरह 21 दिन लॉक डाउन काटा गया. अब बस मालिकों का साफ कहना है कि बस नहीं चलने से वह लोग वेतन नहीं दे पायेंगे.

स्थानीय पंचायत सदस्य बापी रूईदास का कहना है कि बस कर्मचारियों के संबंध में जानकारी मिली है. जल्द ही खाद्य सामग्री मुहैया कराया जायेगा.

पश्चिम बर्दवान जिला परिषद उपाध्यक्ष समीर विश्वास ने बताया कि हाल ही में इलाके में तथा ब्लाक के विभिन्न पंचायत क्षेत्रों में राशन वितरण कार्य को उन्होंने स्वयं देखा था. उस वक्त इस तरह का मामला सामने नहीं आया था. अचानक आज यह मामला सामने आया है. पीड़ितों को खाद्य सामग्री जल्द ही मुहैया कराया जायेगा.

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