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पश्चिमी सिंहभूम: सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में टेली कॉन्फ्रेंसिंग से उपलब्ध करवायी जा रही चिकित्सा सुविधा

Chaibasa : झारखंड ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन समिति से प्राप्त निर्देश के अनुसार जिले के 6 स्वास्थ्य केंद्रों पर “टेलीमेडिसिन डिजिटल डिस्पेंसरी” स्थापित की गयी है. इसमें बडा़जामदा स्थित जेटिया एवं नोवामुंडी, मनोहरपुर के जराइकेला, आनंदपुर, जगन्नाथपुर के जैंतगढ़ तथा सोनुवा के खाड़ीमाटी स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं.

इन डिजिटल डिस्पेंसरी में हैदराबाद या चेन्नई में बैठे डॉक्टर और विशेषज्ञ की एक पूरी टीम रविवार और राष्ट्रीय छुट्टी के दिन को छोड़कर प्रतिदिन 10:00 से 4:00 तक स्त्री रोग, बाल रोग, सामान्य चिकित्सा, त्वचा विज्ञान से संबंधित चिकित्सा सेवाएं प्रदान करती है.

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20 फरवरी से चल रही सेवा

जिले में इन केंद्रों का संचालन सरकार से लेटर ऑफ अवार्ड प्राप्त संस्था मैसर्स अपोलो हॉस्पिटल इंटरप्राइजेज लिमिटेड के द्वारा विगत 20 फरवरी 2019 से किया जा रहा है. विशेषकर इस कोरोनावायरस संक्रमण के संकट काल में आमजनों को स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध करवाने के लिए इस माध्यम से लगातार सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में ओपीडी संचालित किया जाता रहा है.

इसके साथ ही डिजिटल औषधालयों से भी ग्रामीण लोगों को चिकित्सा सेवा देने का कार्य किया जा रहा है. जिले में केंद्र के संचालन तिथि से अब तक 7,678 महिला 5,255 पुरुष सहित स्कूल 12,933 व्यक्ति (कुल संख्या में 3,043 बच्चे भी शामिल हैं) इससे लाभान्वित हो चुके हैं. मौजूदा कोरोनावायरस संक्रमण के इस संकट काल में इस माध्यम से संचालित ओपीडी के द्वारा कुल 1,074 महिला तथा 726 पुरुष सहित 1,800 ग्रामीण लाभान्वित हुए हैं.

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एएनएम और लैब टेक्निशियन मौजूद

प्रत्येक डिजिटल डिस्पेंसरी में एक सहायक एएनएम और एक लैब टेक्नीशियन की प्रतिनियुक्ति की गयी है, जहां रोगी के पंजीकरण के बाद इनके द्वारा रोगी की ऊंचाई, वजन, रक्तचाप, शर्करा स्तर, शरीर के तापमान आदि जैसी महत्वपूर्ण परीक्षण किया जाता है.

इसके साथ ही यहां पर आने वाले रोगी डिजिटल डिस्पेंसरियों से दवाओं का लाभ भी उठा सकते हैं जहां 60 प्रकार के सामान्य जेनेरिक दवाएं संग्रहित की गयी हैं तथा इसके अलावा रोगियों के लिये मलेरिया, टाइफाइड, डेंगू, हीमोग्लोबिन, मूत्र विश्लेषण और टेलीमेडिसिन केंद्रों में गर्भावस्था के लिए भी परीक्षण की व्यवस्था उपलब्ध है.

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