West Bengal

पश्चिम बंगाल : ममता के विधायकों के बगावती स्वर …क्या हमें राजनीति प्रशांत किशोर से सीखनी पड़ेगी?

टीएमसी नेता खुलकर कह रहे हैं कि हमें क्या राजनीति प्रशांत किशोर से सीखने की जरूरत है?टीएमसी के कद्दावर नेता शुभेंदु अधिकारी पहले ही अपने बगावती तेवर दिखा चुके हैं.

Kolkata :   रणनीतिकार प्रशांत किशोर को  लेकर तृणमूल कांग्रेस   में भारी खटपट है. टीएमसी  नेताओं में नाराजगी बढ़ती जा रहप है. अब टीएमसी नेता खुलकर कह रहे हैं कि हमें क्या राजनीति प्रशांत किशोर से सीखने की जरूरत है?  उनका कहना है कि यदि पश्चिम बंगाल में टीएमसी को नुकसान होता है,  तो इसकी जिम्मेवारी सिर्फ प्रशांत किशोर पर ही होगी. टीएमसी के कद्दावर नेता शुभेंदु अधिकारी पहले ही अपने बगावती तेवर दिखा चुके हैं.

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पश्चिम बंगाल की 42 में से 18 सीटें भाजपा  ने जीती थी

याद करें कि  पिछले साल हुए लोकसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल की 42 में से 18 सीटें भाजपा  ने जीती थी.  इसके बाद ममता बनर्जी ने प्रशांत किशोर का साथ लिया. खबर है कि प्रशांत  ममता के भतीजे और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी के साथ मिलकर काम कर रहे हैं. इतना ही नहीं पार्टी में प्रशांत का कद बढ़ गया है. सांगठनिक फैसले भी उनकी अनुशंसा पर हो रहे हैं.

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क्या टीएमसी सचमुच  ममता बनर्जी  की पार्टी है?

जान लें कि पब्लिक मीटिंग में तृणमूल कांग्रेस   के विधायक नियामत शेख खुलेआम यह सब कह रहे हैं.  बता दें कि कूचबिहार के विधायक मिहिर गोस्वामी भी प्रशांत किशोर से नाराज हैं. अपना गुस्सा गोस्वामी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर निकालते हैं कि  क्या टीएमसी सचमुच  ममता बनर्जी  की पार्टी है? उनका आरोप है कि  इस पार्टी को किसी कॉन्ट्रैक्टर के हाथ में सौंप दिया गया है. जान लें कि बंगाल में  चुनाव से पहले टीएमसी में जारी खटपट ममता बनर्जी के लिए बहुत बड़ा झटका है.

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आप जी-हुजूरी करिये या फिर पार्टी छोड़ दीजिए

अपनी सभी सांगठनिक जिम्मेदारियां छोड़ चुके विधायक गोस्वामी का कहना है कि उन्होंने 1989 से तमाम विपरित परिस्थितियों और परेशानियों का सामना करने के बावजूद टीएमसी को कभी नहीं छोड़ा. ऐसा केवल दीदी की वजह से किया, लेकिन अब पार्टी बदल गयी है आरोप लगाया कि आप जी-हुजूरी करिये या फिर पार्टी छोड़ दीजिए. एक अन्य विधायक जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया  गोस्वामी की बातों से सहमत हैं.

बता दें कि मुर्शिदाबाद के हरिहरपारा से टीएमसी विधायक नियामत शेख ने रविवार को एक रैली में सीधे प्रशांत किशोर को निशाना बनाया. कहा कि परेशानियों के मूल में प्रशांत किशोर हैं. कहा कि शुभेंदु अधिकारी ने मुर्शिदाबाद में पार्टी को मजबूत किया. और अब उनसे बात करने वाले नेताओं पर ऐक्शन लिया जा रहा है.

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