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पश्चिम घोड़ाबांधा पंचायत शौचालय घोटाला के अभियुक्तों की जमानत याचिका खारिज, भाजपा नेता अंकित आनंद ने की गिरफ्तारी की मांग

Jamshedpur : पश्चिम घोड़ाबांधा पंचायत में हुए चर्चित शौचालय घोटाला मामले में अभियुक्त जल सहिया पूनम सिन्हा और उनके पति दीपक सिन्हा की जमानत याचिका रद्द हो गयी है. भाजपा नेता पंकज मिश्रा द्वारा कोर्ट में शिकायतवाद दायर करने के बाद दो साल पहले टेल्को थाना में इस संबंध में मामला दर्ज किया गया था. इस मामले में हाल ही में अभियुक्तों ने पंचायत चुनाव की सुगबुगाहट देखते हुए अपने वकील के मार्फत सीजेएम कोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की थी. जिला न्यायालय में उनकी जमानत याचिका संख्या 1216/2021 पर सुनवाई करते हुए वेकेशन जज ने जमानत के आवेदन को अस्वीकृत कर दिया. अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए भाजपा के पूर्व जिला प्रवक्ता अंकित आनंद ने जिला प्रशासन से कार्रवाई का आग्रह किया है.

यह है मामला

मालूम हो कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत पश्चिम घोड़ाबांधा पंचायत में वर्ष 2017 के दौरान 50 शौचालय निर्माण के लिए 6 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत हुई थी. इसके निर्माण में अनियमितता और फर्जीवाड़े को लेकर स्थानीय आरटीआई कार्यकर्ता रविशंकर पांडेय और भाजपा नेता अंकित आनंद, पंकज मिश्रा सहित अन्य ने विरोध जताया था. पंचायत के मुखिया बिजय हांसदा, पंचायत सचिव मानस पाल, जल सहिया पूनम सिन्हा और उनके पति दीपक सिन्हा पर सरकारी पैसों के गबन, फर्ज़ी हस्ताक्षर कर के राशि निकासी और घोटाला करने का आरोप है. इस प्रकरण में तब मुख्यमंत्री जनसंवाद केंद्र में भी शिकायत दर्ज़ हुई थी लेकिन तत्कालीन बीडीओ ने अभियुक्तों के बचाव में गलत और भ्रामक जानकारी देते हुए क्लीनचिट दे दी थी. बाद में भाजपा नेता अंकित आनंद, विमल बैठा, पंकज मिश्रा और आरटीआई कार्यकर्ता सह अधिवक्ता रविशंकर पांडेय के विरोध के बाद इस मामले की जांच हुई थी. तब बीडीओ ने शौचालय लाभुकों के घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन किया था. लगभग 9 शौचालय निर्माण में फर्जीवाड़ा और राशि गबन की बात उज़ागर हुई थी. वहीं पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता की जांच रिपोर्ट के अनुसार इस गबन से लगभग 93175 रुपये सरकारी राजस्व का नुकसान हुई है. इस धनराशि को अभियुक्तों से वसूली कर सरकारी खजाने में जमा करने का निर्देश भी पूर्व में दिया जा चुका है.

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मुखिया और पंचायत सचिव को जमानत, दो की ख़ारिज

इस मामले में पश्चिमी घोड़ाबांधा पंचायत के मुखिया बिजय हांसदा और पंचायत सचिव मानस पॉल को एक माह पहले ही में सीजेएम कोर्ट से जमानत मिल चुकी है. वहीं इस गबन के अन्य अभियुक्त जल सहिया पूनम सिन्हा और उनके पति दीपक सिन्हा की जमानत अर्जी सीजेएम न्यायालय ने खारिज कर दी है. जमानत नहीं मिलने के बाद अब उन पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है।

भाजपा नेता अंकित आनंद ने की गिरफ्तारी की मांग

पूनम सिन्हा और दीपक सिन्हा की जमानत अर्जी खारिज़ होने के बाद बीजेपी नेता अंकित आनंद ने ट्वीट के मार्फत पुलिस मुख्यालय से इस प्रकरण में लिप्त दोषियों की गिरफ्तारी की मांग उठायी है. भाजपा नेता ने एसएसपी, प्रभारी सिटी डीएसपी और टेल्को थाना प्रभारी से भी उचित संज्ञान लेकर कार्रवाई का अनुरोध किया है.

अबतक नहीं बने अधूरे शौचालय

शौचालय घोटाला का पर्दाफाश करने वाले ग्रामीणों की स्थिति यथावत बनी हुई है. आजतक उन्हें स्वच्छ भारत योजना के तहत सरकारी शौचालय निर्माण की न तो राशि आवंटित हुई और ना ही पंचायत स्तर से निर्माण कराया गया. अंकित आनंद और पंकज मिश्रा जल्द ही जिला प्रशासन को वैसे लाभुकों की सूची मुहैया करायेंगे, जो आजतक शौचालय के लाभ से वंचित हैं.

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